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बाढ़ और शिकार के मद्देनजर दुधवा में हाई अलर्ट
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 12 Jul 2015 10:46 PM IST
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दुधवा नेशनल पार्क में बाढ़ और वन्यजीवों के शिकार के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। खासकर सठियाना, गौरीफंटा, बनकटी रेंज और पार्क के इंट्री प्वाइंटों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इन खतरों को देखते हुए पार्क में 39 पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई गई है और 25 पीआरडी जवानों की मांग की गई है।
पार्क अधिकारियों के मुताबिक दुधवा पार्क में सुहेली नदी के पानी का भारी दबाव है। मौजूदा समय में सठियाना, गौरीफंटा और बनकटी का काफी हिस्सा प्रभावित है। ऐसे में वन्यजीवों के सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने का सिलसिला शुरू हो जाता है। दर्जनों की संख्या में हिरन, बारहसिंघा, सांभर सहित तमाम वन्यजीव सुरक्षित स्थानों पर झुंड में एकत्र हो जाते हैं। गौरतलब है कि जंगल के कोर स्थानों को छोड़ने के बाद वन्यजीवों के शिकार की भी आशंका बढ़ जाती है। बाहरी गिरोह स्थानीय शिकारियों के साथ मिलकर वन्यजीवों का शिकार करते हैं। जिसके मद्देनजर हाई अलर्ट जारी करते हुए सभी रेंजों में एक-एक टीम गठित कर गश्त बढ़ाई गई है। इसके साथ ही फ्लाइंग स्कॉर्ट और एक स्पेशल टीम को भी पार्क क्षेत्र में गश्त के लिए लगाया गया है। दुधवा पार्क के उपनिदेशक महावीर प्रसाद ने बताया कि मानसून सत्र को देखते हुए पार्क क्षेत्र में सूचना तंत्र विकसित किया जा रहा है। गश्त और छापेमारी के लिए पार्क की टीमों के साथ पीआरडी जवानों को गश्त के लिए लगाया जा रहा है। इसके लिए पार्क अधिकारियों ने जिला युवा कल्याण विभाग से 25 और पीआरडी जवानों की मांग की है। उपनिदेशक ने बताया कि अभी कोर जंगल में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन दुधवा पार्क के इंट्री प्वाइंटों और बाढ़ प्रभावित रेंजों में सतर्क नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि रेंजों में वायरलेस सेट के जरिए पल-पल की जानकारी ली जा रही है।
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पार्क अधिकारियों के मुताबिक दुधवा पार्क में सुहेली नदी के पानी का भारी दबाव है। मौजूदा समय में सठियाना, गौरीफंटा और बनकटी का काफी हिस्सा प्रभावित है। ऐसे में वन्यजीवों के सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने का सिलसिला शुरू हो जाता है। दर्जनों की संख्या में हिरन, बारहसिंघा, सांभर सहित तमाम वन्यजीव सुरक्षित स्थानों पर झुंड में एकत्र हो जाते हैं। गौरतलब है कि जंगल के कोर स्थानों को छोड़ने के बाद वन्यजीवों के शिकार की भी आशंका बढ़ जाती है। बाहरी गिरोह स्थानीय शिकारियों के साथ मिलकर वन्यजीवों का शिकार करते हैं। जिसके मद्देनजर हाई अलर्ट जारी करते हुए सभी रेंजों में एक-एक टीम गठित कर गश्त बढ़ाई गई है। इसके साथ ही फ्लाइंग स्कॉर्ट और एक स्पेशल टीम को भी पार्क क्षेत्र में गश्त के लिए लगाया गया है। दुधवा पार्क के उपनिदेशक महावीर प्रसाद ने बताया कि मानसून सत्र को देखते हुए पार्क क्षेत्र में सूचना तंत्र विकसित किया जा रहा है। गश्त और छापेमारी के लिए पार्क की टीमों के साथ पीआरडी जवानों को गश्त के लिए लगाया जा रहा है। इसके लिए पार्क अधिकारियों ने जिला युवा कल्याण विभाग से 25 और पीआरडी जवानों की मांग की है। उपनिदेशक ने बताया कि अभी कोर जंगल में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन दुधवा पार्क के इंट्री प्वाइंटों और बाढ़ प्रभावित रेंजों में सतर्क नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि रेंजों में वायरलेस सेट के जरिए पल-पल की जानकारी ली जा रही है।
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