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जिला अस्पताल में दवाओं की किल्लत
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जिला अस्पताल में मरीजों से भरा मेडिकल वार्ड । संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में दवाओं की किल्लत है। वार्डों में भर्ती मरीजों को पर्याप्त दवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। स्टाफ का कहना है कि डायरिया पीड़ित को एक दिन में तीन से चार बोतल तक लगानी पड़ जाती हैं। मगर, कम संख्या में मिलने पर बस किसी तरह काम चलाया जा रहा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन और स्टोर इंचार्ज का दावा है कि दवाएं पर्याप्त हैं, लेकिन इसकी हकीकत वार्डों की डिमांड बुक बयां करने के लिए काफी है।
मौसम में बदलाव होने से बच्चे और बुजुर्ग सर्दी, जुकाम, बुखार से लेकर डायरिया की चपेट में आकर जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। सरकार भी मरीजों को बेहतर इलाज का दावा कर रही है। मगर, हकीकत कुछ और ही है। जिला अस्पताल में पिछले काफी समय से जरूरी दवाओं की कमी है।
न्यू सर्जिकल, मेडिकल महिला एवं पुरुष सहित चिल्ड्रन वार्ड में सौ से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के मरीज देेखने के बाद वार्ड स्टाफ दवाओं के लिए स्टोर से डिमांड करता है। मगर, स्टोर से बेहद कम संख्या में दवाएं मिलने से स्टाफ को मरीजों को दवाएं देने में दिक्कत हो रही है।
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शनिवार को मांग के सापेक्ष मिली दवाएं
रविवार को स्टोर बंद रहने के कारण सभी वार्डों से दो दिन की दवाओं की मांग की गई। इसमें एनएस, आरएल, डीएनएस की 40-40 बोतले मांगी गईं, लेकिन मिली सिर्फ चार-चार। वहीं टी पांच प्रतिशत, मेट्रोजेल, जेंटा, डेक्सा, रेन्टेक, इप्सुलिन, ट्रामाडाल, ट्रामाकार्ट, इथमसाइलेट, एविल, एंपीसिलीन आदि की मांग करने के बावजूद अधिकतर दवाएं दी ही नहीं गईं। वहीं 70, एसीलॉक मांगने पर 10 ही दी गई।
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वार्डों में भर्ती मरीज
न्यू सर्जिकल वार्ड -32
मेडिकल महिला वार्ड- 40
मेडिकल पुरुष वार्ड- 34
चिल्ड्रन वार्ड- आठ
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अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति शासन से निर्धारित कारपोरेशन से होती है। दवाओं की उपलब्धता के लिए समय-समय पर डिमांड लेटर भेजा जाता है। रही बात वार्डों में मांग से कम दवाएं दिए जाने की तो इस मामले में स्टोर इंचार्ज से जानकारी करता हूं।
-डॉ. सीएस सिंह प्रभारी सीएमएस
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मौसम में बदलाव होने से बच्चे और बुजुर्ग सर्दी, जुकाम, बुखार से लेकर डायरिया की चपेट में आकर जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। सरकार भी मरीजों को बेहतर इलाज का दावा कर रही है। मगर, हकीकत कुछ और ही है। जिला अस्पताल में पिछले काफी समय से जरूरी दवाओं की कमी है।
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न्यू सर्जिकल, मेडिकल महिला एवं पुरुष सहित चिल्ड्रन वार्ड में सौ से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के मरीज देेखने के बाद वार्ड स्टाफ दवाओं के लिए स्टोर से डिमांड करता है। मगर, स्टोर से बेहद कम संख्या में दवाएं मिलने से स्टाफ को मरीजों को दवाएं देने में दिक्कत हो रही है।
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शनिवार को मांग के सापेक्ष मिली दवाएं
रविवार को स्टोर बंद रहने के कारण सभी वार्डों से दो दिन की दवाओं की मांग की गई। इसमें एनएस, आरएल, डीएनएस की 40-40 बोतले मांगी गईं, लेकिन मिली सिर्फ चार-चार। वहीं टी पांच प्रतिशत, मेट्रोजेल, जेंटा, डेक्सा, रेन्टेक, इप्सुलिन, ट्रामाडाल, ट्रामाकार्ट, इथमसाइलेट, एविल, एंपीसिलीन आदि की मांग करने के बावजूद अधिकतर दवाएं दी ही नहीं गईं। वहीं 70, एसीलॉक मांगने पर 10 ही दी गई।
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वार्डों में भर्ती मरीज
न्यू सर्जिकल वार्ड -32
मेडिकल महिला वार्ड- 40
मेडिकल पुरुष वार्ड- 34
चिल्ड्रन वार्ड- आठ
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अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति शासन से निर्धारित कारपोरेशन से होती है। दवाओं की उपलब्धता के लिए समय-समय पर डिमांड लेटर भेजा जाता है। रही बात वार्डों में मांग से कम दवाएं दिए जाने की तो इस मामले में स्टोर इंचार्ज से जानकारी करता हूं।
-डॉ. सीएस सिंह प्रभारी सीएमएस