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पांचवें दिन भी पुलिस और एसटीएफ के हाथ खाली

Wed, 20 Jan 2016 10:25 PM IST
निघासन/सिंगाही।
निघासन/सिंगाही। Updated Wed, 20 Jan 2016 10:25 PM IST
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The fifth day of the police and STF empty hands
खैरीगढ़ से तीन बहनों के अपहरण के मामले में पांचवें दिन भी अपहर्ताओं की धरपकड़ में पुलिस और एसटीएफ की टीमें जुटी रहीं, लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी। एसटीएफ के आईजी सुजीत कुमार पांडे दूसरे दिन भी सिंगाही में डेरा जमाए रहे। कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पर कोई अपहर्ताओं तक पहुंचने का अभी कोई ठोस सुराग नहीं मिला।  
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तिहरे अपहरणकांड में खुलासा न होने से लोगों के जेहन में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। अपहरण के समय तीनों बहनों ने निशानी के तौर पर चप्पलों को रास्ते में कुछ दूरी के अंतराल में छोड़ा था, ताकि खोजबीन के दौरान पुलिस को उन तक पहुंचने में मदद मिल सके। वहीं बदमाशों के चंगुल में रहकर उपमा के फोन से परिवार वालों से कई बार बात की, लेकिन पुलिस बदमाशों के एरिया को ट्रेस नहीं कर सकी। बल्कि दिशाहीन होकर इधर-उधर कांबिंग करती रही। फोर्स और दर्जनों ग्रामीणों ने जंगल और झाड़ियों में बदमाशों की तलाश में खाक छानी, लेकिन उनके हत्थे बदमाश तो दूर चप्पल तक नहीं मिली। इससे दो दिनों तक पुलिस की कांबिंग भी सवालों के घेरे में है। वहीं अपहरणकर्ताओं के कहने पर बहनों ने परिवार वालों से फोन करके बातचीत की, लेकिन सर्विलांस की मदद से ट्रेस नहीं कर सके। बदमाशों को जंगल में फिरौती देकर तीनों बहनों को एक ही बाइक पर बैठाकर आए प्रताप ने बताया कि जब वह पांचों एक ही बाइक पर बैठकर लौट रहा था तो रास्ते में पुलिस की गाड़ी भी मिली, लेकिन किसी ने उन्हें रोकना उचित नहीं समझा।
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हालांकि पुलिस सूत्र बताते हैं कि अभी तक चार दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी हैै। इन लोगों को किस थाने में रखा गया है यह बात भी बताने के लिए कोई तैयार नहीं है। सूत्रों की माने तो पुलिस ने अपहरण की वारदात में शामिल कुछ बदमाशों को चिह्नित कर लिया है, जिनके खिलाफ सबूत जुटाने में पुलिस-एसटीएफ की टीमें जुटी हैैं।
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गुरुवार तक खुलासे का दावा
समय बीतने के साथ ही खुलासे के लिए तय समयसीमा बढ़ती जा रही है। पुलिस-प्रशासन का दावा है कि गुरुवार तक खुलासा कर लिया जाएगा, लेकिन खैरीगढ़ के बाशिंदे इस दावे को बीते चार दिनों से सुनते चले आ रहे हैं। लोगों का उनके दावे से विश्वास उठता जा रहा है।
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पुलिस अधिकारियों पर अभी कार्रवाई नहीं
निघासन। खैरीगढ़ मामले में सीओ की भूमिका संदिग्ध मानते हुए डीएम किंजल सिंह ने काफी नाराजगी जाहिर करते हुए अगवा हुई बहनों को शीघ्र बरामद करने का आदेश दिया था। इस दौरान उन्होंने सीओ को जमकर फटकार भी लगाई थी। जबकि घटना वाली रात को फोन न उठाने के चलते एसओ जेपी यादव की भूमिका पर सवाल उठाए जा चुके हैं, लेकिन सीओ और एसओ पर कोई कार्रवाई न होने से लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप
निघासन थाने के गांव बिनौरा, टांडा, धरमपुरवा गांवों में लूट में पकड़े गए आरोपियों को सर्किल में तैैनात एक अधिकारी पर संरक्षण देने का आरोप लग चुके हैं। आरोप यह है कि यदि कोई हिस्ट्रीशीटर अपराधी पकड़ा जाता है, तो वह अपने मातहतों पर दबाव बनाकर छोड़ देते हैं। इसके चलते यहां अपराधों की बाढ़ सी आ गई है।
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बेलरायां गेस्ट हाउस बना छावनी, थाने में सन्नाटा
खैरीगढ़ में हुई घटना के बाद सिंगाही थाने में सन्नाटा पसरा हुआ है। बेलरायां का गेस्ट हाउस इन दिनों छावनी बना हुआ है। वहां पर एसटीएफ के आईजी सुजीत पांडे को लेकर एसपी अखिलेश चौरसिया और एएसपी एपी सिंह डेरा जमाए हुए हैं। हालांकि खुलासे के बारे में पुलिस कुछ भी बताने से इंकार कर रही है।
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तीसरे दिन भी लगा रहा गांव में तांता
निघासन। सोमवार की रात करीब दस बजे फिरौती देकर तीनों युवतियों के घर लौटने के बाद से उन्हेें देखने वालों का तांता लगा हुआ है। परिवार की सुरक्षा को लेकर रामबली गुप्ता और उनका परिवार काफी चिंतित हैं। गांव के लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

तीनों बहनों को देखने के लिए गांव, रिश्तेदार और क्षेत्र के लोग बाइक, चार पहिया वाहन और ट्रैक्टर ट्रॉली से गांव पहुंच रहे हैं। घर में पैर रखने के लिए कोई स्थान नहीं बचा है। जो भी आता है उनको एक नजर देखकर सकुशल वापस आने पर भगवान को धन्यवाद देता है। प्रधान जलीस अहमद और पूर्व प्रधान शमसुल हक बताते हैं कि इतना फोर्स लगने के बाद भी पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ सकी यह चिंता का विषय है। यहां पर भले ही चंद पीएसी के जवान लगाए गए हैं, लेकिन यह कब तक ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। मामा राजू गुप्ता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि यदि पुलिस चाहती तो उसी दिन अपहरणकर्ता पकड़े जा सकते थे।
मामा ने कहा कि पुलिस है नाराज
अगवा हुई बहनों के मामा सिंगाही निवासी राजू गुप्ता ने बताया कि घटना की रात मुख्यमंत्री आवास को सूचना देने के कारण पुलिस उनसे काफी नाराज है।
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