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Lakhimpur Kheri News: 130 चकरोड दुरुस्त होने से निपटे विवाद, मजदूरों को रोजगार भी मिला
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गांव में बनाया गया चकमार्ग। स्रोत : विभाग
लखीमपुर खीरी। गांवों में अधिकांश विवाद चकमार्गों को लेकर होते हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को सुगम और विवाद मुक्त बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है।
चकमार्ग को लेकर सबसे अधिक शिकायत वाले 75 ग्राम पंचायतों में 130 चकरोड दुरुस्त कराए गए हैं। चकमार्ग बनने से विवाद का निपटारा हुआ। साथ ही ग्रामीणों को एक सुगम मार्ग मिलने के साथ ही मनरेगा मजदूरों को रोजगार मिला।
डीसी मनरेगा सुशांत सिंह ने बताया कि वैसे तो चकमार्ग प्रत्येक गांव में दुरुस्त कराए जाने है। पहले चरण में प्रत्येक ब्लाॅक के पांच-पांच ब्लाकों को लिया गया था, जहां सबसे ज्यादा शिकायतें चकमार्ग से संबंधित थीं। जिले के 15 ब्लाॅक के 75 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत में राजस्व व पुलिस की मदद से मनरेगा से 130 चकरोड़ दुरुस्त कराए गए हैं। 130 चकमार्ग करीब 60 किलो मीटर लंबाई में दुरुस्त कराए हैं।
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इससे करीब 56292 मानव दिवस रोजगार मिला। चकमार्ग बनने से करीब 10 हजार से अधिक लोगों इसका सीधे लाभ मिलेगा। डीसी मनरेगा सुशांत सिंह ने बताया कि धीरे-धीरे सभी गांवों में चकमार्ग दुरुस्त किए जाने हैं। सर्वाधिक शिकायत वाले गांवों की प्राथमिकता रहेगी।
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राजस्व और पुलिस की ली जा रही मदद
जिले के काफी चकमार्गों पर अवैध कब्जे है। इसको लेकर आए दिन विवाद होते है। साथ ही कई चकमार्ग संकरे हो चुके हैं। एसडीएम, खंड विकास अधिकारी, संबंधित गांव के सचिव के समन्वय से चकमार्गों को चिह्नित कर उनको दुरुस्त कराया जा रहा है। अगर कहीं जरूरत पड़ती है तो लेखपाल से पैमाइश कराई जाती है। कहीं कहीं पुलिस की मदद भी ली जा रही।
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चकमार्ग को लेकर सबसे अधिक शिकायत वाले 75 ग्राम पंचायतों में 130 चकरोड दुरुस्त कराए गए हैं। चकमार्ग बनने से विवाद का निपटारा हुआ। साथ ही ग्रामीणों को एक सुगम मार्ग मिलने के साथ ही मनरेगा मजदूरों को रोजगार मिला।
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डीसी मनरेगा सुशांत सिंह ने बताया कि वैसे तो चकमार्ग प्रत्येक गांव में दुरुस्त कराए जाने है। पहले चरण में प्रत्येक ब्लाॅक के पांच-पांच ब्लाकों को लिया गया था, जहां सबसे ज्यादा शिकायतें चकमार्ग से संबंधित थीं। जिले के 15 ब्लाॅक के 75 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत में राजस्व व पुलिस की मदद से मनरेगा से 130 चकरोड़ दुरुस्त कराए गए हैं। 130 चकमार्ग करीब 60 किलो मीटर लंबाई में दुरुस्त कराए हैं।
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इससे करीब 56292 मानव दिवस रोजगार मिला। चकमार्ग बनने से करीब 10 हजार से अधिक लोगों इसका सीधे लाभ मिलेगा। डीसी मनरेगा सुशांत सिंह ने बताया कि धीरे-धीरे सभी गांवों में चकमार्ग दुरुस्त किए जाने हैं। सर्वाधिक शिकायत वाले गांवों की प्राथमिकता रहेगी।
राजस्व और पुलिस की ली जा रही मदद
जिले के काफी चकमार्गों पर अवैध कब्जे है। इसको लेकर आए दिन विवाद होते है। साथ ही कई चकमार्ग संकरे हो चुके हैं। एसडीएम, खंड विकास अधिकारी, संबंधित गांव के सचिव के समन्वय से चकमार्गों को चिह्नित कर उनको दुरुस्त कराया जा रहा है। अगर कहीं जरूरत पड़ती है तो लेखपाल से पैमाइश कराई जाती है। कहीं कहीं पुलिस की मदद भी ली जा रही।