फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   The lovers' death left many questions

कई सवाल छोड़ गई प्रेमी युगल की मौत

Tue, 16 Feb 2016 10:19 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Tue, 16 Feb 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
The lovers' death left many questions
कोतवाली सदर की पुलिस चौकी महेवागंज अंतर्गत गांव निवासी 16 वर्षीय किशोर और 15 वर्षीय किशोरी के एक ही पेड़ की डाल से लटके मिले शवों के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनको लेकर पुलिस भी असमंजस में है।
विज्ञापन

सोमवार को दिन के तीन बजे से लापता किशोर और पशुओं का चारा लेने गई किशोरी के शाम तक घर न लौटने के बाद दूसरे दिन एक ही पेड़ की डाल पर एक ही दुपट्टे से लटकते शव मिले। पुलिस के अनुसार, दोनों ने एक ही दुपट्टे को फाड़कर गांठ लगाई और फंदा बनाकर एक ही डाल पर झूल गए। गांव और परिवार वालों की माने तो शवों को लटकते हुए मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे खेत पर गए कुछ लोगों ने देखा। आखिर एक दिन पहले से लापता युगल रात भर कहां रहा? यदि दोनों ने रात में ही फांसी लगाई तो सुबह से दोपहर तक उनके शवों पर किसी की नजर कैसे नहीं पड़ी, जबकि बाग के पास से आम रास्ता है और गांव में सुबह से ही लोग खेतों पर जाते हैं। दूसरा सवाल यह भी है कि यदि दोनों ने दोपहर में ही फांसी लगाई तो वे रात से लेकर दोपहर तक कहां रहे? इन कारणों का जवाब पुलिस और परिवार वाले नहीं दे पा रहे हैं, जबकि एसपी अखिलेश चौरसिया का कहना है कि अभी मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना में पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा।
विज्ञापन

--
परिवार वालों की चुप्पी से भी उलझी गुत्थी
एसपी अखिलेश चौरसिया ने मौका मुआयना करने के बाद बताया कि परिवार वाले दोनों के बीच प्रेम प्रसंग की जानकारी से इनकार कर रहे हैं। गांव वाले भी मामले में कुछ नहीं बोल रहे हैं। यही वजह है कि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
दो डॉक्टरों के पैनल से बुधवार को होगा पोस्टमार्टम
सीएमएस डॉ वीके साहू ने बताया कि किशोर और किशोरी के पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों के पैनल में डॉ राजेश कुमार और डॉ वीके वर्मा को नामित किया गया है। शवों का बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
--
मजदूर पेेशा हैं दोनों परिवार
फांसी लगाने वाले किशोर और किशोरी के के परिवार वाले मजदूरी  पेशा हैं। किशोरी के पिता के पास दो बीघा जमीन है। जीवन-यापन के  लिए ये परिवार मजदूरी पर ही निर्भर है। यही हाल फांसी लगाने वाले किशोर के परिवार का है। ग्राम समाज की जमीन पर एक झोपड़ीनुमा घर बनाकर रहते हैं।  उसके पिता भी मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
--
मामा के पास रह रहा था नाराज किशोर
इधर किशोर का पिता से एक सप्ताह पूर्व किसी बात पर कुछ विवाद हो गया था तो वह गांव में ही रह रहे अपने मामा के यहां रहने लगा था। सोमवार को वह भी अचानक लगभग तीन बजे कहीं चला गया।

--
छह महीने पहले सोनीपत गया था मजदूरी करने
महज कक्षा पांच तक की शिक्षा हासिल करने वाला किशोर छह महीने पहले सोनीपत गया था। वहां उसने दो महीने तक काम किया, उसके बाद लौट आया था।
--
पढ़ी-लिखी नहीं है किशोरी
15 वर्षीय किशोरी पढ़ी-लिखी नहीं है। परिवार वालों ने बताया कि प्रारंभ में उसे प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने भेजा गया, लेकिन पढ़ाई में मन नहीं लगाया और स्कूल जाना छोड़ दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed