फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Reports not made by careless police

रेप पीड़ित के साथ लापरवाह बनी पुलिस ने नहीं लिए बयान

Wed, 29 Mar 2017 01:03 AM IST
लख्ाीमपुर ख्ाीरी
लख्ाीमपुर ख्ाीरी Updated Wed, 29 Mar 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
मीडिया को देख महिला अस्पताल में भर्ती की गई पीड़िता
लखीमपुर खीरी। महिला संबंधी अपराधों को लेकर खीरी पुलिस कितनी संजीदा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सीएचसी फरधान से गैंगरेप पीड़िता जिला महिला अस्पताल पहुंच गई, लेकिन  पुलिस ने न तो उसकी सीएचसी में खबर ली। न ही महिला अस्पताल पहुंचकर हाल जाना। इतना ही नहीं शाम तक उसके बयान भी नहीं लिए गए। सिपाहियों के साथ न होने पर डॉक्टरों ने भी पीड़िता का इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए। बाद में मीडियाकर्मी जब पहुंचे तो उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
बता दें कि गोला कोतवाली क्षेत्र के एक गैंगरेप पीड़िता को यूपी 100 डायल ने गांव लालपुर के पास सुबह करीब सात बजे हाईवे पर बरामद किया था और उसे सीएचसी फरधान ले गई थी। यूपी 100 ने इसकी सूचना थाना फरधान को दी, लेकिन फरधान पुलिस अस्पताल तक भी नहीं पहुंची। अस्पताल से मिली सूचना पर परिवार के लोग जब सीएचसी पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस के न होने के कारण परिवार के लोग उसे जिला महिला अस्पताल लाए। इमरजेंसी के डॉक्टरों को पीड़ित परिवार ने सीएचसी से रेफर किया गया पर्चा दिया और पूरी घटना बताई। रेप की बात सामने आते ही डॉक्टरों ने पहले पूछा कि क्या पुलिस साथ आई है, परिवार वालों के इंकार करते ही डॉक्टरों ने अपने हाथ खड़े कर दिए और इलाज करने से इंकार कर दिया। पीड़िता के पिता और बहनोई की मानें तो दर्द से तड़फ रही पीड़िता को देखकर वह लोग डॉक्टरों के सामने करीब डेढ़ घंटे तक हाथ जोड़कर इलाज शुरू करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन डॉक्टरों को दया नहीं आई। इस बीच मीडियाकर्मी भी अस्पताल पहुंच गए। मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। उधर पुलिस भी पूरे प्रकरण में लापरवाह बनी रही। दरोगा से लेकर एसपी तक कोई पीड़िता का हाल जानने अस्पताल नहीं पहुंचा। यहां तक उसके बयान लेने की भी जरूरत नहीं समझी।
विज्ञापन


एसओ फरधान बोले, तत्काल रेफर हो गई थी पीड़िता
एसओ फरधान बृजलाल यादव पीड़िता के अस्पताल जाकर बयान लेने की बाबत बोले, उन्हें यूपी 100 से पीड़िता को भर्ती कराने की जानकारी मिली थी, लेकिन उसे तत्काल रेफर कर दिया गया था, इसलिए वह अस्पताल नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोतवाली पहुंचकर आरोपी ने दी सफाई
कहा, मुझेेे व परिवार को रंजिशन फंसाया जा रहा
गोला गोकर्णनाथ। गैंगरेप  केेे आरोपी परमेश्वरदीन ने बताया कि उसकी गैंगरेप पीड़िता के पिता और  परिवार के लोगों से जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते वर्ष 2016 में भाई राजकिशोर की दोपहर करीब चार बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पीड़िता के पिता और उसके एक भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पिता जमानत पर है, लेकिन भाई अभी जेल में बंद है। इसी रंजिश के चलते उसे, उसके पुत्र और भांजे को झूठा फंसाया जा रहा है।

फरधान से आनन फानन में रेफर हो गई पीड़िता
फरधान। यूपी 100 पुलिस जैसे ही अस्पताल में पीड़िता को लाई। उसे एक बेड पर लिटाया गया। कुछ इंजेक्शन देने के बाद तत्काल जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।



आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच हत्या को लेकर रंजिश चल रही है। हत्याकांड से पहले भी गैंगरेप से पीड़ित पक्ष आरोपी पक्ष पर कई बार गंभीर आरोप लगा चुका है। फिलहाल घटना संदिग्ध दिख रही है। रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है, जो सही होगा। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। विवेचक को बयान के लिए भेजा गया है।
अजय कुमार सिंह, कोतवाल, गोला गोकर्णनाथ
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed