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पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाला बजाज मिल का मुकदमा

Sun, 01 May 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो-गोला गोकर्णनाथ।
अमर उजाला ब्यूरो-गोला गोकर्णनाथ। Updated Sun, 01 May 2016 11:05 PM IST
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Police put on hold Bajaj landmark lawsuit
शुगर ‌म‌िल - फोटो : अमर उजाला
- काम करने के बावजूद नामजद गिरफ्तार नहीं
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बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड के विरुद्ध गन्ना किसानों का भुगतान न कर धोखाधड़ी करने के दर्ज मुकदमे को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डालकर फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर ली है। इस कारण नामजद को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है और कोई अन्य अभियुक्त विवेचना में नहीं बढ़ाया गया है।
सहकारी गन्ना विकास समिति लि के सचिव भूपेश कुमार राय ने 10 अप्रैल को धारा 420,  120बी, 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 17 उप्र गन्ना खरीद अधिनियम 1753 के अंतर्गत कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाकर बजाज कंपनी के अध्याषी ओमपाल सिंह को नामजद किया था। पुलिस ने शुरू में एक रात बजाज मिल और अधिकारी आवासों पर छापामारी की थी, किंतु अब चुपचाप हो गई है, जबकि नामजद अधिकारी कार्यरत हैं, उनके हस्ताक्षर से बजाज कंपनी का कामकाज चल रहा है और पुलिस उनकी फरारी और न मिलने का दावा कर रही है। 
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दर्ज मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी होने के कारण पुलिस विवेचना में किसी अन्य आरोपी को नहीं बढ़ा सकी है, जबकि दर्ज एफआईआर में पुलिस ने धारा 120बी लगाई है। धारा  120बी के अंतर्गत एक आरोपी से अधिक की संख्या मानी जाती है। गैर जमानती संज्ञेय अपराध होने के बावजूद सीजेएम न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 73 के अंतर्गत वारंट जारी कराने या धारा 82, 83 में नोटिस जारी कर कुर्की की कार्रवाई की जरूरत भी पुलिस ने नहीं समझी।
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नामजद ढूंढें नहीं मिल रहे हैं। छापे मारे जा रहे हैं, एफेंस बनता है, चार्जशीट लगाई जाएगी।- एसएन द्विवेदी, कोतवाल-गोला
पहले भी लग चुकी हैं एफआर
गोला गोकर्णनाथ। बजाज ग्रुप की इस चीनी मिल पर दर्ज एफआईआर यह पहली नहीं है,  इससे पूर्व भी गन्ना किसानों का भुगतान न करने और धोखाधड़ी करने में दो बार मुकदमे दर्ज कराए गए किंतु उनमें पुलिस ने चार्जशीट के बजाए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
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