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Lakhimpur Kheri News: तीन डिग्री बढ़ा न्यूनतम तापमान... ठंड से राहत फिर भी नहीं
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मौसम। सर्दी से बचने के लिए लोग घरों से बाहर कुछ इस तरह से निकले। संवाद
लखीमपुर खीरी। पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर में सुबह साढ़े आठ बजे तक कोहरा कम नहीं हुआ। ग्रामीण इलाकों का हाल तो और भी बुरा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री चढ़कर 11 पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा।
न्यूनतम तापमान बढ़ने के बाद भी ठंड से किसी तरह की राहत नहीं मिली। दोपहर करीब एक बजे के बाद सूर्य देवता ने दर्शन तो दिए लेकिन सर्दी के आगे धूप बेअसर रही। फिलहाल ठंड से बचाव को लेकर नगर पालिका ने कई जगहों पर अलाव और रैनबसेरे की व्यवस्था की है।
उधर, तिकुनियां में बॉर्डर इलाके में एक दिन जलने के बाद अलाव बंद हो गए। कस्बे में प्राइवेट बस स्टैंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन चौराहा आदि प्रमुख स्थान पर हर वर्ष अलाव जलते थे। इस साल केवल दो दिन ही अलाव जले। रैन बसेरा न होने की वजह से भी मुसाफिरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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तहसीलदार भीमचंद ने बताया कि अलाव नहीं जले हैं, तो उसकी जांच कराई जाएगी। रैन बसेरे के लिए प्रधान से कहा गया है। अगर रैन बसेरा नहीं बना तो प्रधान से पूछताछ की जाएगी।
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न्यूनतम तापमान बढ़ने के बाद भी ठंड से किसी तरह की राहत नहीं मिली। दोपहर करीब एक बजे के बाद सूर्य देवता ने दर्शन तो दिए लेकिन सर्दी के आगे धूप बेअसर रही। फिलहाल ठंड से बचाव को लेकर नगर पालिका ने कई जगहों पर अलाव और रैनबसेरे की व्यवस्था की है।
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उधर, तिकुनियां में बॉर्डर इलाके में एक दिन जलने के बाद अलाव बंद हो गए। कस्बे में प्राइवेट बस स्टैंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन चौराहा आदि प्रमुख स्थान पर हर वर्ष अलाव जलते थे। इस साल केवल दो दिन ही अलाव जले। रैन बसेरा न होने की वजह से भी मुसाफिरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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तहसीलदार भीमचंद ने बताया कि अलाव नहीं जले हैं, तो उसकी जांच कराई जाएगी। रैन बसेरे के लिए प्रधान से कहा गया है। अगर रैन बसेरा नहीं बना तो प्रधान से पूछताछ की जाएगी।