फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Health

ऑक्सीजन, रेग्युलेटर से लेकर बेड तक की दिक्कत, रोज हो रहा हंगामा

Sat, 01 May 2021 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 May 2021 12:40 AM IST
विज्ञापन
Health
लखीमपुर खीरी। बढ़ते कोरोना संक्रमण के कहर से लड़खड़ाई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वजह से जिला अस्पताल में आए दिन विवाद और हंगामे की नौबत आ रही है, जिससे स्वास्थ्य महकमा भी भयभीत हैं। जिला अस्पताल में मरीजों को न तो ऑक्सीजन सिलिंडर मिल रहे हैं, न ही रेग्युलेटर और बेड, जिससे तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों में हर रोज विवाद की स्थिति बन जाती है, इस कारण यहां रोज ही हंगामे की नौबत आ रही है।
विज्ञापन

कोविड-19 ने स्वास्थ्य महकमे की दिक्कत बढ़ा दी हैं। कोरोना संक्रमित से लेकर सांस लेने में परेशानी से जूझ रहे मरीजों से जिला अस्पताल का हर वार्ड फुल है। मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पताल प्रशासन परेशान है। जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे पहले मरीजों को ऑक्सीजन के लिए जोर आजमाइश करनी पड़ती है, जिसके बाद रेग्युलेटर और फिर बेड के लिए जूझना पड़ता है, जिसके मिलने में देरी होने पर यदि मरीज की हालत बिगड़ जाए तो डॉक्टर से लेकर स्वास्थ्यकर्मी तीमारदारों के गुस्से का शिकार बनते हैं। ऐसे में पिछले कुछ दिनों से रोजाना जिला अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर मेडिकल महिला एवं पुरुष वार्ड में हंगामे की स्थिति पैदा हो रही है।
विज्ञापन

.
केस- एक
मेडिकल वार्ड में ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर तीमारदार वार्ड स्टाफ से भिड़ गए। काफी देर हंगामा हुआ। पुलिस पहुंची तो मामला शांत हुआ। तीमारदारों का कहना था कि मरीज की हालत गंभीर होने के कारण ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी, स्टाफ कह रहा था कि आने पर मिलेगा। स्टाफ का कहना था कि जब सिलिंडर है ही नहीं तो कहां से लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

.
केस- दो
बुधवार की शाम मेडिकल महिला वार्ड में एक स्टाफ नर्स से तीमारदारों की ऑक्सीजन को लेकर नोकझोंक हो गई। बताते हैं कि तीमारदारों ने उसे घेर लिया और बदसलूकी की। पुलिस को सूचना दी गई तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
.
केस-तीन
मंगलवार की शाम वन दरोगा को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इस पर घरवाले इमरजेंसी लेकर पहुंचे। मगर, तत्काल ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था नहीं हो सकी। इस बीच उनकी मौत हो गई। इससे नाराज तीमारदारों ने इमरजेंसी में हंगामा किया। इस पर इमरजेंसी ओपीडी में मौजूद स्टाफ ने भागकर अपनी जान बचाई।
.
हाथ से पाइप पकड़कर पहुंचा रहा ऑक्सीजन
मितौली के बबौना निवासी रविकांत सिंह सांस लेने में दिक्कत होने पर 88 साल के बाबा मथुरा प्रसाद को लेकर जिला अस्पताल आए। इलाज के लिए पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती कर लिया गया। मरीजों की संख्या अत्यधिक होने के कारण न रेग्युलेटर मिला और न ही मास्क। ऐसे में किसी तरह जुगाड़कर बुजुर्ग को ऑक्सीजन दी जाने लगी। मास्क न मिलने के कारण घरवाले सुबह से लेकर दोपहर तक हाथ से पाइप नाक के पास लगाकर ऑक्सीजन देते रहे। .

मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। हर किसी को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। सिलिंडर बाराबंकी से भरकर आते हैं। कई बार जितने सिलिंडर भरने के लिए भेजते हैं, उसमें ज्यादातर खाली लौट आते हैं। इसके बावजूद स्टाफ मरीज की जान बचाने के लिए तत्पर रहता है। फिर भी कुछ लोग विवाद करते हैं। रेग्युलेटर के लिए कई जगह फोन किया। मगर, हर जगह से नाउम्मीद रहे। तब जाकर 20 एमएल की सिरिंज से ऑक्सीजन देने की व्यवस्था की।
-डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed