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दुधवा जंगल के किनारे खुदवाई गहरी खाई
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बेलरायां। दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जंगल के किनारे गहरी खाई खुदवाई है। इससे गांव के मवेशियों व ग्रामीणों की आवजाही पर अंकुश लग सकेगा।
दुधवा नेशनल पार्क जंगल के डिप्टी डायरेक्टर मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए नेपाल बॉर्डर की गौरीफंटा, चंदनचौकी, वनकटी, सोनारीपुर, बेलरायां रेंज की सीमा के चारों ओर जेसीबी से 10 फुट गहरी खाईं खुदवाई गईं हैं। इससे शिकारियों, लकड़ी चोरों व मवेशियों की आवाजाही पर अंकुश लग सकेगा। वहीं वन्यजीवों का जंगल से बाहर निकलना बंद हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वन कर्मचारियों ने जंगल में पेट्रोलिंग कर निगरानी शुरू कर दी है। पार्क रेंज बेलरायां के वन क्षेत्राधिकारी चंद्रभाल ने बताया की बेलरायां पार्क रेज की सीमा में 32 किलोमीटर लंबी और करीब दस फुट गहरी खाई खुदवाई गई है।
वन्य जीवों के लिए जंगल में बनाया गया वाटर होल
ममरी। मोहम्मदी रेंज के जंगल से होकर गुजरने वाली कठिना नदी की जलधारा ठप हो जाने से पानी की तलाश में भटक रहे, बाघ, तेंदुओं आदि वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए आंवला, महेशपुर, देवीपुर, सहजनियां बीट के जंगल में सात वाटर होल बनाए गए हैं।
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रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि इन वाटर होलों में टैंकरों से पानी भरवाया गया है। संवाद
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दुधवा नेशनल पार्क जंगल के डिप्टी डायरेक्टर मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए नेपाल बॉर्डर की गौरीफंटा, चंदनचौकी, वनकटी, सोनारीपुर, बेलरायां रेंज की सीमा के चारों ओर जेसीबी से 10 फुट गहरी खाईं खुदवाई गईं हैं। इससे शिकारियों, लकड़ी चोरों व मवेशियों की आवाजाही पर अंकुश लग सकेगा। वहीं वन्यजीवों का जंगल से बाहर निकलना बंद हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वन कर्मचारियों ने जंगल में पेट्रोलिंग कर निगरानी शुरू कर दी है। पार्क रेंज बेलरायां के वन क्षेत्राधिकारी चंद्रभाल ने बताया की बेलरायां पार्क रेज की सीमा में 32 किलोमीटर लंबी और करीब दस फुट गहरी खाई खुदवाई गई है।
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वन्य जीवों के लिए जंगल में बनाया गया वाटर होल
ममरी। मोहम्मदी रेंज के जंगल से होकर गुजरने वाली कठिना नदी की जलधारा ठप हो जाने से पानी की तलाश में भटक रहे, बाघ, तेंदुओं आदि वन्यजीवों की प्यास बुझाने के लिए आंवला, महेशपुर, देवीपुर, सहजनियां बीट के जंगल में सात वाटर होल बनाए गए हैं।
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रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि इन वाटर होलों में टैंकरों से पानी भरवाया गया है। संवाद