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आधे घंटे के अंदर बाघ के दो हमलों में चार घायल
लखीमपुरखीरी
Updated Sat, 06 May 2017 11:47 PM IST
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मैलानी रेंज की खीरी ब्रांच नहर पटरी पर बाघ ने राहगीरों पर किया हमला
घायलों में दो बालिकाएं और एक महिला भी, सीएचसी में भर्ती
डब्लूडब्लूएफ ने दो घायलों को पांच-पांच और किशोरियों को ढाई-ढाई हजार की दी आर्थिक सहायता
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज जंगल से निकले एक बाघ ने आधे घंटे के अंदर दो बालिकाओं सहित चार लोगों पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। बाघ के हमले से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। जटपुरा बीट की खीरी ब्रांच नहर पटरी पर बाघ के हमलों की दोनों घटनाएं महज डेढ़ सौ मीटर दूरी के बीच हुई है।
बांकेगंज के निकटवर्ती गांव रमतलिया निवासी 60 वर्षीय रामकिशुन सुबह साइकिल से खीरी ब्रांच नहर पटरी से अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। तेज धूप के चलते थक कर वह नहर पटरी के किनारे लगे पेड़ की छांव में बैठ गया। इस दौरान जंगल से निकले एक बाघ ने उस पर अचानक हमला कर दिया। रामकिशुन ने बचाव के लिए हाथ पांव चलाते हुए चिल्लाना शुरू किया। आसपास लोगों की निगाह पड़ी तो उन्होंने हल्ला मचाया, जिस पर बाघ उसे छोड़कर भागा। बाद में घायल रामकिशुन को राहगीरों ने बांकेगंज सीएचसी में भर्ती कराया ।
सूचना पर फारेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह भी मौके पर पहुंच गया और नहर पटरी से गुजर रहे लोगों को बाघ की मौजूदगी के प्रति सचेत करते हुए उधर से न निकलने के लिए आगाह कर ही रहा था कि मैलानी की ओर से एक परिवार पैदल आता दिखाई पड़ा। इसमें गांव बांकेपुर निवासी 30 वर्षीय महिला मैना देवी अपनी दो बेटियों के साथ पैदल आ रही थी। जबकि उसका पति रामकिशुन अपने पांच साल के बेटे को साइकिल पर लेकर पीछे-पीछे आ रहा था। फारेस्ट गार्ड जब तक उन्हें आगे बढ़ने से रोकता तब तक बाघ ने सात वर्षीय किशोरी शिवानी पर हमला कर दिया। यह देखकर घबराई उसकी मां मैना देवी और दस वर्षीय बहन सपना ने शिवानी को बचाने की कोशिश की। मैना देवी दोनों बेटियों को पकड़कर वहीं बैठ गई। बाघ ने उन दोनों को भी पंजे मारकर घायल कर दिया। किसी तरह राहगीरों ने शोर मचाया तब जाकर बाघ उन्हें छोड़कर भागा। बाद में फारेस्ट गार्ड ने राहगीरों और परिवारीजनों की मदद से तीनों घायलों को इलाज के लिए सीएचसी भेजा। बाघ हमला करने के बाद कुछ दूरी पर बैठा गुर्राता रहा।
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बाघ के हमले में राम किशुन के सिर और पीठ में बाघ के पंजे लगने के गहरे घाव आए हैं। उसका बायां पैर भी टूट गया है। महिला मैना के कमर और पीठ में पंजे लगे हैं। शिवानी के पैर और सपना की पीठ में पंजे के गहरे निशान हैं। बाघ के हमले में बाल-बाल बचे इन चारों के चेहरों में दहशत झलक रही है। बालिकाएं काफी डरी हुई हैं।
बाघ के हमले की सूचना डीफओ साउथ अखिलेश पांडे को दी गई है, उन्होंने बाघ की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम गठित कर दी है। डीएफओ ने बाघ की मौजूदगी के चलते राहगीरों से खीरी ब्रांच नहर पटरी पर न जाने की अपील की है।
जटपुरा बीट में बाघ के हमले की सूचना मिली है। बाघ की निगरानी के लिए टीमें लगाई गईं हैं। साथ ही बाघ हमले में घायल एक बुजुर्ग, एक महिला और दो किशोरियों को क्रमश: पांच-पांच और ढाई-ढाई हजार रुपये की अहेतुक सहायता दी गई है।
