Loksabha Election 2024: चुनाव तारीखों के एलान के साथ सियासी पारा उफान पर, जानिए खीरी सीट के समीकरण
भाजपा से धौरहरा और खीरी संसदीय सीट पर फिर से रेखा वर्मा और अजय मिश्र टेनी को उम्मीदवार बनाया गया है। लगातार दो बार जीत चुके इन दोनों प्रत्याशियों को राम मंदिर मुद्दे चलते फिर जीत की तलाश है। वहीं, विपक्ष जातीय समीकरणों की गोलबंदी से जीत की राह देख रहा है।
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लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही सियासी पारा उफान पर है। प्रत्याशियों समेत सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ गई हैं। भाजपा प्रत्याशियों को जहां एक बार फिर से जीत का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष जातीय समीकरणों के सहारे जीत की तलाश में है।
कुछ दिन पहले भाजपा से धौरहरा और खीरी संसदीय सीट पर तीसरी बार रेखा वर्मा और अजय मिश्र टेनी को उम्मीदवार बनाया है। लगातार दो बार जीत चुके इन दोनों प्रत्याशियों को राम मंदिर मुद्दे और मोदी फैक्टर के चलते फिर जीत की तलाश है। वहीं, विपक्ष जातीय समीकरणों की गोलबंदी से जीत की राह देख रहा है।
भाजपा के ही लोगों में दबी जुबान चर्चा है कि प्रत्याशियों का तो विरोध है, लेकिन वोट सारा मोदी के नाम पर पड़ेगा। उधर, विपक्ष एंटी इनकंबेंसी और भाजपा के अंदरूनी विरोध का लाभ तकते हुए स्थानीय समीकरणों के हिसाब से जीत की उम्मीद कर रही है।
सपा ने घोषित किए प्रत्याशी, बसपा का औपचारिक एलान बाकी
सपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत धौरहरा से आनंद भदौरिया जबकि खीरी से उत्कर्ष वर्मा को उतारा गया है। आनंद भदौरिया 2014 का चुनाव धौरहरा से ही लड़ चुके हैं, लेकिन जीत नहीं सके थे। वह एक बार फिर से भाग्य आजमाने की कोशिश में हैं। वहीं, उत्कर्ष वर्मा पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
वह 2012 में सपा के विधायक रहे थे। 2017 और 2022 का चुनाव हार गए थे। उधर, बसपा में चर्चा है कि भाजपा छोड़कर आए श्यामकिशोर अवस्थी को धौरहरा से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। कुल मिलाकर जिले में अभी तक आमने-सामने सिर्फ भाजपा और सपा-कांग्रेस ही है।
धौरहरा संसदीय सीट पर अनुमानित जातीय वोटर
ब्राह्मण मतदाता- 325000
मुस्लिम मतदाता- 250000
कुर्मी मतदाता- 160000
पासी,जाटव, आदि एससी- 310000
यादव, कुशवाहा, मौर्य आदि- 275000
क्षत्रिय मतदाता- 130000
वैश्य - 95000
अन्य- 168900
कुल- 1713900
(आंकड़े अनुमानित)