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बाइक नहीं दी तो साथियों ने कर दी थी हत्या

Fri, 15 May 2015 07:01 PM IST
गोला गोकर्णनाथ
गोला गोकर्णनाथ Updated Fri, 15 May 2015 07:01 PM IST
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The bike is not so co-workers had been killed
नगर से सटे चीनी मिल के पीछे जंगल से मिली अनिल शर्मा की लाश के मामले का कोतवाली पुलिस ने वर्कआउट कर दिया है। पुलिस के अनुसार हत्यारोपियों ने कबूल किया है कि उन लोगों ने साथी अनिल के साथ कच्ची शराब पी थी। इसके बाद उन्होंने उससे बाइक मांगी। मना करने पर गुस्से में उन्होंने उसपर बगौड़ी का प्रहार कर दिया। अनिल के गिरने पर वे लोग बाइक लेकर भाग निकले थे। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त आला कत्ल और मृतक की बाइक बरामद कर दो आरोपियों का चालान भेज दिया है।
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नगर के समीपवर्ती गांव लाल्हापुर निवासी अनिल शर्मा (36) 22 मार्च को बाइक लेकर घर से निकला था। वापस घर न पहुंचने पर पिता रामशरण शर्मा ने 25 मार्च को गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली मे दर्ज करा दी। उसी दिन परिवार वालों को शाम 4.45 पर चीनी मिल के पीछे जंगल में क्षत-विक्षत शव पड़ा होने की सूचना मिली। परिवार वालों ने क्षत-विक्षत शव की पहचान अनिल शर्मा के रूप में की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर जांच शुरू की। घटना के खुलासे के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया। कोतवाल एके उपाध्याय के अनुसार वह पुलिस टीम के साथ 14 मई की शाम को गश्त पर थे, तभी अलीगंज रोड स्थित नहर के पास दो लोग संदिग्ध हालात में दिखाई दिए। पुलिस ने पूछताछ की तो थाना कोतवाली के गांव हफीजपुर निवासी आशुतोष कुमार शुक्ला उर्फ बिल्लू, इस्लामनगर निवासी कल्लू गिरि उर्फ कल्लू घी वाला निकले। दोनों के पास से मृतक अनिल शर्मा की बाइक यूपी 31वाई/4111 पैशन प्रो बरामद होने पर घटना का खुलासा हो गया। पूछताछ के बाद आरोपियों ने झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त बगौड़ी को भी बरामद करा दिया। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों हत्यारोपियों का चालान भेज दिया।
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इस तरह दिया गया घटना को अंजाम
पुलिस के अनुसार मृतक अनिल शर्मा ने दोनों हत्यारोपियों के साथ हफीजपुर में एक घर के बाहर कच्ची शराब पी थी। वहां पर इन लोगों का आपस में विवाद हुआ, लेकिन कुछ देर बाद ही तीनों एक दूसरे के गले मिले। इसके बाद फिर कच्ची शराब खरीदी और तीनों चले गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी के आधार पर पुलिस का इन पर पहले सेे ही शक था। यह शक हत्यारोपियों के फरार होने के कारण पुख्ता हो गया। अलीगंज रोड स्थित नहर के पास पुलिस ने दबोचा तो घटना की परतें खुलती चली गईं। हत्यारोपियोें ने गुनाह कबूल करते हुए बताया कि 22 मार्च को ही हफीजपुर गांव और जंगल के बीच जिंदबाबा स्थान पर जाकर तीनों ने दारू पी थी। इन लोगों ने अनिल से बाइक मांगी तो उसने मना कर दिया। इस पर वे लोग उसे धमकाने लगे लेकिन अनिल हमलावर हुआ तो इन लोगों ने मिलकर उसके गले, सिर और चेहरे पर धारदार हथियार बगौड़ी से कई प्रहार कर दिए थे, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गया तो आशुतोष और कल्लू उसकी बाइक लेकर भाग निकले। पकड़े जाने के भय से वह फरार रहे।
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वर्कआउट करने में शामिल पुलिस टीम
कोतवाल गोला के नेतृत्व में एसएन द्विवेदी, एसआई रामाकांत यादव, आशुतोष त्रिपाठी, सिपाही रामविलास वर्मा।

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