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एक साथ तीन परिवारों की खुशियां काफूर
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां-महंगापुर।
Updated Sun, 18 Sep 2016 11:56 PM IST
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accident
- फोटो : amar ujala
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- मातम ही मातम, रुक नहीं घरवालों की आंखों से आंसू
- उनकी हालत देख पास पड़ोसियों की आंखें भी हुईं नम
पलिया-संपूर्णानगर रोड पर नौरंगपुर के पास हुए सड़क हादसे ने एक साथ तीन परिवारों की खुशियाें को काफूर कर दिया। इन सभी घरों में मातम है और घरवालों की आंखों से आंसुओं का सैलाब रुकने का नाम नहीं ले रहा है। घरवालों के इस दुख को देख पास पड़ोसी भी अपने आप को रोक नहीं पा रहे हैं और उनकी आंखें भी बार-बार नम हो रहीं हैं।
हादसे में मंसूरी फार्म निवासी बलजीत सिंह समेत उनकी पत्नी कमलजीत कौर, छह वर्षीय पुत्र गुरप्रीत की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बलजीत चार भाई थे और वह अलग-अलग रहते हैं। बुजुर्ग पिता कश्मीर सिंह बलजीत के साथ ही रहते थे। कश्मीर बेटे, बहू और पोते को खो देने से पूरी तरह टूट गए हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं भाई भी इस हादसे से गमगीन हैं। महंगापुर निवासी अमृत पाल की शादी को अभी चार साल ही बीते हैं। उनका एक ढाई वर्षीय पुत्र जसकरन सिंह है। पत्नी का रो-रोकर जहां बुरा हाल हो रहा है तो वहीं उसके पिता और छोटे भाई भी बुरी तरह से टूट चुके हैं। पत्नी की आंखों से आंसुओं के सैलाब का रुकना बंद नहीं हो रहा है तो वहीं बहन और उनका दहाड़े मारकर रोना आसपास के लोगों की आंखों को भी नम कर दे रहा है। ढाई वर्षीय जसकरन को तो यह भी नहीं पता है कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। तीसरा परिवार खजुरिया के भरजनिया फार्म निवासी सुखविंदर सिंह का है। सुखविंदर की बूढ़ी मां महेन्द्र कौर के साथ ही उसकी पत्नी मनप्रीत कौर तथा तीन बच्चे आठ वर्षीय रमनदीप कौर, पांच वर्षीय नवनीत कौर और तीन वर्षीय गुरपाल सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि छोटा भाई मुखत्यार सिंह भी किसी तरह से सभी को संभालने की कोशिश करता है। एक हादसे में तीन परिवारों की खुशियां काफूर हो गईं हैं। इन जगहों पर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
अमृत के घर होनी थी छोटे भाई की शादी
मृतक अमृतपाल के छोटे भाई दिलबाग सिंह की शादी इसी साल दिसंबर माह में होना बताई जा रही है। इसकी धीरे-धीरे तैयारियां भी चल रहीं थीं, लेकिन इस हादसे में सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं हैं। भाई की मौत का सदमा दिलबाग बर्दाश्त नहीं कर पा रहा। बेटे के गम में पिता का भी बुरा हाल है।
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जीजा, बहन भांजे और साले के रिश्तों से जुड़े थे मृतक
मृतक अमृत पाल की बहन थी कमलजीत कौर, बलजीत जीजा थे और गुरुप्रीत उनका भांजा था। वहीं सुखमिंदर अमृत के साले थे। तीनों परिवार आपस में इन्हीं रिश्तेदारियों से बंधे हुए थे और तीनों परिवारों में गम ही गम है। अमृत के घरवालों की बात की जाए तो उन पर एक साथ काफी गमों का पहाड़ टूटा है। जहां उन्होंने अपनी बेटी, दामाद और भांजे को खोया। वहीं एक जवान बेटा भी उनकी दुनियां से दूर चला गया।
घर पर लगा सांत्वना देने वालों का तांता
मृतकों के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनके घरों पर भीड़ होने के बावजूद मौत का सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग सांत्वना दे रहे हैं, लेकिन इससे परिवार के सदस्यों के आंसू रुक नहीं पा रहे हैं।
इनका रहा सराहनीय योगदान
सबसे पहले खबर पलिया ब्लाक प्रमुख महेश राही को मिली। वह तुरंत भाई उत्तम और अन्य रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंच गए और पुलिस को फोन किया। जिस पर एसओ बृजराज यादव मय दलबल के मौके पर पहुंचे और जल्दी से जख्मी लोगों को एंबुलेंस से सीएचसी भिजवाया। खबर मिलते ही घटना स्थल पर सपा पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष नरेश यादव भी पहुंच गए। इसके बाद वह सीएचसी भी पहुंचे। सीएचसी में भी श्री यादव, ब्लाक प्रमुख राही, पूर्व ब्लाक प्रमुख गुरप्रीत सिंह जार्जी भी मौजूद रहे।
