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साध्वी प्राची की सभा में घर वापसी पर हंगामा
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 09 Feb 2015 12:48 AM IST
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विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित हिंदू महासम्मेलन के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब स्वेच्छा से मुस्लिम बन चुके एक परिवार ने फिर से हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की और इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल से कचहरी तक जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया और बवाल काटा। करीब आधा घंटे बाद मामला शांत हो गया।
मौजी नसीरुद्दीन भवन के मैदान में आयोजित सम्मेलन की मुख्य वक्ता साध्वी प्राची थीं। साध्वी अपना भाषण खत्म कर चुकी थीं और सम्मेलन करीब-करीब खत्म होने की ओर था। इसी दौरान धौरहरा कस्बे के शुक्ला वार्ड निवासी राजन पुरी, पत्नी रश्मि पुरी, पुत्र आयुष पुरी और पुत्री कीर्ति पुरी के साथ मंच पर पहुंचे। साध्वी प्राची ने मंच से चारों लोगों के पुन: हिंदू धर्म स्वीकार करने की घोषणा की। इनकी घर वापसी की घोषणा होते ही सम्मेलन स्थल पर मौजूद पुलिस हरकत में आ गई। मौके पर मौजूद एक दरोगा ने मंच से ही राजन पुरी को हिरासत में ले लिया और पैदल ही कचहरी ले जाने लगे। यह देखकर विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क गए। नाराज पदाधिकारी और कार्यकर्ता हंगामा करने लगे और पुलिस अधिकारियों से जमकर नोकझोंक हुई। 50 से अधिक कार्यकर्ता राजन को लेकर जा रही पुलिस के पीछे-पीछे नारे लगाते हुए चल दिए। पुलिस और प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं के कचहरी पहुंचने की जानकारी मिलने पर एक एडीएम ने पुलिस को राजन को वापस ले जाने की हिदायत दी।
इस पर पुलिस राजन को सम्मेलन स्थल पर वापस ले आई। सम्मेलन स्थल पर साध्वी प्राची की मौजूदगी में एसडीएम राकेश पटेल ने राजन के बयान दर्ज किए। अपने बयान में राजन ने बताया कि उन्होंने मई, 2006 में डीएम को प्रार्थना-पत्र देकर स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था। अब आज वह किसी जोर-जबरदस्ती के बगैर पत्नी और बच्चों के साथ हिंदू धर्म में पुन: वापसी कर रहे हैं।
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‘हम दो-हमारे चार’ का आह्वान
लखीमपुर खीरी। साध्वी प्राची ने रविवार को मौजी नसीरुद्दीन भवन के मैदान में हुए विश्व हिंदू महासम्मेलन में हिंदुओं का आह्वान किया कि वे हम दो-हमारे चार का नारा अपनाएं। साध्वी का कहना है कि तभी राष्ट्रीय संस्कृति और संस्कारों को बचाया जा सकता है। उन्होंने बढ़ रही गोहत्या, धर्मांतरण, लव जेहाद और पश्चिमी सभ्यता जैसे बिंदुओं पर चर्चा भी की। लोगों को हिंदू धर्म पर आने वाले संकट के लिए आगाह किया तथा एकजुट रहकर हिंदू संस्कृति की रक्षा करने का आह्वान किया।
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ कर्नाटक से आई मीनाक्षी ताई और हरिद्वार की साध्वी प्राची ने भगवान श्रीराम का पूजन कर किया। चंद्रकला विद्यापीठ देवकली के संस्कृत विद्यार्थियों ने मंगलाचरण किया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने साध्वी प्राची को तलवार और संत चिन्मयदास को त्रिशूल भेंट किया। कार्यक्रम में हरिद्वार से आए संत पवन दत्त ने हिंदुओं को शिक्षित और संस्कारित होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार और देश में गोवध इसलिए हो रहे हैं कि क्योंकि हिंदू जागरूक नहीं है। विहिप के प्रांतीय मंत्री रामसेवक शर्मा ने हिंदुओं से एकजुट होकर राष्ट्र विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले लोगों को साध्वी प्राची ने सम्मानित किया।
इन्होंने भी किया संबोधित
कार्यक्रम को शहर के निर्मल आश्रम के महंत लक्ष्मण शास्त्री, विहिप के आचार्य संजय मिश्र, आेंकार नरायण दुबे, विहिप के जिला अध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल और बृजेश पांडे सहित तमाम लोगों ने संबोधित किया।
गाय नहीं कटने देंगे
अयोध्या से आए संत चिन्मयदास ने कार्यकर्ताओं को गाय न कटने देने का संकल्प दिलाया और कहा कि हिंदुओं को अपने संस्कार नहीं छोड़ने चाहिए। उन्होंने गोवध की घटनाओं पर भी चिंता की।
बच्चों को शिवाजी और राणा प्रताप बनाएं
मीनाक्षी ताई ने कहा कि आज देश को आवश्यकता है संस्कारित युवाओं की। उन्होंने कहा कि माताएं बालकों में शिवाजी और राणा प्रताप जैसी सोच विकसित करें।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में नेपाल के संत रामभूषण, हरिद्वार काली शक्ति पीठ के संत पवन दत्त, विहिप के अवध प्रांत प्रभारी रामआसरे गुप्ता, लल्ला सिंह चौहान, आरएसएस के विभाग प्रचारक रमेश जी, संत हरिनारायण आचार्य, राजकुमार त्रिवेदी, उमेश मिश्रा, सुधा शर्मा, बृजेश पंाडे, राजेश दीक्षित, दीनानाथ झा, ओंकार नारायण दुबे,निर्मल आश्रम के महंत लक्ष्मण शास्त्री सहित तमाम लोग मौजूद थे।
