{"_id":"fc802faee1387bc1b0f3d92bf04b8189","slug":"manrega-sau-vyaktigat-shaushalya-bannane-ko-hari-jhandi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा से व्यक्तिगत शौचालय बनाने को हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा से व्यक्तिगत शौचालय बनाने को हरी झंडी
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 03 Feb 2015 06:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही मुहिम को गति देने के लिए अब मनरेगा को भी जोड़ दिया गया है। केंद्र सरकार ने मनरेगा से भी व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के फैसले को हरी झंडी दिखा दी है, जिसके क्रम में प्रदेश शासन ने भी समय सारणी जारी कर दी है। इसके तहत ग्राम पंचायतवार लाभार्थी चिह्नित कर वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के आदेश दिए गए हैैं।
मनरेगा योजना के तहत स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके पश्चात ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों को चयनित करते हुए व्यक्तिगत शौचालयों की संख्या का निर्धारण किया जाएगा। ब्लाक स्तर पर बीडीओ सैनेटरी मेट्स का चिह्नांकन और प्रशिक्षण कराएंगे, जिसके लिए 15 फरवरी तक समय दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए कार्ययोजना भी इसी दौरान तय की जाएगी। व्यक्तिगत शौचालयोें के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए 31 मार्च 2015 तक समय सीमा निर्धारित है, जिसके बाद एक अप्रैल से निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाना है। वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 25 फीसदी कार्य 30 जून तक पूर्ण कराया जाएगा। जबकि 30 सितंबर 2015 तक 50 फीसदी कार्य पूरा कराने के निर्देश हैं। खास यह है कि 31 दिसंबर 2015 तक शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लेबर और सामग्री अनुपात मेंटेन करना चुनौती
मनरेगा के तहत स्वच्छ भारत मिशन को गति देने की कवायद में पेच भी फस रहा है, जो अधिकारियों को उलझा सकता है। मनरेगा गाइड लाइन के मुताबिक लेबर और सामग्री का अनुपात (60:40) निर्धारित है। जबकि शौचालय निर्माण में सामग्री पर लागत ज्यादा आएगी। लिहाजा अनुपात को संतुलित करने के लिए भी अधिकारियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
--
स्वच्छ भारत मिशन में बजट की उपलब्धता कम होने से तमाम गांवों में शौचालय निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा था। अब मनरेगा से शौचालय निर्माण कराने से कार्यक्रम में तेजी आएगी।
-नितीश कुमार, सीडीओ
विज्ञापन
मनरेगा योजना के तहत स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके पश्चात ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों को चयनित करते हुए व्यक्तिगत शौचालयों की संख्या का निर्धारण किया जाएगा। ब्लाक स्तर पर बीडीओ सैनेटरी मेट्स का चिह्नांकन और प्रशिक्षण कराएंगे, जिसके लिए 15 फरवरी तक समय दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए कार्ययोजना भी इसी दौरान तय की जाएगी। व्यक्तिगत शौचालयोें के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए 31 मार्च 2015 तक समय सीमा निर्धारित है, जिसके बाद एक अप्रैल से निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाना है। वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 25 फीसदी कार्य 30 जून तक पूर्ण कराया जाएगा। जबकि 30 सितंबर 2015 तक 50 फीसदी कार्य पूरा कराने के निर्देश हैं। खास यह है कि 31 दिसंबर 2015 तक शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
लेबर और सामग्री अनुपात मेंटेन करना चुनौती
मनरेगा के तहत स्वच्छ भारत मिशन को गति देने की कवायद में पेच भी फस रहा है, जो अधिकारियों को उलझा सकता है। मनरेगा गाइड लाइन के मुताबिक लेबर और सामग्री का अनुपात (60:40) निर्धारित है। जबकि शौचालय निर्माण में सामग्री पर लागत ज्यादा आएगी। लिहाजा अनुपात को संतुलित करने के लिए भी अधिकारियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
--
स्वच्छ भारत मिशन में बजट की उपलब्धता कम होने से तमाम गांवों में शौचालय निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा था। अब मनरेगा से शौचालय निर्माण कराने से कार्यक्रम में तेजी आएगी।
-नितीश कुमार, सीडीओ