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जिला अस्पताल : बुखार के साथ बढ़ रहे जुकाम और गले में दर्द के रोगी
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लखीमपुर खीरी। पिछले कुछ दिनों से दिन और रात के तापमान में दस डिग्री से अधिक का अंतर आ गया है। इससे बच्चे और बड़े बीमार होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। मंगलवार की ओपीडी में पहुंचे 1500 मरीजों में सर्वाधिक संख्या बुखार के साथ गले में दर्द, जुकाम व खांसी के मरीजों की रही।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 18 डिग्री रहा। दिन में गर्मी और सुबह व रात में मौसम ठंडा होने से लोग बीमार हो रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि इस समय गर्मी का अंत और सर्दी की शुरूआत हो रही है। ऐसे में खानपान और रहन-सहन में जरा सी लापरवाही बीमारियों का कारण बनती जा रही है। इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए ठंडी चीजों से खाने से बचें। एसी व कूलर का उपयोग न करें और पंखा धीमा चलाएं। मंगलवार को बच्चा वार्ड में भर्ती 20 बच्चों में चार बुखार की चपेट में हैं। वहीं एक हाईग्रेड फीवर से ग्रसित बच्चे को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है। हालांकि भर्ती बच्चों की सेहत में सुधार होना बताया जाता है।
तारीख- अधिकतम- न्यूनतम
11- 34-20
12- 34- 20
13- 33- 19
14- 33- 22
15- 34-22
16 - 33- 21
17 - 31- 20
जरा सी सावधानी रखकर हो सकता है बचाव
फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि मौसम बदल रहा है। दिन रात के तापमान का अधिक अंतर ही लोगों को बीमार कर रहा है। ऐसे मौसम में अधिकांश वायरस एक्टिव हो जाते हैं। मरीजों की संख्या अधिक जरूर है, लेकिन दवाओं से काम चल रहा है। मरीजों को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
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आयुर्वेदिक की ओपीडी में 100 से अधिक पहुंचे मरीज
जिला अस्पताल के आयुर्वेदिक डॉक्टर विजय प्रकाश वर्मा ने बताया कि ओपीडी में भी बुखार के साथ गले में दर्द आदि के मरीज आ रहे हैं। मौसम के बदलाव में होने वाली बीमारियों का मुख्य कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना है। इसलिए संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें। पीने में गुनगुने पानी का सेवन करें। बुखार एवं गले आदि में दर्द होने पर अस्पताल आकर दिखाएं।
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मंगलवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 18 डिग्री रहा। दिन में गर्मी और सुबह व रात में मौसम ठंडा होने से लोग बीमार हो रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि इस समय गर्मी का अंत और सर्दी की शुरूआत हो रही है। ऐसे में खानपान और रहन-सहन में जरा सी लापरवाही बीमारियों का कारण बनती जा रही है। इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए ठंडी चीजों से खाने से बचें। एसी व कूलर का उपयोग न करें और पंखा धीमा चलाएं। मंगलवार को बच्चा वार्ड में भर्ती 20 बच्चों में चार बुखार की चपेट में हैं। वहीं एक हाईग्रेड फीवर से ग्रसित बच्चे को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है। हालांकि भर्ती बच्चों की सेहत में सुधार होना बताया जाता है।
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तारीख- अधिकतम- न्यूनतम
11- 34-20
12- 34- 20
13- 33- 19
14- 33- 22
15- 34-22
16 - 33- 21
17 - 31- 20
जरा सी सावधानी रखकर हो सकता है बचाव
फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि मौसम बदल रहा है। दिन रात के तापमान का अधिक अंतर ही लोगों को बीमार कर रहा है। ऐसे मौसम में अधिकांश वायरस एक्टिव हो जाते हैं। मरीजों की संख्या अधिक जरूर है, लेकिन दवाओं से काम चल रहा है। मरीजों को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
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आयुर्वेदिक की ओपीडी में 100 से अधिक पहुंचे मरीज
जिला अस्पताल के आयुर्वेदिक डॉक्टर विजय प्रकाश वर्मा ने बताया कि ओपीडी में भी बुखार के साथ गले में दर्द आदि के मरीज आ रहे हैं। मौसम के बदलाव में होने वाली बीमारियों का मुख्य कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना है। इसलिए संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें। पीने में गुनगुने पानी का सेवन करें। बुखार एवं गले आदि में दर्द होने पर अस्पताल आकर दिखाएं।