फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Dial 100 or 108 would have been averted had the ambulance accident

डायल 100 या 108 एंबुलेंस आ गई होती तो टल सकता था हादसा

Thu, 12 Jan 2017 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Thu, 12 Jan 2017 11:40 PM IST
विज्ञापन
Dial 100 or 108 would have been averted had the ambulance accident
हादसा - फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत का मामला: जिसने सुना वही रह गया सन्न, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा
विज्ञापन

पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत में दो लोग घायल हुए थे। इसकी ग्रामीणों ने डायल 100 और एंबुलेंस 108 को सूचना दी और ठंड से कांप रहे दोनों घायलों को वेदराम के बंगले के पास ले गए। जहां आग जलाकर सभी आग तापने लगे और वाहनों का इंतजार करने लगे। इधर, डेढ़ घंटे तक न तो डायल 100 पहुंची और न ही एंबुलेंस 108, इसी बीच ट्रक ने पांच इंसानी जिंदगियों को लील लिया। यदि बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली के हादसे की सूचना पर दोनों वाहन समय से पहुंच जाते तो शायद घटना टल सकती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार की शाम करीब साढ़े सात बजे बाइक सवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़कर घायल हो गए। इसकी सूचना उन लोगों ने डायल 100 और 108 एंबुलेंस को दी। चूंकि घायल कांप रहे थे। इसलिए ग्रामीणों ने आग जला दी और सरकारी वाहनों का इंतजार करने लगे, लेकिन डेढ़ घंटे तक न तो डायल 100 पहुंची और न ही 108 एंबुलेंस? पहुंचा तो काल बनकर ट्रक, जिसने गांव के एक ही परिवार के तीन लोगों सहित पांच जिंदगियां छीन ली। गांव निवासी प्रमोद कुमार, अवधेश कुमार सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि बाइक सवारों के घायल होने की सूचना पर यदि डायल 100 और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाती तो शायद सभी लोग आग जलाकर वहां खड़े नहीं रहते, लेकिन होनी को कौन टाल सकता था। उधर हादसे में पांच लोगों की मौत की सूचना जब गांव में पहुंची तो जिसने सुना वही अवाक रह गया। जो जैसे जहां था वैसे ही घटनास्थल की ओर भाग निकला। सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई।  कुचले पड़े शव देखकर लोग कांप उठे। हरेक व्यक्ति की आंखे नम हो गईं। मौके पर पहुंची पुलिस सभी शवों और घायलों को रात में ही जिला मुख्यालय ले आई। गुरुवार की सुबह बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ पोस्टमार्टम हाउस में जुटी रही। 
विज्ञापन


राधेश्याम के बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल 
हादसे में गांव महाराजनगर निवासी राधेश्याम, उनकी पत्नी कोकिला और पुत्री पूजा की मौत हो गई। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। बिलख रहे बच्चों और परिवार क लोगों को आसपास के लोग ढाढ़स बंधा रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed