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बाघ के हमले में घायल किशोरी की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बांकेगंज।
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:46 PM IST
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बाघ
- फोटो : अमर उजाला
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गुस्साए ग्रामीणों ने कुकरा-बांकेगंज रोड पर लगाया घंटों जाम
मैलानी रेंज के जटपुरा बीट अंतर्गत ढाका गांव में शुक्रवार देर शाम गेहूं की फसल काटते समय बाघ के हमले में घायल युवती की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। घायल युवती को पहले बांकेगंज सीएचसी ले जाया गया था। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मैलानी रेंज के जटपुरा बीट अंतगत गांव ढाका में राजकिशोर की 19 वर्षीय पुत्री किरन और उसकी सहेली बहादुर की पुत्री उर्मिला शुक्रवार शाम लगभग सात बजे गांव किनारे गेहूं फसल की कटाई कर रहीं थी। इस दौरान बरौछा नाले के पास झाड़ियों से निकले बाघ ने किरन पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया। बाघ किरन को करीब 20 मीटर दूरी तक घसीटता हुआ खेत के निकट नाले में घुस गया था। बाघ के हमले को देख किरन के साथ फसल कटाई कर रही सहेली उर्मिला के शोर मचाने पर खेत में मौजूद किरन के चाचा डालवंद्र ने शोर मचाया था और किरन को छुड़ाया था।
किरन को परिवारीजन 108 एंबुलेंस से बांकेगंज सीएचसी लेकर आ थे। जहां उसकी गंभीर हालत होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ रेफर कर दिया था। रात दो बजे के करीब लखनऊ पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने किरन को मृत घोषित कर दिया था। किरन की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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वन विभाग ने दी दस हजार की आर्थिक सहायता दी
गांव ढाका में किशोरी पर बाघ के हमले की खबर सुनकर रेंजर मैलानी डीएस यादव मौके पर पहुंचे। रेंजर ने बाघ के हमले में गंभीर घायल हुई किरन के परिवारीजनों को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने बताया कि शासनादेश के तहत नियमानुसार परिवारीजनों को पांच लाख रुपया मुआवजा दिया जाएगा।
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दो माह बाद ही होनी थी शादी
बाघ के हमले से मरी किरन की दो माह बाद ही शादी होनी थी। उसकी मौत के बाद रोते-बिलखते पिता ने राजकिशोर ने बताया कि उसे क्या पता था कि दो माह बाद जिस बेटी को वह डोली में बिठाने वाला था उसकी अर्थी उठ जाएगी।
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गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम
बाघ के हमले में किरन की मौत से गुस्साए ग्रामीण महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने शनिवार दोपहर बांकेगंज-कुकर रोड पर जाम लगा दिया। ये लोग बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे कुकरा पुलिस चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार और रेंजर मैलानी डीएस यादव ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
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बाघ के डर से अभिभावकों ने बच्चों को नहीं भेजा स्कूल
ढाका में सरेशाम बाघ के हमले से दहशतजदा ग्रामीणों ने शनिवार अपने बच्चों को गांव के प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई के लिए नहीं भेजा। इसके चलते स्कूल प्रांगण में पंजीकृत बच्चों की संख्या 45 के सापेक्ष मात्र दो-चार बच्चों के दिखलाई दी।
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सहेली ने हिम्मत दिखा कर बाघ की पीठ पर दराती से दो प्रहार किए
किरन पर बाघ के हमले के बाद उसके संग गेहूं की कटाई कर रही सहेली उर्मिला ने हिम्मत से काम लेते हुए बाघ पर दराती से दो प्रहार कर सहेली को छुड़ाने का प्रयास किया। बावजूद इसके बाघ किरन को घसीटता हुआ नाले में ले गया। अपनी आंखों के सामने सहेली पर हुए बाघ के हमले की दहशत की सोच उर्मिला चीखने-चिल्लाने लगती है।
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तीन माह के अंदर बाघ के हमले में हो चुकी तीन मौतें
बांकेगंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज के जटपुरा और सलेमपुर बीट अंतर्गत तीन महीने के अंदर बाघ के हमले में यह तीसरी मौत है। इससे पहले 12 फरवरी को सलेमपुर बीट में बाघ के हमले से कुकरा गांव निवासी रईस और 18 मार्च को जटपुरा बीट के गांव सोहनरा भूड़ में खेत की रखवाली कर रहे किसान तरसेम सिंह की मौत हो गई थी। इलाके में तीन माह के अंदर बाघ हमले में हुई तीन मौतों के बाद से दहशत है।
