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हत्या के मामले में प्रधान के पति समेत नौ को उम्रकैद
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:13 PM IST
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मामूली बात पर महिला की गोली मारकर हत्या करने और बचाव में आए महिला के परिजनों को घायल करने के मामले में एडीजे लालता प्रसाद ने बुधवार को ग्राम प्रधान के पति हरेराम सहित नौ अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
एडीजीसी कफील अहमद अंसारी ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम करौंहा में 26 अक्तूबर 2000 को रामचंद्र, हरेराम और मैकू नशे में तमंचा लहरा रहे थे। जब ये लोग गांव के लल्लन के मकान के दरवाजे पर गाली गलौज और हंगामा कर रहे थे तभी लल्लन की माता गुमना देवी ने इन लोगों को टोका तो नशे में धुत हरेराम ने कहा कि चली जाओ नहीं तो गोली मार दूंगा। इसके बाद भी गुमना देवी ने एतराज किया तो हरेराम, रामचंद्र और मैकू ने हमला बोल दिया।
हरेराम ने गुमना देवी को गोली मार दी। घायल गुमना देवी की मौके पर ही मौत हो गई। बचाव के लिए गुमना देवी के पक्ष के लोग आए तो हरेराम पक्ष के विशंभर, पांडेय, शिवनरायन, बराती, दरबारी, इंद्रपाल, जमुना और भोगनाथ भी तमंचा और बंदूक लेकर आ गए और गुमना देवी के बचाव में आए ग्रामीण गोवर्धन, रामस्वरूप, सीताराम, राधेश्याम, चंद्रभाल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिससे ये लोग घायल हो गए।
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अभियोजन पक्ष ने अदालती सुनवाई के दौरान लल्लन, गोवर्धन, रामस्वरूप, सीताराम, राधेश्याम, चंद्रभाल, डॉ. रामनाथ, एसआई वीरेंद्र सिंह भदौरिया की गवाही पेश की और बचाव की कोई दलील नहीं लगने दी। बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए हरेराम, मैकू, पांड़ेय, शिवनरायन, बराती, दरबारी, इंद्रपाल, जमुना, भोगनाथ को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्यारोपी रामचंद्र और विशंभर की मुकदमा सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है।
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एडीजीसी कफील अहमद अंसारी ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम करौंहा में 26 अक्तूबर 2000 को रामचंद्र, हरेराम और मैकू नशे में तमंचा लहरा रहे थे। जब ये लोग गांव के लल्लन के मकान के दरवाजे पर गाली गलौज और हंगामा कर रहे थे तभी लल्लन की माता गुमना देवी ने इन लोगों को टोका तो नशे में धुत हरेराम ने कहा कि चली जाओ नहीं तो गोली मार दूंगा। इसके बाद भी गुमना देवी ने एतराज किया तो हरेराम, रामचंद्र और मैकू ने हमला बोल दिया।
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हरेराम ने गुमना देवी को गोली मार दी। घायल गुमना देवी की मौके पर ही मौत हो गई। बचाव के लिए गुमना देवी के पक्ष के लोग आए तो हरेराम पक्ष के विशंभर, पांडेय, शिवनरायन, बराती, दरबारी, इंद्रपाल, जमुना और भोगनाथ भी तमंचा और बंदूक लेकर आ गए और गुमना देवी के बचाव में आए ग्रामीण गोवर्धन, रामस्वरूप, सीताराम, राधेश्याम, चंद्रभाल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिससे ये लोग घायल हो गए।
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अभियोजन पक्ष ने अदालती सुनवाई के दौरान लल्लन, गोवर्धन, रामस्वरूप, सीताराम, राधेश्याम, चंद्रभाल, डॉ. रामनाथ, एसआई वीरेंद्र सिंह भदौरिया की गवाही पेश की और बचाव की कोई दलील नहीं लगने दी। बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए हरेराम, मैकू, पांड़ेय, शिवनरायन, बराती, दरबारी, इंद्रपाल, जमुना, भोगनाथ को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्यारोपी रामचंद्र और विशंभर की मुकदमा सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है।