{"_id":"5e76373d8ebc3e78b27cc188","slug":"golmaal-lakhimpur-news-bly400369912","type":"story","status":"publish","title_hn":"लालपुर के प्रधान ने शौचालय के 65 लाख हड़पे, नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लालपुर के प्रधान ने शौचालय के 65 लाख हड़पे, नोटिस जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत निघासन ब्लॉक की ग्राम पंचायत लालपुर के प्रधान शौचालय निर्माण की 65 लाख रुपये का गबन करने के दोषी पाए गए हैं। लाभार्थियों के खातों से पैसे निकलवाकर प्रधान ने हड़प लिए। डीपीआरओ की जांच में इसका खुलासा हुआ, जिसके बाद डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रधान रमाकांत को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने 22 फरवरी 2020 को ग्राम पंचायत लालपुर का निरीक्षण किया था, जिसमें मजरा चंदनपुरवा, गौढ़ीपुरवा और मंझलीपुरवा में लाभार्थियों के शौचालय अपूर्ण पाए गए। जबकि लाभार्थियों से प्रधान ने दोनों किस्तें निकलवाकर खुद ही शौचालय बनवाने की बात कही थी। डीपीआरओ के मुताबिक कुल 1304 शौचालय बनाए जाने थे, जिसके सत्यापन में 762 पूर्ण और 542 शौचालय अपूर्ण मिले। अपूर्ण मिले शौचालयों में छत नहीं है, तो किसी में सीट, पिट कवर, गड्ढा नहीं बनाए गए हैं। जबकि सभी शौचालयों की पूरी रकम निकाली जा चुकी है। लाभार्थियों ने शिकायत की है कि प्रधान ने खुद शौचालय बनवाने की बात कहते हुए उनसे दोनों किस्तें बैंक से निकलवाकर ले ली थीं। डीपीआरओ ने बताया कि 542 शौचालयों के 65.05 लाख रुपये का गबन हुआ है। इस पर प्रधान के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस दी गई है। जवाब मिलने के बाद प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने 22 फरवरी 2020 को ग्राम पंचायत लालपुर का निरीक्षण किया था, जिसमें मजरा चंदनपुरवा, गौढ़ीपुरवा और मंझलीपुरवा में लाभार्थियों के शौचालय अपूर्ण पाए गए। जबकि लाभार्थियों से प्रधान ने दोनों किस्तें निकलवाकर खुद ही शौचालय बनवाने की बात कही थी। डीपीआरओ के मुताबिक कुल 1304 शौचालय बनाए जाने थे, जिसके सत्यापन में 762 पूर्ण और 542 शौचालय अपूर्ण मिले। अपूर्ण मिले शौचालयों में छत नहीं है, तो किसी में सीट, पिट कवर, गड्ढा नहीं बनाए गए हैं। जबकि सभी शौचालयों की पूरी रकम निकाली जा चुकी है। लाभार्थियों ने शिकायत की है कि प्रधान ने खुद शौचालय बनवाने की बात कहते हुए उनसे दोनों किस्तें बैंक से निकलवाकर ले ली थीं। डीपीआरओ ने बताया कि 542 शौचालयों के 65.05 लाख रुपये का गबन हुआ है। इस पर प्रधान के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस दी गई है। जवाब मिलने के बाद प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन