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Lakhimpur Kheri News: कटान की जद में आए घर, लहरों के शोर ने उड़ाई नींद
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बिजुआ में शारदा नदी से हो रहा कटान। संवाद
- फोटो : सिरसा के जनता भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते डॉ. अजय चौटाला। संवाद
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बिजुआ। शारदा नदी के कटान ने बेलहा सिकटिहा गांव के ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। बुधवार को गांव के करीब 25 घरों के पास नदी की धार पहुंच गई है। नदी और इन घरों के बीच का फासला सिर्फ चार से पांच मीटर ही बचा है। नदी की लहरों के शोर से डरे-सहमे ग्रामीणों ने अब सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है।
जलस्तर कम होते ही शारदा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। बेलहा सिकटिहा गांव के ग्रामीणों की करीब 35 से 40 एकड़ जमीन निगल ली। देवी स्थान और पीपल का पेड़ भी कटान में समा गया। अब नदी का रुख गांव की ओर है। ग्रामीणों के घर नदी के निशाने पर आ गए हैं। घर से बमुश्किल पांच मीटर दूर बह रही नदी ने किसानों के दिन का चैन और रात की नींद छीन ली है।
घर कब नदी में समा जाए, यह सोचकर ग्रामीणाें की आंखें नम हैं। खेत और घर गंवाने के बाद परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, परिवार के साथ कहां गुजर-बसर करेंगे... यह सवाल ग्रामीणों को सोने नहीं दे रहा। हालांकि बाढ़ खंड ने बचाव कार्य तेज कर दिया है।
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इन ग्रामीणों के घर खतरे में
मातादीन, रामलखन, रामशंकर, अनूप पुत्र आसाराम, आसाराम पुत्र बटेश्वर, अंकित, उत्तम, लवकुश, निवासा पत्नी लक्ष्मीराम, गुड्डी देवी पत्नी सुरेश, धनीराम, मलिखान, हीरालाल, शंभू, अनिल, सोवरन, सोहन, शारदा, सर्वेश, जय प्रकाश, अवधराम, छत्रपाल, पृथ्वीपाल, दिनेश, कमलेश, ब्रजकिशोर, राम मूर्ति आदि ग्रामीणों के घरों के पास कटान हो रहा है।
सुरक्षित स्थानों पर जा रहे ग्रामीण
नदी की कटान से सहमे ग्रामीणों ने अब पलायन शुरू कर दिया है। घरों से जरूरी सामान निकालकर ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। सुबह से शाम तक कई ग्रामीण घर-गृहस्थी का सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाते दिखे। हालांकि शारदा नदी का जलस्तर अब स्थिर है। नायब तहसीलदार गोला सर्वेश कुमार यादव, लेखपाल अमन सत्यार्थी व प्रधान नैपाली राम ने पीड़ितों को 300 बाढ़ राहत किट वितरित कीं।
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अमर उजाला इंपैक्ट
कटान रोकने की कवायद तेज, रोड़े भरकर लगाए जा रहे बंबूक्रेट
बेलहा सिकटिहा गांव में कटान की खबर छपने पर दौड़े अफसर
बिजुआ। शारदा नदी की कटान में समा रहे बेलहा सिकटिहा गांव के ग्रामीणों के घर और खेत की खबर प्रकाशित होने पर अफसर हरकत में आए हैं। गांव को कटान से बचाने की कवायद तेज हो गई। बंबूक्रेट बनाकर और उनमें रोड़ा भरकर लगाया जा रहा है। बाढ़ खंड ने रात के समय भी बचाव कार्य जारी रखने का दावा किया है।
गांव बेलहा सिकटिहा में घर, खेत, देवी स्थान और पीपल के पेड़ नदी में समा गए। अमर उजाला ने इस खबर को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। बुधवार को बाढ़ खंड के जेई कुंदनलाल व हरीश वर्मा मौके पर बचाव कार्य कराया। बताया कि बंबूक्रेट में रोड़ा भरकर नदी में डालने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ट्रॉलियां रोड़े लेकर आ रही हैं। जेनरेटर की व्यवस्था की गई है। कटान से बचाव का कार्य रात में भी जारी रहेगा। गांव को बचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। संवाद
जलस्तर कम होते ही शारदा नदी ने कटान शुरू कर दिया है। बेलहा सिकटिहा गांव के ग्रामीणों की करीब 35 से 40 एकड़ जमीन निगल ली। देवी स्थान और पीपल का पेड़ भी कटान में समा गया। अब नदी का रुख गांव की ओर है। ग्रामीणों के घर नदी के निशाने पर आ गए हैं। घर से बमुश्किल पांच मीटर दूर बह रही नदी ने किसानों के दिन का चैन और रात की नींद छीन ली है।
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घर कब नदी में समा जाए, यह सोचकर ग्रामीणाें की आंखें नम हैं। खेत और घर गंवाने के बाद परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, परिवार के साथ कहां गुजर-बसर करेंगे... यह सवाल ग्रामीणों को सोने नहीं दे रहा। हालांकि बाढ़ खंड ने बचाव कार्य तेज कर दिया है।
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इन ग्रामीणों के घर खतरे में
मातादीन, रामलखन, रामशंकर, अनूप पुत्र आसाराम, आसाराम पुत्र बटेश्वर, अंकित, उत्तम, लवकुश, निवासा पत्नी लक्ष्मीराम, गुड्डी देवी पत्नी सुरेश, धनीराम, मलिखान, हीरालाल, शंभू, अनिल, सोवरन, सोहन, शारदा, सर्वेश, जय प्रकाश, अवधराम, छत्रपाल, पृथ्वीपाल, दिनेश, कमलेश, ब्रजकिशोर, राम मूर्ति आदि ग्रामीणों के घरों के पास कटान हो रहा है।
सुरक्षित स्थानों पर जा रहे ग्रामीण
नदी की कटान से सहमे ग्रामीणों ने अब पलायन शुरू कर दिया है। घरों से जरूरी सामान निकालकर ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। सुबह से शाम तक कई ग्रामीण घर-गृहस्थी का सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाते दिखे। हालांकि शारदा नदी का जलस्तर अब स्थिर है। नायब तहसीलदार गोला सर्वेश कुमार यादव, लेखपाल अमन सत्यार्थी व प्रधान नैपाली राम ने पीड़ितों को 300 बाढ़ राहत किट वितरित कीं।
अमर उजाला इंपैक्ट
कटान रोकने की कवायद तेज, रोड़े भरकर लगाए जा रहे बंबूक्रेट
बेलहा सिकटिहा गांव में कटान की खबर छपने पर दौड़े अफसर
बिजुआ। शारदा नदी की कटान में समा रहे बेलहा सिकटिहा गांव के ग्रामीणों के घर और खेत की खबर प्रकाशित होने पर अफसर हरकत में आए हैं। गांव को कटान से बचाने की कवायद तेज हो गई। बंबूक्रेट बनाकर और उनमें रोड़ा भरकर लगाया जा रहा है। बाढ़ खंड ने रात के समय भी बचाव कार्य जारी रखने का दावा किया है।
गांव बेलहा सिकटिहा में घर, खेत, देवी स्थान और पीपल के पेड़ नदी में समा गए। अमर उजाला ने इस खबर को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। बुधवार को बाढ़ खंड के जेई कुंदनलाल व हरीश वर्मा मौके पर बचाव कार्य कराया। बताया कि बंबूक्रेट में रोड़ा भरकर नदी में डालने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ट्रॉलियां रोड़े लेकर आ रही हैं। जेनरेटर की व्यवस्था की गई है। कटान से बचाव का कार्य रात में भी जारी रहेगा। गांव को बचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। संवाद

बिजुआ में शारदा नदी से हो रहा कटान। संवाद- फोटो : सिरसा के जनता भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते डॉ. अजय चौटाला। संवाद

बिजुआ में शारदा नदी से हो रहा कटान। संवाद- फोटो : सिरसा के जनता भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते डॉ. अजय चौटाला। संवाद

बिजुआ में शारदा नदी से हो रहा कटान। संवाद- फोटो : सिरसा के जनता भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते डॉ. अजय चौटाला। संवाद

बिजुआ में शारदा नदी से हो रहा कटान। संवाद- फोटो : सिरसा के जनता भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते डॉ. अजय चौटाला। संवाद