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Lakhimpur Kheri News: दहेज हत्या में सास-ससुर सहित चार को सजा
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लखीमपुर खीरी। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मौत के घाट उतारने के मामले में एडीजे अशोक कुमार ने सास ससुर, जेठानी और देवर को दोषी करार दिया है। सभी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। छह-छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मैगलगंज थाना क्षेत्र के कलुआ मोती निवासी संजीव दीक्षित की शादी नीलम उर्फ बेबी मिश्र के साथ 22 जून 2004 में हुई थी। दहेज को लेकर नीलम को ससुराल में परेशान किया जाने लगा। इसी बीच 22 अगस्त 2009 को नीलम की लाश पाई गई। आरोप है कि चार पहिया गाड़ी की मांग पूरी नहीं हुई तो मायके वालों की मोटरसाइकिल अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया था।
अलग-अलग 20,000 और 32,000 रुपये भी ऑनलाइन मंगवाए थे, फिर भी लालच नहीं मिटा तो एक लाख रुपए की मांग की गई थी। जिसे मायके वाले पूरा नहीं कर सके तो उसे जहर देकर मार दिया गया। मामले में पति संजीव दीक्षित ससुर राजेंद्र, सास बिट्टू देवी जेठानी किरण देवी और देवर राजीव सहित कई लोगों को नामजद किया गया था।
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सुनवाई के दौरान पति संजीव दीक्षित की मौत हो गई थी, इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से उपकार शील मिस्र, इंद्र भूषण, संजय कुमार, निर्मला, रजनीश चंद्र सुभाष चंद्र गंगवार ने गवाही दर्ज कराई। बृहस्पतिवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए राजेंद्र दीक्षित, बिट्टू देवी, राजीव दीक्षित और किरण देवी को दोषी साबित पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष ने बताया कि मैगलगंज थाना क्षेत्र के कलुआ मोती निवासी संजीव दीक्षित की शादी नीलम उर्फ बेबी मिश्र के साथ 22 जून 2004 में हुई थी। दहेज को लेकर नीलम को ससुराल में परेशान किया जाने लगा। इसी बीच 22 अगस्त 2009 को नीलम की लाश पाई गई। आरोप है कि चार पहिया गाड़ी की मांग पूरी नहीं हुई तो मायके वालों की मोटरसाइकिल अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया था।
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अलग-अलग 20,000 और 32,000 रुपये भी ऑनलाइन मंगवाए थे, फिर भी लालच नहीं मिटा तो एक लाख रुपए की मांग की गई थी। जिसे मायके वाले पूरा नहीं कर सके तो उसे जहर देकर मार दिया गया। मामले में पति संजीव दीक्षित ससुर राजेंद्र, सास बिट्टू देवी जेठानी किरण देवी और देवर राजीव सहित कई लोगों को नामजद किया गया था।
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सुनवाई के दौरान पति संजीव दीक्षित की मौत हो गई थी, इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से उपकार शील मिस्र, इंद्र भूषण, संजय कुमार, निर्मला, रजनीश चंद्र सुभाष चंद्र गंगवार ने गवाही दर्ज कराई। बृहस्पतिवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए राजेंद्र दीक्षित, बिट्टू देवी, राजीव दीक्षित और किरण देवी को दोषी साबित पाते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।