{"_id":"6a95bda33b643254d201e06f","slug":"drunken-steps-falter-relationships-falter-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1002-183750-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: नशे में डगमगाए कदम, रिश्ते भी लड़खड़ाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: नशे में डगमगाए कदम, रिश्ते भी लड़खड़ाए
Mon, 31 Aug 2026 11:15 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:15 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। शाम ढलते ही घर लौटते कदम जब नशे में लड़खड़ाते हैं तो कई घरों का सुकून भी साथ ही लड़खड़ा जाता है। शराब पीकर घर पहुंचने के बाद छोटी-सी बात पर शुरू हुआ विवाद गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच रहा है।
रिश्तों में बढ़ती इस कड़वाहट के बाद महिलाएं महिला थाने पहुंच रही हैं। रोजाना आने वाले पारिवारिक विवादों में कई मामलों की जड़ में पति की शराब की लत सामने आ रही है।
परिवार की जिम्मेदारियों के बीच शराब का नशा लगातार तनाव बढ़ा रहा है। काउंसलिंग में कई मामलों में शराब की लत के कारण विवाद होना सामने आता है। कई बार यही विवाद तलाक तक पहुंच जाते हैं। इसका असर बच्चों और पूरे परिवार पर भी पड़ता है। हालांकि, काउंसलिंग के जरिये टूटते रिश्तों को दोबारा जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
-- -- -- -- --
केस : 1
शराब छोड़ने का भरोसा मिला तो लौटी ससुराल
सदर कोतवाली के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि शादी के कुछ समय तक सब ठीक रहा। बाद में पति के शराब पीने की बात पता चली। शराब पीने का विरोध करने पर पहले गाली-गलौज होती थी। कुछ समय बाद विवाद मारपीट में बदल गया। कई बार मारपीट के बाद पुलिस में शिकायत की। पति ने शराब छोड़ने की बात कही तो वह राजी-खुशी ससुराल आ गई।
-- -- -- -- -- --
केस : 2
तीन महीने की काउंसलिंग से बचा रिश्ता
थाना फूलबेहड़ के गांव निवासी महिला का मामला भी शराब से जुड़ा है। विवाहिता ने बताया कि पति शराब का आदी है। वह रोज शराब पीने के बाद बच्चों के सामने गाली-गलौज करने के साथ मारपीट करता था। महिला ने महिला थाने में शिकायत की। वह पति के साथ रहने को राजी नहीं थी। करीब तीन महीने तक लगातार मिलने वाली तारीख पर आने के बाद काउंसलिंग हुई। समझाने-बुझाने के बाद दोनों साथ रहने को राजी हुए।
-- -- -- -- -- --
हर महीने आते हैं डेढ़ सौ से अधिक मामले
घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों को लेकर महिला थाने के अलावा कोतवाली और थानों में बनी महिला हेल्प डेस्क पर हर रोज 10 से 20 मामले सामने आते हैं। हर महीने डेढ़ सौ से अधिक मामले दर्ज किए जाते हैं। इनमें से ज्यादातर मामलों को निपटाने का प्रयास किया जाता है। काउंसलिंग के दौरान हर छोटी-छोटी बात का ध्यान रखा जाता है। समझाने के बाद तमाम पति-पत्नी खुश होकर घर लौट जाते हैं। मामला नहीं सुलझने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाती है।
-- -- -- -- -- -- -
महिला थाने के अलावा थानों पर बनी महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचने वाले मामलों को निपटाने का प्रयास किया जाता है। काउंसलिंग के माध्यम से तमाम विवादों को सुलझा दिया जाता है। इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि दंपती खुश होकर घर जाएं।
-डॉ. ख्याति गर्ग, एसपी
विज्ञापन
रिश्तों में बढ़ती इस कड़वाहट के बाद महिलाएं महिला थाने पहुंच रही हैं। रोजाना आने वाले पारिवारिक विवादों में कई मामलों की जड़ में पति की शराब की लत सामने आ रही है।
विज्ञापन
परिवार की जिम्मेदारियों के बीच शराब का नशा लगातार तनाव बढ़ा रहा है। काउंसलिंग में कई मामलों में शराब की लत के कारण विवाद होना सामने आता है। कई बार यही विवाद तलाक तक पहुंच जाते हैं। इसका असर बच्चों और पूरे परिवार पर भी पड़ता है। हालांकि, काउंसलिंग के जरिये टूटते रिश्तों को दोबारा जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
केस : 1
शराब छोड़ने का भरोसा मिला तो लौटी ससुराल
सदर कोतवाली के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि शादी के कुछ समय तक सब ठीक रहा। बाद में पति के शराब पीने की बात पता चली। शराब पीने का विरोध करने पर पहले गाली-गलौज होती थी। कुछ समय बाद विवाद मारपीट में बदल गया। कई बार मारपीट के बाद पुलिस में शिकायत की। पति ने शराब छोड़ने की बात कही तो वह राजी-खुशी ससुराल आ गई।
केस : 2
तीन महीने की काउंसलिंग से बचा रिश्ता
थाना फूलबेहड़ के गांव निवासी महिला का मामला भी शराब से जुड़ा है। विवाहिता ने बताया कि पति शराब का आदी है। वह रोज शराब पीने के बाद बच्चों के सामने गाली-गलौज करने के साथ मारपीट करता था। महिला ने महिला थाने में शिकायत की। वह पति के साथ रहने को राजी नहीं थी। करीब तीन महीने तक लगातार मिलने वाली तारीख पर आने के बाद काउंसलिंग हुई। समझाने-बुझाने के बाद दोनों साथ रहने को राजी हुए।
हर महीने आते हैं डेढ़ सौ से अधिक मामले
घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों को लेकर महिला थाने के अलावा कोतवाली और थानों में बनी महिला हेल्प डेस्क पर हर रोज 10 से 20 मामले सामने आते हैं। हर महीने डेढ़ सौ से अधिक मामले दर्ज किए जाते हैं। इनमें से ज्यादातर मामलों को निपटाने का प्रयास किया जाता है। काउंसलिंग के दौरान हर छोटी-छोटी बात का ध्यान रखा जाता है। समझाने के बाद तमाम पति-पत्नी खुश होकर घर लौट जाते हैं। मामला नहीं सुलझने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाती है।
महिला थाने के अलावा थानों पर बनी महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचने वाले मामलों को निपटाने का प्रयास किया जाता है। काउंसलिंग के माध्यम से तमाम विवादों को सुलझा दिया जाता है। इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि दंपती खुश होकर घर जाएं।
-डॉ. ख्याति गर्ग, एसपी