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बदमाशों की पिटाई से हुई  थी चौकीदार की मौत

Wed, 01 Mar 2017 10:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  मैगलगंज।
अमर उजाला ब्यूरो  मैगलगंज। Updated Wed, 01 Mar 2017 10:17 PM IST
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Rogues from beating Watchman was killed
dead body - फोटो : अमर उजाला
दो बाइक शोरूम में चौकीदार की हत्या कर लूटपाट का मामला  
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी से मौत होने की पुष्टि 
40 घंटे बीते, बदमाशों तक नहीं पहुंची पुलिस

दो बाइक शोरूमों में सोमवार की रात हुई लूटपाट के दौरान बदमाशों ने चौकीदार 70 वर्षीय सज्जाद के सिर पर किसी ऐसी वस्तु से प्रहार कर दिया था, जिससे हेड इंजरी हो गई और पूरी रात बंधे पड़े रहने के कारण इलाज नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी से मौत होने की पुष्टि की गई है। उधर घटना के 40 घंटे बाद भी पुलिस बदमाशों की सुरागरसी नहीं कर सकी है। 
नकाबपोश छह बदमाशों ने बजाज एवं हीरो बाइक के शोरूम का शटर तोड़कर लूटपाट की थी। अगले दिन सुबह जब लोग मौके पर पहुंचे तो चौकीदार सज्जाद के हाथ-पैर और मुंह पर कपड़ा बंधा था और वह मृत पड़ा था। शरीर पर कोई जाहिराना चोट के निशान नहीं थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। इंस्पेक्टर विपिन सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम में हेड इंजरी होने के कारण चौकीदार की मौत होने की पुष्टि की गई है। इससे साफ है कि बदमाशों ने उसके सिर पर प्रहार कर दिया और इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना को हुए 40 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस और घटना के खुलासे में लगी सर्विलांस, स्वॉट टीमों को अब तक ऐसा कोई क्लू नहीं मिल सका है, जिससे वह बदमाशों तक पहुंच सके। पुलिस सिर्फ कैमरे की रिकार्डिंग और फुटेज में दिख रही बदमाशों की हुलिया के हिसाब से अंधेरे में हाथपांव चला रही है। इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिंह ने बताया कि बदमाशों की पहचान होने में भी सफलता नहीं मिल सकी है, लेकिन प्रयास जारी है। 
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घटना का खुलासा न होने से व्यापारियों में रोष
मैगलगंज। बाइक शोरूमों में चौकीदार की हत्या और लूटपाट की घटना के बाद कसबे के व्यापारियों में दहशत है। व्यापारियों ने दो दिन बाद भी घटना में पुलिस के हाथ अहम सबूत न मिलने पर रोष जताया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि पुलिस ने घटना का शीघ्र खुलासा नहीं किया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। व्यापारियों ने पुलिस पर घटना के खुलासे में रुचि न लेने का भी आरोप लगाया है। 
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पिसावां के बदमाशों को खोज रही पुलिस 
लखीमपुर खीरी। कसबा मैगलगंज में वर्ष 2008 में भी वारदात हुई थी। इस वारदात में घटना को अंजाम देने में जो तौर तरीके अपनाए थे। उसी अंदाज में बाइक के दो शोरूमों पर घटना को अंजाम दिया गया है। हालांकि पुलिस ने वर्ष 2008 में हुई घटना का खुलासा कर पिसावां के बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि पुलिस की टीम पिसावां गई थी, लेकिन उस घटना में शामिल बदमाश नहीं मिले हैं। बदमाशों ने घटना के कुछ दिनों बाद अपना ठिकाना बदल दिया था। पुलिस उनके ठिकाने का पता लगा रही है। जल्द ही उन्हे हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी। 
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