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पुलिस पर लगाया बस मालिक को संरक्षण देने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:29 PM IST
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पुलिस
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कंडक्टर बटेश्वर मिश्रा की मौत का मामला
विवेचक बोले, जुटाए जा रहे हैं पर्याप्त सबूत
कंडक्टर बटेश्वर मिश्रा की मौत के मामले के आरोपी बस मालिक और मैनेजर की गिरफ्तारी पखवाड़े भर बाद भी पुलिस ने नहीं की है। मृतक के परिवार वालों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए डीजीपी को पत्र भेजकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कराने की मांग की है।
बतादें कि 26 जुलाई को संदिग्ध हालात में जहरीला पदार्थ खाने से मोहल्ला शिवपुरी निवासी कंडक्टर बटेश्वर मिश्र की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। उनकी जेब में सुसाइड नोट भी मिला था। जिसमें बस मालिक रविंद्र सिंह राना और कंपनी के मैनेजर ने उसे मारपीट कर प्रताड़ित करने और इससे क्षुब्ध होकर जहरीला पदार्थ खाने की बात कही गई थी। पुलिस ने मृतक के पुत्र गौरव मिश्रा की ओर से शहर निवासी राना आटो मोबाइल के मालिक रविंद्र सिंह राना उर्फ मोनू व मैनेजर फूलबेहड़ निवासी इश्त्यिाक अहमद के खिलाफ धारा 323 और 306 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना एसआई मिथलेश कुमार श्रीवास्तव को सौंपी। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि घटना को हुए पखवाड़ा बीच चुका है, लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही हैं। घर वालों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए डीजीपी के पत्र भेजकर आरोपियों को गिरफ्तार कराने की मांग की है। उधर विवेचक मिथलेश श्रीवास्तव ने बताया कि जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ कुछ साक्ष्य मिले हैं। शीघ्र ही पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर गिरफ्तारी की जाएगी।
बस मालिक ने एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग
लखीमपुर खीरी। पंजाबी कॉलोनी निवासी राना आटोमोबाइल्स के स्वामी मनमीत सिंह उर्फ सोनू राना मंगलवार को कई लोगों के साथ एसपी से मिले और कंडक्टर बटेश्वर मिश्रा की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने एसपी को बताया कि उनका भाई आरोपी रविंद्र सिंह राना उर्फ मोनू न तो बस मालिक है और न ही आटोमोबाइल का मालिक है। कंडक्टर के पुत्र जिस बस पर पिता के काम करने की बात कह रहे हैं। उस पर मृतक ने न तो काम किया है और न ही कोई बकाया वेतन है। उन्होंने गहनता के साथ मामले की जांच पूरी न होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की है।
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विवेचक बोले, जुटाए जा रहे हैं पर्याप्त सबूत
कंडक्टर बटेश्वर मिश्रा की मौत के मामले के आरोपी बस मालिक और मैनेजर की गिरफ्तारी पखवाड़े भर बाद भी पुलिस ने नहीं की है। मृतक के परिवार वालों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए डीजीपी को पत्र भेजकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कराने की मांग की है।
बतादें कि 26 जुलाई को संदिग्ध हालात में जहरीला पदार्थ खाने से मोहल्ला शिवपुरी निवासी कंडक्टर बटेश्वर मिश्र की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। उनकी जेब में सुसाइड नोट भी मिला था। जिसमें बस मालिक रविंद्र सिंह राना और कंपनी के मैनेजर ने उसे मारपीट कर प्रताड़ित करने और इससे क्षुब्ध होकर जहरीला पदार्थ खाने की बात कही गई थी। पुलिस ने मृतक के पुत्र गौरव मिश्रा की ओर से शहर निवासी राना आटो मोबाइल के मालिक रविंद्र सिंह राना उर्फ मोनू व मैनेजर फूलबेहड़ निवासी इश्त्यिाक अहमद के खिलाफ धारा 323 और 306 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना एसआई मिथलेश कुमार श्रीवास्तव को सौंपी। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि घटना को हुए पखवाड़ा बीच चुका है, लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही हैं। घर वालों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए डीजीपी के पत्र भेजकर आरोपियों को गिरफ्तार कराने की मांग की है। उधर विवेचक मिथलेश श्रीवास्तव ने बताया कि जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ कुछ साक्ष्य मिले हैं। शीघ्र ही पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर गिरफ्तारी की जाएगी।
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बस मालिक ने एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग
लखीमपुर खीरी। पंजाबी कॉलोनी निवासी राना आटोमोबाइल्स के स्वामी मनमीत सिंह उर्फ सोनू राना मंगलवार को कई लोगों के साथ एसपी से मिले और कंडक्टर बटेश्वर मिश्रा की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने एसपी को बताया कि उनका भाई आरोपी रविंद्र सिंह राना उर्फ मोनू न तो बस मालिक है और न ही आटोमोबाइल का मालिक है। कंडक्टर के पुत्र जिस बस पर पिता के काम करने की बात कह रहे हैं। उस पर मृतक ने न तो काम किया है और न ही कोई बकाया वेतन है। उन्होंने गहनता के साथ मामले की जांच पूरी न होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की है।
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