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Ghaziabad News: सिंगापुर-हांगकांग में 165 करोड़ के फर्जी लेनदेन का खुलासा, महिला और सीए पर रिपोर्ट दर्ज
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गाजियाबाद। आगरा की आयकर विभाग की टीम ने फर्जी कंपनियों और प्रमाणपत्रों के जरिये 165 करोड़ रुपये विदेश भेजने का खुलासा किया है। आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा की टीम ने टीलामोड़ थानाक्षेत्र स्थित ऑक्सीहोम अपार्टमेंट निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के फ्लैट पर सर्वे किया गया। इस दौरान तीन फर्जी लॉजिस्टिक कंपनियों से जुड़े दस्तावेज, विदेश में धन भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए फार्म-15 सीबी समेत कई अहम साक्ष्य बरामद किए। प्रारंभिक जांच में करीब 165 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन का पता चला है। आरोप है कि सीए और उसकी साथी ने मोटी रकम हांगकांग और सिंगापुर समेत कई अन्य देशों में भेजी है।
पुलिस के अनुसार, आयकर विभाग की जांच शाखा के उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार की ओर से टीलामोड़ थाने में सीए अमित मेहरा और मालवीय नगर दिल्ली निवासी नविता कुमारी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। 18 अगस्त को आगरा की आईटी टीम को फर्जी कंपनियों और प्रमाण पत्रों के माध्यम से बड़ी मात्रा में धन भारत से विदेश भेजे जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने 18 अगस्त को ऑक्सी होम अपार्टमेंट स्थित सीए अमित मेहरा के फ्लैट पर सर्वे किया। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बरामद दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि अमित मेहरा कथित तौर पर भारत से अवैध तरीके से धन विदेश भेजने वाले गिरोह के लिए काम कर रहे थे। फ्लैट से मिले अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इसके आधार पर आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा की ओर से सोमवार को दोनों के खिलाफ टीलामोड़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
15 सीबी फार्म के जरिये भेजते थे रकम
जांच में सामने आया कि विदेश में धन भेजने से जुड़े मामलों में सीए अमित मेहरा ने आवश्यक जांच-पड़ताल किए बिना ही फार्म-15 सीबी जारी कर दी। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर नियमों के तहत धनराशि विदेश भेजनी आसान हो गई। आयकर विभाग की जांच में फर्जी दस्तावेजों के जरिये कर चोरी व धोखाधड़ी के भी तथ्य सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में अमित मेहरा ने बताया कि उन्होंने यह काम नविता कुमारी के कहने पर किया था।
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चार बार में सवा दो करोड़ रुपये भेजने का भी आरोप
दर्ज मुकदमे में यह भी बताया गया है कि आरोपियों ने चार बार में करीब सवा दो करोड़ रुपये विदेश भेजे हैं। यह रकम किन-किन देशों में भेजी गई और इसके पीछे क्या उद्देश्य था, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर विदेश में भेजी गई रकम और ऐसे अन्य लेनदेन की जानकारी की जा रही है।
ईडी समेत कई जांच एजेंसी हुई एक्टिव
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत राजस्व से जुड़ी अन्य एजेंसियों ने भी जांच शुरू कर दी है। आयकर विभाग की टीम बरामद दस्तावेजों और डिजिटल व वित्तीय साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि फर्जी कंपनियों और प्रमाण पत्रों के जरिये विदेश धन भेजने के इस नेटवर्क में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं। जांच के दौरान कई और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।
शालीमार गार्डन एसीपी अतुल कुमार सिंह का कहना है कि आयकर विभाग की ओर से तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करके बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है। विवेचना के लिए उच्च अधिकारियों की टीम का गठन किया जाएगा। कई एजेंसियां भी जांच कर रही हैं। वहीं, आरोपी अमित की भी जांच की जा रही है कि वह सोसायटी में कब से रह रहा था।
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पुलिस के अनुसार, आयकर विभाग की जांच शाखा के उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार की ओर से टीलामोड़ थाने में सीए अमित मेहरा और मालवीय नगर दिल्ली निवासी नविता कुमारी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। 18 अगस्त को आगरा की आईटी टीम को फर्जी कंपनियों और प्रमाण पत्रों के माध्यम से बड़ी मात्रा में धन भारत से विदेश भेजे जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने 18 अगस्त को ऑक्सी होम अपार्टमेंट स्थित सीए अमित मेहरा के फ्लैट पर सर्वे किया। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बरामद दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि अमित मेहरा कथित तौर पर भारत से अवैध तरीके से धन विदेश भेजने वाले गिरोह के लिए काम कर रहे थे। फ्लैट से मिले अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इसके आधार पर आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा की ओर से सोमवार को दोनों के खिलाफ टीलामोड़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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15 सीबी फार्म के जरिये भेजते थे रकम
जांच में सामने आया कि विदेश में धन भेजने से जुड़े मामलों में सीए अमित मेहरा ने आवश्यक जांच-पड़ताल किए बिना ही फार्म-15 सीबी जारी कर दी। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर नियमों के तहत धनराशि विदेश भेजनी आसान हो गई। आयकर विभाग की जांच में फर्जी दस्तावेजों के जरिये कर चोरी व धोखाधड़ी के भी तथ्य सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में अमित मेहरा ने बताया कि उन्होंने यह काम नविता कुमारी के कहने पर किया था।
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चार बार में सवा दो करोड़ रुपये भेजने का भी आरोप
दर्ज मुकदमे में यह भी बताया गया है कि आरोपियों ने चार बार में करीब सवा दो करोड़ रुपये विदेश भेजे हैं। यह रकम किन-किन देशों में भेजी गई और इसके पीछे क्या उद्देश्य था, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर विदेश में भेजी गई रकम और ऐसे अन्य लेनदेन की जानकारी की जा रही है।
ईडी समेत कई जांच एजेंसी हुई एक्टिव
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत राजस्व से जुड़ी अन्य एजेंसियों ने भी जांच शुरू कर दी है। आयकर विभाग की टीम बरामद दस्तावेजों और डिजिटल व वित्तीय साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि फर्जी कंपनियों और प्रमाण पत्रों के जरिये विदेश धन भेजने के इस नेटवर्क में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं। जांच के दौरान कई और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।
शालीमार गार्डन एसीपी अतुल कुमार सिंह का कहना है कि आयकर विभाग की ओर से तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करके बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है। विवेचना के लिए उच्च अधिकारियों की टीम का गठन किया जाएगा। कई एजेंसियां भी जांच कर रही हैं। वहीं, आरोपी अमित की भी जांच की जा रही है कि वह सोसायटी में कब से रह रहा था।