-अखिलेश पांडे, डीएफओ, साउथ खीरी।
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घायलों में दो बालिकाएं और एक महिला भी, सीएचसी में भर्ती
डब्लूडब्लूएफ ने दो घायलों को पांच-पांच और किशोरियों को ढाई-ढाई हजार की दी आर्थिक सहायता
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज जंगल से निकले एक बाघ ने आधे घंटे के अंदर दो बालिकाओं सहित चार लोगों पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। बाघ के हमले से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। जटपुरा बीट की खीरी ब्रांच नहर पटरी पर बाघ के हमलों की दोनों घटनाएं महज डेढ़ सौ मीटर दूरी के बीच हुई है।
बांकेगंज के निकटवर्ती गांव रमतलिया निवासी 60 वर्षीय रामकिशुन सुबह साइकिल से खीरी ब्रांच नहर पटरी से अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। तेज धूप के चलते थक कर वह नहर पटरी के किनारे लगे पेड़ की छांव में बैठ गया। इस दौरान जंगल से निकले एक बाघ ने उस पर अचानक हमला कर दिया। रामकिशुन ने बचाव के लिए हाथ पांव चलाते हुए चिल्लाना शुरू किया। आसपास लोगों की निगाह पड़ी तो उन्होंने हल्ला मचाया, जिस पर बाघ उसे छोड़कर भागा। बाद में घायल रामकिशुन को राहगीरों ने बांकेगंज सीएचसी में भर्ती कराया ।
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सूचना पर फारेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह भी मौके पर पहुंच गया और नहर पटरी से गुजर रहे लोगों को बाघ की मौजूदगी के प्रति सचेत करते हुए उधर से न निकलने के लिए आगाह कर ही रहा था कि मैलानी की ओर से एक परिवार पैदल आता दिखाई पड़ा। इसमें गांव बांकेपुर निवासी 30 वर्षीय महिला मैना देवी अपनी दो बेटियों के साथ पैदल आ रही थी। जबकि उसका पति रामकिशुन अपने पांच साल के बेटे को साइकिल पर लेकर पीछे-पीछे आ रहा था। फारेस्ट गार्ड जब तक उन्हें आगे बढ़ने से रोकता तब तक बाघ ने सात वर्षीय किशोरी शिवानी पर हमला कर दिया। यह देखकर घबराई उसकी मां मैना देवी और दस वर्षीय बहन सपना ने शिवानी को बचाने की कोशिश की। मैना देवी दोनों बेटियों को पकड़कर वहीं बैठ गई। बाघ ने उन दोनों को भी पंजे मारकर घायल कर दिया। किसी तरह राहगीरों ने शोर मचाया तब जाकर बाघ उन्हें छोड़कर भागा। बाद में फारेस्ट गार्ड ने राहगीरों और परिवारीजनों की मदद से तीनों घायलों को इलाज के लिए सीएचसी भेजा। बाघ हमला करने के बाद कुछ दूरी पर बैठा गुर्राता रहा।
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बाघ के हमले में राम किशुन के सिर और पीठ में बाघ के पंजे लगने के गहरे घाव आए हैं। उसका बायां पैर भी टूट गया है। महिला मैना के कमर और पीठ में पंजे लगे हैं। शिवानी के पैर और सपना की पीठ में पंजे के गहरे निशान हैं। बाघ के हमले में बाल-बाल बचे इन चारों के चेहरों में दहशत झलक रही है। बालिकाएं काफी डरी हुई हैं।
बाघ के हमले की सूचना डीफओ साउथ अखिलेश पांडे को दी गई है, उन्होंने बाघ की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम गठित कर दी है। डीएफओ ने बाघ की मौजूदगी के चलते राहगीरों से खीरी ब्रांच नहर पटरी पर न जाने की अपील की है।
जटपुरा बीट में बाघ के हमले की सूचना मिली है। बाघ की निगरानी के लिए टीमें लगाई गईं हैं। साथ ही बाघ हमले में घायल एक बुजुर्ग, एक महिला और दो किशोरियों को क्रमश: पांच-पांच और ढाई-ढाई हजार रुपये की अहेतुक सहायता दी गई है।
-अखिलेश पांडे, डीएफओ, साउथ खीरी।