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दो ठेकेदारों पर दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 16 Sep 2016 10:47 PM IST
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पीएमजेएसवाई के टेंडर में लगाई फर्जी एफडी
पीडब्ल्यूडी के पीएमजेएसवाई खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने दो ठेकेदारों के खिलाफ सदर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि एटा के दो ठेकेदारों ने धरोहर राशि के लिए 9.55 लाख के एफडीआर जमा किए थे, जिन्हें भुगतान के लिए बैंक भेजा गया तो वे फर्जी निकले।
अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत महेवागंज से बेडनापुर मार्ग पर निर्माण कार्य के लिए फर्म मेसर्स बीएस इंजीनियरिंग एंड कांटैक्टर (प्रोपाइटर प्रदीप सिसोदिया निवासी लालगढ़ी जिला एटा) से अनुबंध हुआ था। इसके बाद फर्म के अधिकृत दीपेंद्र सिंह निवासी लालगढ़ी एटा ने धरोहर राशि (एफडीआर) के तौर पर 9.55 लाख रुपये के बैंक ड्राफ्ट जमा किए गए, जो श्रेयस ग्रामीण बैंक (प्रवर्तक केनरा बैंक) मुख्य शाखा एटा द्वारा जारी थे। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक फर्म ने कार्य नहीं कराया, तो विभाग ने धरोहर राशि जब्त करते हुए एफडीआर के भुगतान की कार्रवाई शुरू की। संबंधित बैंक शाखा के अधिकारियों ने ड्राफ्ट को फर्जी करार देते हुए रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी। पुलिस ने आरोपी प्रदीप कुमार सिसोदिया और वीरेंद्र सिंह निवासी लालगढ़ी एटा के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाल रामजी चौधरी ने बताया कि मामले की जांच एसएसआई जेपी यादव को सौंपी गई है।
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पीडब्ल्यूडी के पीएमजेएसवाई खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने दो ठेकेदारों के खिलाफ सदर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि एटा के दो ठेकेदारों ने धरोहर राशि के लिए 9.55 लाख के एफडीआर जमा किए थे, जिन्हें भुगतान के लिए बैंक भेजा गया तो वे फर्जी निकले।
अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत महेवागंज से बेडनापुर मार्ग पर निर्माण कार्य के लिए फर्म मेसर्स बीएस इंजीनियरिंग एंड कांटैक्टर (प्रोपाइटर प्रदीप सिसोदिया निवासी लालगढ़ी जिला एटा) से अनुबंध हुआ था। इसके बाद फर्म के अधिकृत दीपेंद्र सिंह निवासी लालगढ़ी एटा ने धरोहर राशि (एफडीआर) के तौर पर 9.55 लाख रुपये के बैंक ड्राफ्ट जमा किए गए, जो श्रेयस ग्रामीण बैंक (प्रवर्तक केनरा बैंक) मुख्य शाखा एटा द्वारा जारी थे। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक फर्म ने कार्य नहीं कराया, तो विभाग ने धरोहर राशि जब्त करते हुए एफडीआर के भुगतान की कार्रवाई शुरू की। संबंधित बैंक शाखा के अधिकारियों ने ड्राफ्ट को फर्जी करार देते हुए रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी। पुलिस ने आरोपी प्रदीप कुमार सिसोदिया और वीरेंद्र सिंह निवासी लालगढ़ी एटा के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाल रामजी चौधरी ने बताया कि मामले की जांच एसएसआई जेपी यादव को सौंपी गई है।
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