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Lakhimpur Kheri News: शब्दों से खेलते हुए अंग्रेजी सीखेंगे बच्चे
Sun, 10 May 2026 12:30 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 10 May 2026 12:30 AM IST
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पलिया के पूज्य ठक्कर बापा आश्रम में पढ़ाई के आधुनिक गुर सीखती शिक्षिकाएं। स्रोत: संस्था
पलियाकलां। अब अंग्रेजी की पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। बच्चों को खेल, कहानी, गीत और आसपास की चीजों के जरिये भाषा सिखाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से शनिवार को बालिका शिक्षा केंद्रों की शिक्षिकाओं को गतिविधि आधारित शिक्षण के तरीके बताए गए।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन शिक्षिकाओं को यह समझाया गया कि छोटे बच्चों को भाषा सिखाने के लिए पढ़ाई को रोचक बनाना जरूरी है। प्रशिक्षण में बताया गया कि अगर बच्चे खेल-खेल में शब्दों को पहचानेंगे और बोलेंगे तो उनकी सीखने की क्षमता तेजी से बढ़ेगी।
वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी फरहान अमीर ने साउंड सॉन्ग और गतिविधियों के माध्यम से एबीसीडी अक्षरों की पहचान कराने और जानवरों के नाम याद कराने के आसान तरीके बताए। उन्होंने कहा कि हाव-भाव और कविताओं के जरिए पढ़ाने से बच्चे जल्दी सीखते हैं और कक्षा में रुचि भी बनाए रखते हैं।
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प्रोजेक्ट इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह ने शिक्षिकाओं को कक्षा और आसपास मौजूद वस्तुओं से बच्चों का अंग्रेजी शब्दकोष बढ़ाने का अभ्यास कराया। वहीं प्रशिक्षण अधिकारी सुरेंद्र कुमार मिश्र ने सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना जैसे भाषा के मूल कौशल को मजबूत करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में द्विभाषी कहानी, शब्दों से वाक्य बनाना और फॉर्मल-इन्फॉर्मल पत्र लेखन जैसी गतिविधियों का अभ्यास भी कराया गया। इस दौरान पर्यवेक्षक अनिल कुमार, आसिफ अली, विकास कुमार, नेहा तिवारी सहित 58 बालिका शिक्षा केंद्रों की शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
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पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन शिक्षिकाओं को यह समझाया गया कि छोटे बच्चों को भाषा सिखाने के लिए पढ़ाई को रोचक बनाना जरूरी है। प्रशिक्षण में बताया गया कि अगर बच्चे खेल-खेल में शब्दों को पहचानेंगे और बोलेंगे तो उनकी सीखने की क्षमता तेजी से बढ़ेगी।
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वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी फरहान अमीर ने साउंड सॉन्ग और गतिविधियों के माध्यम से एबीसीडी अक्षरों की पहचान कराने और जानवरों के नाम याद कराने के आसान तरीके बताए। उन्होंने कहा कि हाव-भाव और कविताओं के जरिए पढ़ाने से बच्चे जल्दी सीखते हैं और कक्षा में रुचि भी बनाए रखते हैं।
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प्रोजेक्ट इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह ने शिक्षिकाओं को कक्षा और आसपास मौजूद वस्तुओं से बच्चों का अंग्रेजी शब्दकोष बढ़ाने का अभ्यास कराया। वहीं प्रशिक्षण अधिकारी सुरेंद्र कुमार मिश्र ने सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना जैसे भाषा के मूल कौशल को मजबूत करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में द्विभाषी कहानी, शब्दों से वाक्य बनाना और फॉर्मल-इन्फॉर्मल पत्र लेखन जैसी गतिविधियों का अभ्यास भी कराया गया। इस दौरान पर्यवेक्षक अनिल कुमार, आसिफ अली, विकास कुमार, नेहा तिवारी सहित 58 बालिका शिक्षा केंद्रों की शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।