इंदौर क्राइम: कैंसर पीड़ित की सेवा के बहाने केयरटेकर ने की चोरी, चार लाख के जेवर बरामद
इंदौर में कैंसर पीड़ित की देखभाल के लिए रखे केयरटेकर ने परिवार का विश्वास जीतकर लाखों के जेवर और नकदी चुरा ली। चोरी के बाद मोबाइल टाइमलाइन डिलीट की, लेकिन इसी से पुलिस को शक हुआ। आरोपी गिरफ्तार, चार लाख से अधिक के जेवर बरामद।
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इंदौर में कैंसर पीड़ित व्यक्ति की देखभाल के लिए रखे गए एक केयरटेकर ने परिवार का विश्वास जीतकर घर में चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपी ने चोरी के बाद शक से बचने के लिए अपने मोबाइल की टाइमलाइन और अन्य डिटेल भी डिलीट कर दी। हालांकि, मोबाइल से डिलीट की गई जानकारी ही पुलिस के शक की वजह बनी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से चार लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी बरामद की है।
डीसीपी नरेंद्र रावत के मुताबिक, सदर बाजार थाना क्षेत्र निवासी शिवरंजन सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मां के कमरे में रखी अलमारी से पुराने सोने-चांदी के लाखों रुपये कीमत के जेवरात और 15 हजार रुपये नकद चोरी हो गए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि फरियादी के पिता कैंसर से पीड़ित हैं। उनकी देखभाल के लिए भूपेंद्र और दीपेश नाम के दो युवकों को केयरटेकर के रूप में रखा गया था। दोनों अलग-अलग समय पर घर आते थे और बीमार व्यक्ति की देखभाल करते थे।
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चोरी की घटना के बाद दीपेश अचानक काम पर आना बंद कर दिया। इससे पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस ने उसकी तलाश कर उसे पकड़ा और मोबाइल की जांच की। जांच में सामने आया कि जिस दिन चोरी हुई थी, उस दिन की मोबाइल टाइमलाइन और अन्य डिटेल आरोपी ने डिलीट कर दी थी, ताकि उस पर किसी तरह का शक न हो।
पुलिस के अनुसार, दीपेश घर का काम अच्छी तरह करता था और परिवार का विश्वास जीत चुका था। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। आरोपी के पास से चार लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और चार हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और इसी कारण उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। उसने चोरी के बाद मोबाइल का डाटा इसलिए डिलीट किया था, ताकि पुलिस को उसके बारे में कोई सुराग न मिले। आरोपी की योजना थी कि अगर चोरी का शक होता है तो शक दूसरे केयरटेकर भूपेंद्र की ओर जा सकता है।
