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पोटाश में हुआ था विस्फोट
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:02 PM IST
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bomb
- फोटो : amar ujala
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-धौरहरा में हुए विस्फोट का मामला, बैटरी फटने की बात निकली झूठी
-आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट
धौरहरा में हुए शक्तिशाली विस्फोट में एक ही परिवार के चार लोग मारे गए थे। पुलिस का दावा था कि यह विस्फोट बूस्ट करते समय बैटरी के फटने से हुआ था, लेकिन आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से छह महीने बाद आई फोरेंसिक जांच रिपोर्ट ने पुलिस के दावे को झूठा साबित कर दिया है। रिपोर्ट में विस्फोट पोटाश से होने की बात सामने आई है। इससे साफ है कि घर में पटाखों का भंडार था, लेकिन पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए घटना को मोड़ने की कोशिश की।
धौरहरा के बाजार वार्ड निवासी मोहम्मद शफी के घर 10 जुलाई को तड़के तेज धमाका हुआ था। धमाका इतना तेज था कि मकान की छत ढह गई थी। आधे से ज्यादा मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया और भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में मोहम्मदी शफी के पुत्र हबीबुल्ला, पुत्रवधू 38 वर्षीय शहनाज समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। इतना ही नहीं आसपास के मकानों में दरारें पड़ गईं थी। घर वालों ने हादसा होने की वजह इनवर्टर की बैटरी और बूस्टर फटना बताया था, लेकिन धमाके की तीव्रता और भीषण हादसे से यह बात किसी के गले नहीं उतर रही थी। पुलिस भी बैटरी और बूस्टर के फटने से ही भीषण हादसा होने का दावा कर रही थी। लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर अशोक सिन्हा के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम अगले दिन मौके पर पहुंचा और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए थे। नमूनों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा परीक्षण के लिए भेजा गया था। छह महीने बाद प्रयोगशाला से नमूना परीक्षण रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। सीओ धौरहरा हरेराम वर्मा ने बताया कि परीक्षण में पोटाश में विस्फोट की बात सामने आई है।
नेपाल बार्डर पर हुए विस्फोट का रहस्य अब तक बरकरार
28 अगस्त को नेपाल बार्डर पर स्थित कोतवाली तिकुनियां के गांव बनवीरपुर में कबाड़ में बाइक के इंजन को तोड़ते समय शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। इससे गांव निवासी कबाड़ी उत्तम के शरीर के चिथड़े उड़ गए थे। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मृतक के मांस के लोथड़े पेड़ों पर चिपक गए थे। आसपास के मकानों की नींव तक हिल गई थी। एसएसबी और पुलिस ने इंजन गर्म करते समय विस्फोट होने का दावा किया था। फोरेंसिक टीम ने मौके से नमूना एकत्र कर प्रयोगशाला आगरा भेजा था, लेकिन इसकी अब तक रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
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-आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट
धौरहरा में हुए शक्तिशाली विस्फोट में एक ही परिवार के चार लोग मारे गए थे। पुलिस का दावा था कि यह विस्फोट बूस्ट करते समय बैटरी के फटने से हुआ था, लेकिन आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से छह महीने बाद आई फोरेंसिक जांच रिपोर्ट ने पुलिस के दावे को झूठा साबित कर दिया है। रिपोर्ट में विस्फोट पोटाश से होने की बात सामने आई है। इससे साफ है कि घर में पटाखों का भंडार था, लेकिन पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए घटना को मोड़ने की कोशिश की।
धौरहरा के बाजार वार्ड निवासी मोहम्मद शफी के घर 10 जुलाई को तड़के तेज धमाका हुआ था। धमाका इतना तेज था कि मकान की छत ढह गई थी। आधे से ज्यादा मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया और भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में मोहम्मदी शफी के पुत्र हबीबुल्ला, पुत्रवधू 38 वर्षीय शहनाज समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। इतना ही नहीं आसपास के मकानों में दरारें पड़ गईं थी। घर वालों ने हादसा होने की वजह इनवर्टर की बैटरी और बूस्टर फटना बताया था, लेकिन धमाके की तीव्रता और भीषण हादसे से यह बात किसी के गले नहीं उतर रही थी। पुलिस भी बैटरी और बूस्टर के फटने से ही भीषण हादसा होने का दावा कर रही थी। लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर अशोक सिन्हा के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम अगले दिन मौके पर पहुंचा और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए थे। नमूनों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा परीक्षण के लिए भेजा गया था। छह महीने बाद प्रयोगशाला से नमूना परीक्षण रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। सीओ धौरहरा हरेराम वर्मा ने बताया कि परीक्षण में पोटाश में विस्फोट की बात सामने आई है।
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नेपाल बार्डर पर हुए विस्फोट का रहस्य अब तक बरकरार
28 अगस्त को नेपाल बार्डर पर स्थित कोतवाली तिकुनियां के गांव बनवीरपुर में कबाड़ में बाइक के इंजन को तोड़ते समय शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। इससे गांव निवासी कबाड़ी उत्तम के शरीर के चिथड़े उड़ गए थे। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मृतक के मांस के लोथड़े पेड़ों पर चिपक गए थे। आसपास के मकानों की नींव तक हिल गई थी। एसएसबी और पुलिस ने इंजन गर्म करते समय विस्फोट होने का दावा किया था। फोरेंसिक टीम ने मौके से नमूना एकत्र कर प्रयोगशाला आगरा भेजा था, लेकिन इसकी अब तक रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
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