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अपनों ने भी खोला दुधवा के डीडी के खिलाफ मोर्चा
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पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक (डीडी) मनोज सोनकर की दुश्वारियां पीछा छोड़ती नजर नहीं आ रही हैं। अभी तक पलिया विधायक ही उनकी कार्यशैली पर उंगली उठा रहे थे, लेकिन अब विभाग के ही कर्मचारियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दुधवा के ‘फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन’ के बैनर तले दुधवा पार्क कर्मी उनकी कार्यशैली के खिलाफ अनिश्चतकालीन कार्य बहिष्कार करने जा रहे हैं, जो 10 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा।
बहिष्कार के इस निर्णय के बारे में फेडरेशन ने मुख्य वन संरक्षक एवं दुधवा टाईगर रिजर्व के फील्ड निदेशक को पत्र भेजकर जानकारी दे दी है। कर्मचारियों का कहना है कि डीडी निरंतर कर्मियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। निरंतर कर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। हालांकि उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में कोई भी मांग अभी नहीं की गई है। उपनिदेशक अभी छुट्टी पर हैं, जिससे यहां का चार्ज दुधवा टाईगर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल के पास है। बहिष्कार के बारे में कर्मचारियों के अन्य साथी संगठनों को साथ आने का आह्वान किया गया है। अभी हाल में विधायक रोमी साहनी ने भी डीडी की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि कटरुआ बीनने वालों को वसूली के लिए मजदूरों को पकड़ा जा रहा है और रकम न देने पर उन पर मोटा जुर्माना लगाया जा रहा है। वहीं लकड़ी काटने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। यह मामला विधायक ने जिले के प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया के सामने भी रखा था। मंत्री ने सख्त ऐतराज जताते हुए डीडी सोनकर को चेतावनी भी दी थी। अब कर्मियों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
ये हैं आरोप
डीडी कर्मचारियों से अनावश्यक काम लेते हैं। ड्यूटी खत्म होने के बाद भी काम के लिए रोक लिया जाता है। साथ ही डीडी अभद्र भाषा बोलते हैं।
मैं अभी अवकाश पर हूं और मुझे इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है। कौन बहिष्कार कर रहा है और क्यों कर रहे हैं। इसके बारे में कुछ कह नहीं सकता। -मनोज सोनकर, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क
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बहिष्कार के इस निर्णय के बारे में फेडरेशन ने मुख्य वन संरक्षक एवं दुधवा टाईगर रिजर्व के फील्ड निदेशक को पत्र भेजकर जानकारी दे दी है। कर्मचारियों का कहना है कि डीडी निरंतर कर्मियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। निरंतर कर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। हालांकि उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में कोई भी मांग अभी नहीं की गई है। उपनिदेशक अभी छुट्टी पर हैं, जिससे यहां का चार्ज दुधवा टाईगर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल के पास है। बहिष्कार के बारे में कर्मचारियों के अन्य साथी संगठनों को साथ आने का आह्वान किया गया है। अभी हाल में विधायक रोमी साहनी ने भी डीडी की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि कटरुआ बीनने वालों को वसूली के लिए मजदूरों को पकड़ा जा रहा है और रकम न देने पर उन पर मोटा जुर्माना लगाया जा रहा है। वहीं लकड़ी काटने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। यह मामला विधायक ने जिले के प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया के सामने भी रखा था। मंत्री ने सख्त ऐतराज जताते हुए डीडी सोनकर को चेतावनी भी दी थी। अब कर्मियों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
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ये हैं आरोप
डीडी कर्मचारियों से अनावश्यक काम लेते हैं। ड्यूटी खत्म होने के बाद भी काम के लिए रोक लिया जाता है। साथ ही डीडी अभद्र भाषा बोलते हैं।
मैं अभी अवकाश पर हूं और मुझे इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है। कौन बहिष्कार कर रहा है और क्यों कर रहे हैं। इसके बारे में कुछ कह नहीं सकता। -मनोज सोनकर, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क
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