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मजदूरी करने बंगलुरू गए 11 युवक सकुशल लौटे
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 05 Jan 2016 10:40 PM IST
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10 दिन पूर्व मजदूरी करने के लिए ठेकेदार के साथ बंगलूरू गए 14 युवकों में से 11 लोग सकुशल घर लौट आए हैं। इससे परिवार वालों के साथ ही पुलिस ने राहत की सांस ली है। जबकि तीन युवक वहां फैक्ट्री में काम करने लगे है, जिनकी जानकारी परिवार वालों ने दी है। मंगलवार को सभी 11 युवक अपने परिवार वालों के साथ कोतवाली पहुंचे, जहां कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए।
बता दें कि 26 दिसंबर 2015 को मोहल्ला गंगोत्रीनगर से 14 युवक और किशोर एक ठेकेदार श्रीमान श्रीवास्तव के साथ मजदूरी करने के लिए बंगलुरू गए थे। इसके बाद 29 दिसंबर को मजदूरी करने गए दीपू की मां गुड्डी देवी ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। प्रार्थना पत्र में गुड्डी देवी ने ठेकेदार पर बिजनौर में काम दिलाने की बात कहकर कहीं और ले जाने का आरोप लगाया था। एएसपी ने मामले की जांच कोतवाली पुलिस को सौंपी थी।
कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने आरोपी ठेकेदार और उसके साथ गए लड़कों से बातचीत कर सभी को लौटने को कहा था। इसके बाद मंगलवार की सुबह 11 लड़के लौट आए, जिसमें एक युवक श्रीमान श्रीवास्तव ठेकेदार का रिश्तेदार है। पुलिस पूछताछ में श्रीमान ने बताया कि सभी को बंगलुरू के पास स्थित कृष्णानगर स्थित ज्यूस फैक्ट्री में काम दिलाने की बात हुई थी, लेकिन कुछ लोगों को बिजनौर का भ्रम हो गया। जबकि बिजनौर में ज्यूस फैक्ट्री ही नहीं है। उसने बताया कि झांसी में खाना खाने के दौरान देरी होने से बंगलुरू जाने वाली ट्रेन छूट गई थी, जिससे चेन्नई होकर जाना पड़ा। इस दौरान गोपी के घर से फोन आया, तो उसने घबराकर बात की, जिससे परिवार वाले डर गए थे। मंगलवार की सुबह जब 11 युवक अपने घरों में लौटे, जिसके बाद परिवार वालों के साथ सभी लोग कोतवाली पहुंचे तो कोतवाल ने राहत की सांस ली और परिवार वालों को आइंदा से अपने लड़कों को जानकारी कर मजदूरी के लिए भेजने के लिए ताकीद की। कोतवाल दुुुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गंगोत्रीनगर मोहल्ले से 14 लोग मजदूरी करने गए थे, जिनमें से 11 लोग लौट आए हैं। जबकि परिवार वालों की सहमति से तीन युवक किशन, वीरू और मौसम मिश्रा कर्नाटक के कृष्णानगर स्थित ज्यूस फैक्ट्री में काम कर रहे हैैं, इसकी पुष्टि परिवार वालों ने की है।
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बता दें कि 26 दिसंबर 2015 को मोहल्ला गंगोत्रीनगर से 14 युवक और किशोर एक ठेकेदार श्रीमान श्रीवास्तव के साथ मजदूरी करने के लिए बंगलुरू गए थे। इसके बाद 29 दिसंबर को मजदूरी करने गए दीपू की मां गुड्डी देवी ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। प्रार्थना पत्र में गुड्डी देवी ने ठेकेदार पर बिजनौर में काम दिलाने की बात कहकर कहीं और ले जाने का आरोप लगाया था। एएसपी ने मामले की जांच कोतवाली पुलिस को सौंपी थी।
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कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने आरोपी ठेकेदार और उसके साथ गए लड़कों से बातचीत कर सभी को लौटने को कहा था। इसके बाद मंगलवार की सुबह 11 लड़के लौट आए, जिसमें एक युवक श्रीमान श्रीवास्तव ठेकेदार का रिश्तेदार है। पुलिस पूछताछ में श्रीमान ने बताया कि सभी को बंगलुरू के पास स्थित कृष्णानगर स्थित ज्यूस फैक्ट्री में काम दिलाने की बात हुई थी, लेकिन कुछ लोगों को बिजनौर का भ्रम हो गया। जबकि बिजनौर में ज्यूस फैक्ट्री ही नहीं है। उसने बताया कि झांसी में खाना खाने के दौरान देरी होने से बंगलुरू जाने वाली ट्रेन छूट गई थी, जिससे चेन्नई होकर जाना पड़ा। इस दौरान गोपी के घर से फोन आया, तो उसने घबराकर बात की, जिससे परिवार वाले डर गए थे। मंगलवार की सुबह जब 11 युवक अपने घरों में लौटे, जिसके बाद परिवार वालों के साथ सभी लोग कोतवाली पहुंचे तो कोतवाल ने राहत की सांस ली और परिवार वालों को आइंदा से अपने लड़कों को जानकारी कर मजदूरी के लिए भेजने के लिए ताकीद की। कोतवाल दुुुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गंगोत्रीनगर मोहल्ले से 14 लोग मजदूरी करने गए थे, जिनमें से 11 लोग लौट आए हैं। जबकि परिवार वालों की सहमति से तीन युवक किशन, वीरू और मौसम मिश्रा कर्नाटक के कृष्णानगर स्थित ज्यूस फैक्ट्री में काम कर रहे हैैं, इसकी पुष्टि परिवार वालों ने की है।
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