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मौजी नसीरुद्दीन भवन के मैदान में आयोजित सम्मेलन की मुख्य वक्ता साध्वी प्राची थीं। साध्वी अपना भाषण खत्म कर चुकी थीं और सम्मेलन करीब-करीब खत्म होने की ओर था। इसी दौरान धौरहरा कस्बे के शुक्ला वार्ड निवासी राजन पुरी, पत्नी रश्मि पुरी, पुत्र आयुष पुरी और पुत्री कीर्ति पुरी के साथ मंच पर पहुंचे। साध्वी प्राची ने मंच से चारों लोगों के पुन: हिंदू धर्म स्वीकार करने की घोषणा की। इनकी घर वापसी की घोषणा होते ही सम्मेलन स्थल पर मौजूद पुलिस हरकत में आ गई। मौके पर मौजूद एक दरोगा ने मंच से ही राजन पुरी को हिरासत में ले लिया और पैदल ही कचहरी ले जाने लगे। यह देखकर विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क गए। नाराज पदाधिकारी और कार्यकर्ता हंगामा करने लगे और पुलिस अधिकारियों से जमकर नोकझोंक हुई। 50 से अधिक कार्यकर्ता राजन को लेकर जा रही पुलिस के पीछे-पीछे नारे लगाते हुए चल दिए। पुलिस और प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं के कचहरी पहुंचने की जानकारी मिलने पर एक एडीएम ने पुलिस को राजन को वापस ले जाने की हिदायत दी।
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इस पर पुलिस राजन को सम्मेलन स्थल पर वापस ले आई। सम्मेलन स्थल पर साध्वी प्राची की मौजूदगी में एसडीएम राकेश पटेल ने राजन के बयान दर्ज किए। अपने बयान में राजन ने बताया कि उन्होंने मई, 2006 में डीएम को प्रार्थना-पत्र देकर स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था। अब आज वह किसी जोर-जबरदस्ती के बगैर पत्नी और बच्चों के साथ हिंदू धर्म में पुन: वापसी कर रहे हैं।
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‘हम दो-हमारे चार’ का आह्वान
लखीमपुर खीरी। साध्वी प्राची ने रविवार को मौजी नसीरुद्दीन भवन के मैदान में हुए विश्व हिंदू महासम्मेलन में हिंदुओं का आह्वान किया कि वे हम दो-हमारे चार का नारा अपनाएं। साध्वी का कहना है कि तभी राष्ट्रीय संस्कृति और संस्कारों को बचाया जा सकता है। उन्होंने बढ़ रही गोहत्या, धर्मांतरण, लव जेहाद और पश्चिमी सभ्यता जैसे बिंदुओं पर चर्चा भी की। लोगों को हिंदू धर्म पर आने वाले संकट के लिए आगाह किया तथा एकजुट रहकर हिंदू संस्कृति की रक्षा करने का आह्वान किया।
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ कर्नाटक से आई मीनाक्षी ताई और हरिद्वार की साध्वी प्राची ने भगवान श्रीराम का पूजन कर किया। चंद्रकला विद्यापीठ देवकली के संस्कृत विद्यार्थियों ने मंगलाचरण किया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने साध्वी प्राची को तलवार और संत चिन्मयदास को त्रिशूल भेंट किया। कार्यक्रम में हरिद्वार से आए संत पवन दत्त ने हिंदुओं को शिक्षित और संस्कारित होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार और देश में गोवध इसलिए हो रहे हैं कि क्योंकि हिंदू जागरूक नहीं है। विहिप के प्रांतीय मंत्री रामसेवक शर्मा ने हिंदुओं से एकजुट होकर राष्ट्र विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाले लोगों को साध्वी प्राची ने सम्मानित किया।
इन्होंने भी किया संबोधित
कार्यक्रम को शहर के निर्मल आश्रम के महंत लक्ष्मण शास्त्री, विहिप के आचार्य संजय मिश्र, आेंकार नरायण दुबे, विहिप के जिला अध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल और बृजेश पांडे सहित तमाम लोगों ने संबोधित किया।
गाय नहीं कटने देंगे
अयोध्या से आए संत चिन्मयदास ने कार्यकर्ताओं को गाय न कटने देने का संकल्प दिलाया और कहा कि हिंदुओं को अपने संस्कार नहीं छोड़ने चाहिए। उन्होंने गोवध की घटनाओं पर भी चिंता की।
बच्चों को शिवाजी और राणा प्रताप बनाएं
मीनाक्षी ताई ने कहा कि आज देश को आवश्यकता है संस्कारित युवाओं की। उन्होंने कहा कि माताएं बालकों में शिवाजी और राणा प्रताप जैसी सोच विकसित करें।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में नेपाल के संत रामभूषण, हरिद्वार काली शक्ति पीठ के संत पवन दत्त, विहिप के अवध प्रांत प्रभारी रामआसरे गुप्ता, लल्ला सिंह चौहान, आरएसएस के विभाग प्रचारक रमेश जी, संत हरिनारायण आचार्य, राजकुमार त्रिवेदी, उमेश मिश्रा, सुधा शर्मा, बृजेश पंाडे, राजेश दीक्षित, दीनानाथ झा, ओंकार नारायण दुबे,निर्मल आश्रम के महंत लक्ष्मण शास्त्री सहित तमाम लोग मौजूद थे।