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- उनकी हालत देख पास पड़ोसियों की आंखें भी हुईं नम
पलिया-संपूर्णानगर रोड पर नौरंगपुर के पास हुए सड़क हादसे ने एक साथ तीन परिवारों की खुशियाें को काफूर कर दिया। इन सभी घरों में मातम है और घरवालों की आंखों से आंसुओं का सैलाब रुकने का नाम नहीं ले रहा है। घरवालों के इस दुख को देख पास पड़ोसी भी अपने आप को रोक नहीं पा रहे हैं और उनकी आंखें भी बार-बार नम हो रहीं हैं।
हादसे में मंसूरी फार्म निवासी बलजीत सिंह समेत उनकी पत्नी कमलजीत कौर, छह वर्षीय पुत्र गुरप्रीत की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बलजीत चार भाई थे और वह अलग-अलग रहते हैं। बुजुर्ग पिता कश्मीर सिंह बलजीत के साथ ही रहते थे। कश्मीर बेटे, बहू और पोते को खो देने से पूरी तरह टूट गए हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं भाई भी इस हादसे से गमगीन हैं। महंगापुर निवासी अमृत पाल की शादी को अभी चार साल ही बीते हैं। उनका एक ढाई वर्षीय पुत्र जसकरन सिंह है। पत्नी का रो-रोकर जहां बुरा हाल हो रहा है तो वहीं उसके पिता और छोटे भाई भी बुरी तरह से टूट चुके हैं। पत्नी की आंखों से आंसुओं के सैलाब का रुकना बंद नहीं हो रहा है तो वहीं बहन और उनका दहाड़े मारकर रोना आसपास के लोगों की आंखों को भी नम कर दे रहा है। ढाई वर्षीय जसकरन को तो यह भी नहीं पता है कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। तीसरा परिवार खजुरिया के भरजनिया फार्म निवासी सुखविंदर सिंह का है। सुखविंदर की बूढ़ी मां महेन्द्र कौर के साथ ही उसकी पत्नी मनप्रीत कौर तथा तीन बच्चे आठ वर्षीय रमनदीप कौर, पांच वर्षीय नवनीत कौर और तीन वर्षीय गुरपाल सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि छोटा भाई मुखत्यार सिंह भी किसी तरह से सभी को संभालने की कोशिश करता है। एक हादसे में तीन परिवारों की खुशियां काफूर हो गईं हैं। इन जगहों पर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
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अमृत के घर होनी थी छोटे भाई की शादी
मृतक अमृतपाल के छोटे भाई दिलबाग सिंह की शादी इसी साल दिसंबर माह में होना बताई जा रही है। इसकी धीरे-धीरे तैयारियां भी चल रहीं थीं, लेकिन इस हादसे में सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं हैं। भाई की मौत का सदमा दिलबाग बर्दाश्त नहीं कर पा रहा। बेटे के गम में पिता का भी बुरा हाल है।
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जीजा, बहन भांजे और साले के रिश्तों से जुड़े थे मृतक
मृतक अमृत पाल की बहन थी कमलजीत कौर, बलजीत जीजा थे और गुरुप्रीत उनका भांजा था। वहीं सुखमिंदर अमृत के साले थे। तीनों परिवार आपस में इन्हीं रिश्तेदारियों से बंधे हुए थे और तीनों परिवारों में गम ही गम है। अमृत के घरवालों की बात की जाए तो उन पर एक साथ काफी गमों का पहाड़ टूटा है। जहां उन्होंने अपनी बेटी, दामाद और भांजे को खोया। वहीं एक जवान बेटा भी उनकी दुनियां से दूर चला गया।
घर पर लगा सांत्वना देने वालों का तांता
मृतकों के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनके घरों पर भीड़ होने के बावजूद मौत का सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग सांत्वना दे रहे हैं, लेकिन इससे परिवार के सदस्यों के आंसू रुक नहीं पा रहे हैं।
इनका रहा सराहनीय योगदान
सबसे पहले खबर पलिया ब्लाक प्रमुख महेश राही को मिली। वह तुरंत भाई उत्तम और अन्य रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंच गए और पुलिस को फोन किया। जिस पर एसओ बृजराज यादव मय दलबल के मौके पर पहुंचे और जल्दी से जख्मी लोगों को एंबुलेंस से सीएचसी भिजवाया। खबर मिलते ही घटना स्थल पर सपा पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष नरेश यादव भी पहुंच गए। इसके बाद वह सीएचसी भी पहुंचे। सीएचसी में भी श्री यादव, ब्लाक प्रमुख राही, पूर्व ब्लाक प्रमुख गुरप्रीत सिंह जार्जी भी मौजूद रहे।