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रिमझिम बारिश से फिर छूटी कंपकंपी
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 27 Jan 2017 11:22 PM IST
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बारिश
- फोटो : अमर उजाला
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शीतकालीन बारिश से फसलों को हुआ फायदा, शहर में कहीं जलभराव तो कहीं कीचड़ से हुई परेशानी
जिले में शीतलहर का कहर थमने के बाद गुरुवार की रात से बारिश शुरू हो गई। आधी रात के बाद से शुरू हुई वर्षा शुक्रवार को भी दिन भर जारी रही। हालांकि दोपहर में कुछ देर के लिए धूप भी निकली। गुरुवार की रात और शुक्रवार को हुई तेज बारिश से फसलों को काफी फायदा पहुंचा है।
शीत लहर थमने के बाद पिछले चार दिनों से पारा चढ़ना शुरू हो गया था। इस बीच गुरुवार शाम आसमान में बादल घिर आए। आधी रात के बाद तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला सुबह से लेकर शाम तक जारी रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली इसके बाद फिर वर्षा शुरू हो गई।
वर्षा से गेहूं, चना, मटर और मसूर आदि की फसलों को फायदा पहुंचा है। जबकि लाही, सरसों आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस बारिश से जहां किसानों ने राहत की सांस ली है वहीं शहरी इलाकों में कहीं जलभराव तो कहीं कीचड़ हो जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव प्रचार में भी रुकावट आई है।
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बांकेगंज, मैलानी, धौरहरा, गोला गोकर्णनाथ, ममरी, रजागंज, अमीरनगर प्रतिनिधियों का कहना है कि किसानों में कहीं खुशी-कहीं गम की स्थिति है। वहीं बिजुआ प्रतिनिधि के अनुसार वर्षा से गांवों में सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। गुलरिया से रूद्रपुर जाने वाले डामर रोड पर तो पैदल निकला मुश्किल है।
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जिले में शीतलहर का कहर थमने के बाद गुरुवार की रात से बारिश शुरू हो गई। आधी रात के बाद से शुरू हुई वर्षा शुक्रवार को भी दिन भर जारी रही। हालांकि दोपहर में कुछ देर के लिए धूप भी निकली। गुरुवार की रात और शुक्रवार को हुई तेज बारिश से फसलों को काफी फायदा पहुंचा है।
शीत लहर थमने के बाद पिछले चार दिनों से पारा चढ़ना शुरू हो गया था। इस बीच गुरुवार शाम आसमान में बादल घिर आए। आधी रात के बाद तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला सुबह से लेकर शाम तक जारी रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली इसके बाद फिर वर्षा शुरू हो गई।
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वर्षा से गेहूं, चना, मटर और मसूर आदि की फसलों को फायदा पहुंचा है। जबकि लाही, सरसों आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस बारिश से जहां किसानों ने राहत की सांस ली है वहीं शहरी इलाकों में कहीं जलभराव तो कहीं कीचड़ हो जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव प्रचार में भी रुकावट आई है।
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बांकेगंज, मैलानी, धौरहरा, गोला गोकर्णनाथ, ममरी, रजागंज, अमीरनगर प्रतिनिधियों का कहना है कि किसानों में कहीं खुशी-कहीं गम की स्थिति है। वहीं बिजुआ प्रतिनिधि के अनुसार वर्षा से गांवों में सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। गुलरिया से रूद्रपुर जाने वाले डामर रोड पर तो पैदल निकला मुश्किल है।