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यहां तो कई गांव में धधक रहीं शराब की भट्ठियां
लख्ाीमपुरख्ाीरी
Updated Fri, 05 May 2017 11:12 PM IST
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श्ाराब
- फोटो : अमर उजाला
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घर-घर खुले मयखाने, शाम होते ही सजती हैं पियक्कड़ों की महफिलें
क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब की भट्ठियां धधक रही हैं। खाकी और खादी के संरक्षण में यह धंधा खूब फल फूल रहा है। खाकी के संरक्षण की पोल हाल में तब खुली जब एसपी डॉ. एस चन्नपा ने बांकेगंज पुलिस चौकी प्रभारी समेत चार पुलिस कर्मियों को अवैध शराब बनाने और खुलेआम बेचने वालों को संरक्षण देने के आरोप में सस्पेंड किया। शायद खाकी का संरक्षण बदस्तूर जारी रहता, यदि शराब बनाने के विवाद में मारपीट की जांच न होती।
बांकेगंज इलाके के जंगल से सटे गांव गंगापुर, प्रतापपुर, बांकेपुर, खैरताली, सुभानपुर, मक्कागंज आदि गांव में ग्रामीणों का अवैध शराब बनाकर बेचना मुख्य धंधा हो गया है। इस धंधे में महिलाएं भी बराबर की भागीदार हैं। खाकी यदि कभी सख्ती करती है तो खादी आड़े आ जाती है। इसके चलते यहां के लोग पिछले कई सालों से बेखौफ होकर धंधा कर रहे हैं। शराब बनाने की भट्ठियां लोगों के घरों के अलावा खेतों और जंगल तक धधकती हैं। इससे जंगल में आग लगने का खतरा बना रहता है।
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तीन दिन पहले प्रतापपुर गांव में शराब बनाने के विवाद में दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इसमें कई लोग घायल भी हुए, मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन चौकी पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया बाद में बात उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो सीओ गोला अशोक कुमार जांच करने पहुंचे। जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि झगड़ा शराब बनाने और बेचने के विवाद में हुआ था, और इस धंधे मे पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। सीओ ने अपनी रिपोर्ट जब एसपी को सौंपी तो एसपी ने सख्त रवैया अपनाते हुए चौकी प्रभारी समेत चार को सस्पेंड कर दिया।
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मालूम हो कि जंगल के आस-पास रहने वाले गांव में गांव के लोग शराब बनाने में माहिर मानें जाते हैं। गुड़, राब या शीरे से शराब बनाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे है। शाम होते ही इन गांवों में पियक्कडों का जमावाड़ा हो जाता है। कुछ यहां से खरीदकर ले जाते हैं, तो कुछ गांव में ही महफिल जमा लेते हैं। इस महफिल में महिलाएं भी शामिल होती है। महफिलों में अक्सर गांव की महिलाएं शराब परोसती नजर आती है। नशा परवान चढ़ने पर अक्सर यहां झगडे़ फसाद भी होते हैं। कई बार यह मामले पुलिस तक पहुंचते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें रफा-दफा कर देती है।
लोगों का मानना है कि नवागत एसपी के सख्त रवैये से अवैध शराब के धंधे पर शायद अंकुश लग सके। उधर पलिया भाजपा विधायक रोमी साहनी भी अवैध शराब मामले में कड़ा रुख दिखाया है। कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। इस धंधे को संरक्षण देने वाले पर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी, भले ही इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री से क्यों न बात करनी पड़े।
शराब ही अपराधों की जननी है। जिले में कसी तरह अवैध शराब बनने और बिकने नहीं दी जाएगी। यदि कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी अवैध शराब के धंधे को संरक्षण देता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। अवैध शराब पर अंकुश लगाया जाएगा।
- डॉ. एस चन्नपा, एसपी
विभाग में स्टाफ की कमी के बावजूद अवैध शराब के धंधे को रोकने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
एसके श्रीवास्तव, जिला आबकारी अधिकारी, खीरी।
फोटो लाइन- 05जीएलए-बीकेजी01- बांकेगंज इलाके में धधकती अवैध शराब की भट्ठियां।