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Lakhimpur Kheri News: गन्ने के साथ केला उप्तादन कर धौरहरा का नाम रोशन कर रहे किसान
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धर्मपाल मौर्य
धौरहरा। धौरहरा क्षेत्र कभी चीनी उत्पादन के लिए जाना जाता था। अब यहां के प्रगतिशील किसानों ने गन्ने के साथ केला, बागवानी और सब्जी की खेतीकर प्रदेश में नाम रोशन कर रहे हैं।
धौरहरा तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने और चीनी उत्पादन में अव्वल आने की वजह से इस क्षेत्र को चीनी का कटोरा कहा जाता था, लेकिन यहां के प्रगतिशील किसानों ने खेती की रूपरेखा ही बदल दी। अब किसान गन्ना के अलावा केला, पपीता, बागवानी के अलावा सब्जियों की खेती कर दोहरा लाभ कमा रहे हैं।
रमियाबेहड़ विकास खंड के लखनपुरवा गांव निवासी धर्मपाल मौर्या परंपरागत खेती छोड़कर बागवानी, केला के अलावा सब्जियों की खेती कर रहे हैं। धर्मपाल मौर्य को वर्ष 2019-20 में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन में प्रदेश में प्रथम स्थान मिल चुका है। इसके अलावा जिले में केला उत्पादन में चार बार जिलाधिकारी से पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।
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बुचवा गांव निवासी संतोष वर्मा गन्ना के साथ सह फसली केला के अलावा सब्जियों की खेती कर लाभ कमा रहे हैं। वहीं लबेदपुर गांव निवासी सुभाषचंद्र वर्मा बागवानी में केला और पपीता के साथ सब्जियों की खेती कर रहे हैं। वे किसानों को सह फसली खेती की सलाह देते हैं। प्रसाद पुरवा गांव निवासी जयप्रकाश मौर्या बताते हैं कि यदि किसानों को जल्द विकसित होना है तो गन्ना के साथ सब्जियों और बागवानी की खेती करें, दोहरा लाभ होगा।
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धौरहरा तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन करने और चीनी उत्पादन में अव्वल आने की वजह से इस क्षेत्र को चीनी का कटोरा कहा जाता था, लेकिन यहां के प्रगतिशील किसानों ने खेती की रूपरेखा ही बदल दी। अब किसान गन्ना के अलावा केला, पपीता, बागवानी के अलावा सब्जियों की खेती कर दोहरा लाभ कमा रहे हैं।
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रमियाबेहड़ विकास खंड के लखनपुरवा गांव निवासी धर्मपाल मौर्या परंपरागत खेती छोड़कर बागवानी, केला के अलावा सब्जियों की खेती कर रहे हैं। धर्मपाल मौर्य को वर्ष 2019-20 में सर्वाधिक गन्ना उत्पादन में प्रदेश में प्रथम स्थान मिल चुका है। इसके अलावा जिले में केला उत्पादन में चार बार जिलाधिकारी से पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।
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बुचवा गांव निवासी संतोष वर्मा गन्ना के साथ सह फसली केला के अलावा सब्जियों की खेती कर लाभ कमा रहे हैं। वहीं लबेदपुर गांव निवासी सुभाषचंद्र वर्मा बागवानी में केला और पपीता के साथ सब्जियों की खेती कर रहे हैं। वे किसानों को सह फसली खेती की सलाह देते हैं। प्रसाद पुरवा गांव निवासी जयप्रकाश मौर्या बताते हैं कि यदि किसानों को जल्द विकसित होना है तो गन्ना के साथ सब्जियों और बागवानी की खेती करें, दोहरा लाभ होगा।

धर्मपाल मौर्य

धर्मपाल मौर्य