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दस किसानों के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट
मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी)
Updated Sat, 13 Dec 2014 06:59 PM IST
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चकबंदी लेखपाल की मिलीभगत से कोतवाली क्षेत्र के दस काश्तकारों के खिलाफ
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कूट रचना तथा धोखाधड़ी से अनुचित लाभ लेने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट
दर्ज कर ली है। यह रिपोर्ट डीएम गौरव दयाल के निर्देश पर चकबंदी अधिकारी ने
दर्ज कराई है। संबंधित लेखपाल फरार बताया जा रहा है। मामला मोहम्मदी तहसील
क्षेत्र के अटसार गांव का है।
यूं तो मोहम्मदी में जब से चकबंदी शुरू हुई तब से इस विभाग की दर्जनों शिकायतें आती रहीं, नयागांव में एक किसान मंगू लाल की हत्या तक हो गई, फिर भी विभाग नहीं चेता। चकबंदी अधिकारी राम किशोर गुप्ता के अनुसार जिन दस काश्तकारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, उनमें अटसार के अमरीक सिंह के 0.486 हेक्टेयर रकबे को 1.486 हेक्टेयर, ऊदन के 0.928 हेक्टेयर रकबे को बढ़ाकर 1.750 हेक्टेयर, गुरविंदर सिंह के 0486 हेक्टेयर रकबे को बढ़ाकर 1.486, गुरमेज कौर के 0.541 हेक्टेयर रकबे को 1.541 हेक्टेयर, जसविन्दर कौर के 0.772 हेक्टेयर रकबे को 1.772 हेक्टेयर, जसवीर कौर के 0.987 हेक्टेयर रकबे को 1.987 हेक्टेयर, बलदेव सिंह के 0.314 हेक्टेयर रकबे को 1.314 हेक्टेयर, बलजिंदर के 1.073 हेक्टेयर रकबे को 1.773 हेक्टेयर और रजवंत कौर के 0.789 हेक्टेयर रकबे को 1.789 हेक्टेयर, सरबजीत कौर के 1.039 हेक्टेयर रकबे को 1.739 हेक्टेयर कर तकरीबन 9.400 हेक्टेयर भूमि अधिक दर्शा दी गई। जबकि मालखाने के अभिलेखागार में अनुरक्षित सी एच 45 में भूमि का क्षेत्रफल सही अंकित है।
सूत्रों के अनुसार इस हेराफेरी में चकबंदी विभाग के एक लेखपाल का हाथ बताया जा रहा है। जो नयागांव के एक किसान मंगूलाल की आत्महत्या के मामले में पूर्व में निलंबित किया जा चुका हैं। इस मामले में एसडीएम मोहम्मदी ने 10 खातों में फेरबदल किए जाने की रिपोर्ट डीएम खीरी को भेजी थी।
अभिलेखों की हेराफेरी की जानकारी तहसील के आरके आफिस को 5-6 माह पूर्व से थी लेकिन वह भी मौन साधे रहे। मालूम हो कि साढ़े नौ हेक्टेयर जमीन दस काश्तकारों के अभिलेखों में बढ़ाई गई, जिसकी कीमत ढाई करोड़ बताई जा रही है। बहरहाल इंस्पेक्टर सीबी सिंह ने इस मामले की विवेचना एसएसआई राम सिंह पवार को सौंपी है। उन्होंने बताया कि मामला शुक्रवार रात दर्ज हुआ है साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। यह पता चला है संबंधित आरोपी फरार हो गए हैं।
यूं तो मोहम्मदी में जब से चकबंदी शुरू हुई तब से इस विभाग की दर्जनों शिकायतें आती रहीं, नयागांव में एक किसान मंगू लाल की हत्या तक हो गई, फिर भी विभाग नहीं चेता। चकबंदी अधिकारी राम किशोर गुप्ता के अनुसार जिन दस काश्तकारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, उनमें अटसार के अमरीक सिंह के 0.486 हेक्टेयर रकबे को 1.486 हेक्टेयर, ऊदन के 0.928 हेक्टेयर रकबे को बढ़ाकर 1.750 हेक्टेयर, गुरविंदर सिंह के 0486 हेक्टेयर रकबे को बढ़ाकर 1.486, गुरमेज कौर के 0.541 हेक्टेयर रकबे को 1.541 हेक्टेयर, जसविन्दर कौर के 0.772 हेक्टेयर रकबे को 1.772 हेक्टेयर, जसवीर कौर के 0.987 हेक्टेयर रकबे को 1.987 हेक्टेयर, बलदेव सिंह के 0.314 हेक्टेयर रकबे को 1.314 हेक्टेयर, बलजिंदर के 1.073 हेक्टेयर रकबे को 1.773 हेक्टेयर और रजवंत कौर के 0.789 हेक्टेयर रकबे को 1.789 हेक्टेयर, सरबजीत कौर के 1.039 हेक्टेयर रकबे को 1.739 हेक्टेयर कर तकरीबन 9.400 हेक्टेयर भूमि अधिक दर्शा दी गई। जबकि मालखाने के अभिलेखागार में अनुरक्षित सी एच 45 में भूमि का क्षेत्रफल सही अंकित है।
सूत्रों के अनुसार इस हेराफेरी में चकबंदी विभाग के एक लेखपाल का हाथ बताया जा रहा है। जो नयागांव के एक किसान मंगूलाल की आत्महत्या के मामले में पूर्व में निलंबित किया जा चुका हैं। इस मामले में एसडीएम मोहम्मदी ने 10 खातों में फेरबदल किए जाने की रिपोर्ट डीएम खीरी को भेजी थी।
अभिलेखों की हेराफेरी की जानकारी तहसील के आरके आफिस को 5-6 माह पूर्व से थी लेकिन वह भी मौन साधे रहे। मालूम हो कि साढ़े नौ हेक्टेयर जमीन दस काश्तकारों के अभिलेखों में बढ़ाई गई, जिसकी कीमत ढाई करोड़ बताई जा रही है। बहरहाल इंस्पेक्टर सीबी सिंह ने इस मामले की विवेचना एसएसआई राम सिंह पवार को सौंपी है। उन्होंने बताया कि मामला शुक्रवार रात दर्ज हुआ है साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। यह पता चला है संबंधित आरोपी फरार हो गए हैं।