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मां की मौत का सदमा बर्दाश्त न कर सकीं बेटियां, काट लीं नसें
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 21 Mar 2017 12:34 AM IST
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crime
- फोटो : amar ujala
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हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती
युवराजदत्त महाविद्यालय के बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल द्विवेदी की 60 वर्षीय मां मंजू देवी का रविवार की शाम हार्ट अटैक से निधन हो गया। मां की मृत्यु से दुखी उनकी दो बहनों ने अपने हाथों की नसें काट लीं। सदमे में तीसरी बहन की भी हालत गड़बड़ा गई। परिवार वालों को पता लगा तो सभी सन्न रह गए। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गढ़ी रोड के मोहल्ला शांतीनगर निवासी मंजू देवी गृहणी थीं। उनके इकलौते पुत्र डॉ. विशाल द्विवेदी डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। चार पुत्रियां हैं। सभी अविवाहित हैं। मंजू देवी अपनी पुत्रियों के साथ दिनभर भगवान शिव की आराधना करतीं थी और ऊं नम: शिवाय का जाप करती थीं। शनिवार की शाम मंजू देवी के सीने में तेज दर्द हुआ। तबियत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल ला रहे थे। रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। मां की मौत से दुखी पुत्रियां क्रमश: गरिमा, शिल्पी, शैफाली ने हाथ की नस काट ली। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर दोपहर में मुक्ति धाम पर प्रोफेसर की मां के शव की अंत्येष्टि कर दी गई।
अस्पताल में कर रहीं थीं ऊं नम: शिवाय
तीनों पुत्रियां जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं, लेकिन वह पूरी तरह से होश हवास में नहीं हैं। तीनों को देखने और हालचाल जानने वालों का वार्ड में तांता लगा रहा। अस्पताल के बेड पर ही तीनों लड़कियाें के मुंह से धीमे स्वर में ऊं नम: शिवाय निकल रहा है।
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युवराजदत्त महाविद्यालय के बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल द्विवेदी की 60 वर्षीय मां मंजू देवी का रविवार की शाम हार्ट अटैक से निधन हो गया। मां की मृत्यु से दुखी उनकी दो बहनों ने अपने हाथों की नसें काट लीं। सदमे में तीसरी बहन की भी हालत गड़बड़ा गई। परिवार वालों को पता लगा तो सभी सन्न रह गए। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गढ़ी रोड के मोहल्ला शांतीनगर निवासी मंजू देवी गृहणी थीं। उनके इकलौते पुत्र डॉ. विशाल द्विवेदी डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। चार पुत्रियां हैं। सभी अविवाहित हैं। मंजू देवी अपनी पुत्रियों के साथ दिनभर भगवान शिव की आराधना करतीं थी और ऊं नम: शिवाय का जाप करती थीं। शनिवार की शाम मंजू देवी के सीने में तेज दर्द हुआ। तबियत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल ला रहे थे। रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। मां की मौत से दुखी पुत्रियां क्रमश: गरिमा, शिल्पी, शैफाली ने हाथ की नस काट ली। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर दोपहर में मुक्ति धाम पर प्रोफेसर की मां के शव की अंत्येष्टि कर दी गई।
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अस्पताल में कर रहीं थीं ऊं नम: शिवाय
तीनों पुत्रियां जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं, लेकिन वह पूरी तरह से होश हवास में नहीं हैं। तीनों को देखने और हालचाल जानने वालों का वार्ड में तांता लगा रहा। अस्पताल के बेड पर ही तीनों लड़कियाें के मुंह से धीमे स्वर में ऊं नम: शिवाय निकल रहा है।
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