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बाघ के हमले से ये हो चुके हैं घायल
20 नवंबर 2014: उल्ल नदी किनारे साथियों के साथ घास काटने गए गांव सीतारामपुर निवासी 18 वर्षीय लक्ष्मन पर झाड़ियों में छिपे बैठे बाघ ने हमला किया।
21 दिसंबर 2012: मड़हा सेंक्चुरी वन क्षेत्र में फूस काटने गए खंजनपुर निवासी इंदर को बाघ ने किया घायल।
07 जनवरी 2014: पहाड़पुर जंगल किनारे खेत की रखवाली कर रहे 10 वर्षीय अजय पर बाघ ने हमला किया।
04 मार्च 2015: मैलानी रेंज की खरेहटा बीट में हिरन के शिकार के लिए जंगल में खाबड़ लगाने गए शिकारियों पर बाघ ने हमला किया।
09 अप्रैल: मैलानी रेंज के चाचापुर गांव में जंगल किनारे खेत में गेहूं की कटाई कर रही सुनीता देवी उर्फ सुखिया पर बाघ ने हमला किया।
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अभी तक किसी को नहीं मिला मुआवजा
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज में तीन माह के अंदर बाघों के हमलों से हुईं तीन मौतों में किसी परिवारीजन को मुआवजा नहीं मिला है। वन विभाग की ओर से मुआवजे के नाम पर अब तक पीड़ितों के परिवारीजनों सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिलाई गई है। हां इतना जरूर है कि बाघ के हमले के बाद संबधित परिवारीजनों को रेंजर मैलानी डीएस यादव ने तात्कालिक सहायता के रूप में दस-दस हजार रुपये उपलब्ध कराए हैं। इस संबध में रेंजर मैलानी ने बताया कि विभाग बाघ हमले में हुई मौत के बाद पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रयासरत है। पीड़ितों को जल्द ही मुआवजा राशि दी जाएगी।
बाघ नहीं पकड़ा गया तो विधायक देंगे धरना
बांकेगंज। बाघ के हमले से किरन की मौत के बाद विधायक रोमी साहनी गांव ढाका पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। विधायक ने पीड़ितों को ढाढ़स बंधाते हुए किरन के पिता राजकिशोर को बिटिया के अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रुपये आर्थिक सहायता दी। इसके अलावा ग्राम चाचापुर में बाघ हमले से घायल किशोरी सुखिया को इलाज के लिए पांच हजार रुपये की सहायता दी।
विधायक के ढाका गांव पहुंचते ही किशोरी पर बाघ के हमले की घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने उनसे बाघ पकड़वाने की मांग की। विधायक ने उनकी मांग का समर्थन किया। उन्होने ग्रामीणों को शांत करते हुए इस संबध में वन विभाग के आला हाकिमों से बात कर बाघ पकड़वाने का आश्वासन दिया। साथ ही वन विभाग के 15 दिन के अंदर बाघ न पकड़वाए जाने पर धरना-प्रदर्शन का एलान किया।
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मैलानी रेंज के जटपुरा बीट अंतर्गत ढाका गांव में शुक्रवार देर शाम गेहूं की फसल काटते समय बाघ के हमले में घायल युवती की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। घायल युवती को पहले बांकेगंज सीएचसी ले जाया गया था। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मैलानी रेंज के जटपुरा बीट अंतगत गांव ढाका में राजकिशोर की 19 वर्षीय पुत्री किरन और उसकी सहेली बहादुर की पुत्री उर्मिला शुक्रवार शाम लगभग सात बजे गांव किनारे गेहूं फसल की कटाई कर रहीं थी। इस दौरान बरौछा नाले के पास झाड़ियों से निकले बाघ ने किरन पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया। बाघ किरन को करीब 20 मीटर दूरी तक घसीटता हुआ खेत के निकट नाले में घुस गया था। बाघ के हमले को देख किरन के साथ फसल कटाई कर रही सहेली उर्मिला के शोर मचाने पर खेत में मौजूद किरन के चाचा डालवंद्र ने शोर मचाया था और किरन को छुड़ाया था।
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किरन को परिवारीजन 108 एंबुलेंस से बांकेगंज सीएचसी लेकर आ थे। जहां उसकी गंभीर हालत होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ रेफर कर दिया था। रात दो बजे के करीब लखनऊ पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने किरन को मृत घोषित कर दिया था। किरन की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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वन विभाग ने दी दस हजार की आर्थिक सहायता दी
गांव ढाका में किशोरी पर बाघ के हमले की खबर सुनकर रेंजर मैलानी डीएस यादव मौके पर पहुंचे। रेंजर ने बाघ के हमले में गंभीर घायल हुई किरन के परिवारीजनों को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने बताया कि शासनादेश के तहत नियमानुसार परिवारीजनों को पांच लाख रुपया मुआवजा दिया जाएगा।
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दो माह बाद ही होनी थी शादी
बाघ के हमले से मरी किरन की दो माह बाद ही शादी होनी थी। उसकी मौत के बाद रोते-बिलखते पिता ने राजकिशोर ने बताया कि उसे क्या पता था कि दो माह बाद जिस बेटी को वह डोली में बिठाने वाला था उसकी अर्थी उठ जाएगी।
