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बीते 20 साल में कांग्रेस के आधे से ज्यादा घटे वोट, इस बार करा डाली जमानत जब्त

Sun, 13 Mar 2022 11:38 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2022 11:38 PM IST
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In the last 20 years, more than half of the votes of Congress have been reduced, this time the bail has been forfeited.
neta - फोटो : amar ujala
2002 में मिले थे 44,837 वोट, 2022 में रह गए 21,341 वोट
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पसगवां से तिकुनिया कांड तक राहुल-प्रियंका ने किया था दौरा
लखीमपुर खीरी। देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी रह चुकी कांग्रेस इस वक्त जहां काफी मुश्किल में है, वहीं पिछले 20 सालों में कांग्रेस की जिले में हालत सबसे ज्यादा खराब हुई है। समाजवादी पार्टी यहां एक भी सीट भले ही न जीती हो, लेकिन उसका वोट पिछले चुनाव की अपेक्षा दो लाख से ज्यादा बढ़ा है। उधर, बसपा ने चुनाव न लड़कर भाजपा का ही सहयोग किया, लेकिन पसगवां से तिकुनिया कांड तक भाजपा से सीधी टक्कर लेने वाली कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार पिछले 20 सालों के इतिहास में सबसे खराब रहा।
पिछले साल पसगवां से लेकर तिकुनिया कांड तक प्रियंका वाड्रा, राहुल गांधी, पंजाब और छत्तीसगढ़ के सीएम तक ने यहां दौरे किए और माहौल अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की। बावजूद इसके उन्हें कोई कामयाबी नहीं मिली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने खुद पिछले साल दो महीने के अंदर तीन दौरे किए थे, लेकिन उसका असर वोटों में तब्दील नहीं हो सका। यहां तक की पसगवां कांड की पीड़ित रितु सिंह को उन्होंने सपा से तोड़कर मोहम्मदी से प्रत्याशी बनाया, लेकिन रितु सिंह समेत आठों प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई, जिसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल भी शामिल हैं।
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पिछले चार विधानसभा चुनावों पर नजर डालें तो 2002 में कांग्रेस को जिले में कुल 44,837 वोट मिले। 2007 के चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर 56,613 वोटों तक पहुंच गया। 2012 के चुनाव में कांग्रेस ने पूरे जिले में अच्छी खासी बढ़त बनाते हुए 2007 के चुनाव से चार गुने के करीब पहुंचते हुए 1,98,275 वोट हासिल किए, लेकिन 2017 की मोदी लहर में यह गिरकर 1,07,923 वोटों तक पहुंच गया। वहीं सपा से गठबंधन के बाद इस चुनाव में सिर्फ दो ही उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन 2022 में जिले में कांग्रेस का यह हाल हुआ कि उसे चुनाव में कुल वैध मतों का 10 फीसदी वोट तक हासिल नहीं हुआ और आठों प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। (संवाद)
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साल- कुल मिले वोट
2002- 44,837
2007- 56613
2012- 198275
2021- 21,341
लगातार गिरा कांग्रेस का जनाधार
कांग्रेस का यह पिछले 20 सालों में सबसे खराब प्रदर्शन है। इन 20 सालों में उसका वोट बैंक इस कदर घटा है कि 20 साल बाद वह आधे से भी कम रह गया है। 20 साल पहले 2002 में कांग्रेस जहां 44,837 वोट पर थी, इस बार उसके आधे तक भी नहीं पहुंच सकी है। इस बार महज कुल 21,341 ही हासिल कर सकी है।

जब मतदाता को गुमराह करने में पूरी सरकारी मशीनरी और अन्य राजनीतिक पार्टियां लग जाएं, तो कैडर वोट का भी छिटकना स्वाभाविक है। ध्रुवीकरण की वजह से भी कांग्रेस को नुकसान हुआ। पूरी ईमानदारी और मेहनत से लड़े, लेकिन वोटर के मन में सरकारी मशीनरी के जरिये डर और लालच भरा गया, जिसका नुकसान हुआ। सपा, बसपा खत्म हो चुकी है, आगे हम फिर आएंगे और भाजपा के खिलाफ लड़कर जीतेंगे। मैं इस वक्त समीक्षा बैठक के लिए लखनऊ में हूं।
- प्रहलाद पटेल, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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