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गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम
बाघ के हमले में किरन की मौत से गुस्साए ग्रामीण महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने शनिवार दोपहर बांकेगंज-कुकर रोड पर जाम लगा दिया। ये लोग बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे कुकरा पुलिस चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार और रेंजर मैलानी डीएस यादव ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
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बाघ के डर से अभिभावकों ने बच्चों को नहीं भेजा स्कूल
ढाका में सरेशाम बाघ के हमले से दहशतजदा ग्रामीणों ने शनिवार अपने बच्चों को गांव के प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई के लिए नहीं भेजा। इसके चलते स्कूल प्रांगण में पंजीकृत बच्चों की संख्या 45 के सापेक्ष मात्र दो-चार बच्चों के दिखलाई दी।
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सहेली ने हिम्मत दिखा कर बाघ की पीठ पर दराती से दो प्रहार किए
किरन पर बाघ के हमले के बाद उसके संग गेहूं की कटाई कर रही सहेली उर्मिला ने हिम्मत से काम लेते हुए बाघ पर दराती से दो प्रहार कर सहेली को छुड़ाने का प्रयास किया। बावजूद इसके बाघ किरन को घसीटता हुआ नाले में ले गया। अपनी आंखों के सामने सहेली पर हुए बाघ के हमले की दहशत की सोच उर्मिला चीखने-चिल्लाने लगती है।
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तीन माह के अंदर बाघ के हमले में हो चुकी तीन मौतें
बांकेगंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज के जटपुरा और सलेमपुर बीट अंतर्गत तीन महीने के अंदर बाघ के हमले में यह तीसरी मौत है। इससे पहले 12 फरवरी को सलेमपुर बीट में बाघ के हमले से कुकरा गांव निवासी रईस और 18 मार्च को जटपुरा बीट के गांव सोहनरा भूड़ में खेत की रखवाली कर रहे किसान तरसेम सिंह की मौत हो गई थी। इलाके में तीन माह के अंदर बाघ हमले में हुई तीन मौतों के बाद से दहशत है।
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बाघ के हमले से ये हो चुके हैं घायल
20 नवंबर 2014: उल्ल नदी किनारे साथियों के साथ घास काटने गए गांव सीतारामपुर निवासी 18 वर्षीय लक्ष्मन पर झाड़ियों में छिपे बैठे बाघ ने हमला किया।
21 दिसंबर 2012: मड़हा सेंक्चुरी वन क्षेत्र में फूस काटने गए खंजनपुर निवासी इंदर को बाघ ने किया घायल।
07 जनवरी 2014: पहाड़पुर जंगल किनारे खेत की रखवाली कर रहे 10 वर्षीय अजय पर बाघ ने हमला किया।
04 मार्च 2015: मैलानी रेंज की खरेहटा बीट में हिरन के शिकार के लिए जंगल में खाबड़ लगाने गए शिकारियों पर बाघ ने हमला किया।
09 अप्रैल: मैलानी रेंज के चाचापुर गांव में जंगल किनारे खेत में गेहूं की कटाई कर रही सुनीता देवी उर्फ सुखिया पर बाघ ने हमला किया।
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अभी तक किसी को नहीं मिला मुआवजा
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज में तीन माह के अंदर बाघों के हमलों से हुईं तीन मौतों में किसी परिवारीजन को मुआवजा नहीं मिला है। वन विभाग की ओर से मुआवजे के नाम पर अब तक पीड़ितों के परिवारीजनों सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिलाई गई है। हां इतना जरूर है कि बाघ के हमले के बाद संबधित परिवारीजनों को रेंजर मैलानी डीएस यादव ने तात्कालिक सहायता के रूप में दस-दस हजार रुपये उपलब्ध कराए हैं। इस संबध में रेंजर मैलानी ने बताया कि विभाग बाघ हमले में हुई मौत के बाद पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रयासरत है। पीड़ितों को जल्द ही मुआवजा राशि दी जाएगी।
बाघ नहीं पकड़ा गया तो विधायक देंगे धरना
बांकेगंज। बाघ के हमले से किरन की मौत के बाद विधायक रोमी साहनी गांव ढाका पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। विधायक ने पीड़ितों को ढाढ़स बंधाते हुए किरन के पिता राजकिशोर को बिटिया के अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रुपये आर्थिक सहायता दी। इसके अलावा ग्राम चाचापुर में बाघ हमले से घायल किशोरी सुखिया को इलाज के लिए पांच हजार रुपये की सहायता दी।
विधायक के ढाका गांव पहुंचते ही किशोरी पर बाघ के हमले की घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने उनसे बाघ पकड़वाने की मांग की। विधायक ने उनकी मांग का समर्थन किया। उन्होने ग्रामीणों को शांत करते हुए इस संबध में वन विभाग के आला हाकिमों से बात कर बाघ पकड़वाने का आश्वासन दिया। साथ ही वन विभाग के 15 दिन के अंदर बाघ न पकड़वाए जाने पर धरना-प्रदर्शन का एलान किया।