{"_id":"d2a80aff48f8d18205a86fb5ddb2144b","slug":"crime-hindi-news-840","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेप पीड़ित को कचहरी से ही अगवा करने पहुंच गए आरोपी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रेप पीड़ित को कचहरी से ही अगवा करने पहुंच गए आरोपी
लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 08 Sep 2015 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब दो साल पहले बलात्कार के बाद अपहृत 16 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने दो दिन पहले लखनऊ के चिनहट में बरामद तो कर लिया लेकिन फिर अपने हाल पर छोड़ दिया। इन दो सालों में इस लड़की का सौदा होता रहा। मंगलवार को वह कचहरी में कलमबंद बयान दर्ज कराने पहुंची तो आरोपी पहुंच गए और उसे उसे जबरन ले जाने लगे। किसी तरह वकीलों और वादकारियों ने उसे बचाया। मंगलवार को भरी कचहरी में घटना के बाद भी पुलिस अनभिज्ञ बनी हुई है। बुलाने पर भी पुलिस वहां नहीं पहुंची।
निघासन थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी ने मई 2012 में नौगंवा दौलतापुर निवासी सोनू और अखलाक के खिलाफ दुराचार की शिकायत की थी, लेकिन स्थानीय पुलिस मामले को दबाने में लगी रही। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही परिवार वालों को धमकियां मिलनी शुरू हो गईं। जान बचाने के लिए पीड़ित परिवार किशोरी सहित ग्राम मझगई में रहने लगा। बाद में पुलिस ने दर्ज मुकदमे के आधार पर सोनू को तो जेल भेज दिया, लेकिन तफ्तीश के दौरान अखलाक का नाम मुकदमे से निकाल दिया।
दो साल पहले पीड़िता के कोर्ट में कलमबंद बयान होने थे तभी पुराने आरोपियों ने अपने साथी मझगई निवासी नाजिम और मुमताज की मदद से किशोरी का एक जुलाई 2013 को घर से जबरन अपहरण कर लिया। इस मामले में अपहरण का मुकदमा निघासन थाने में दर्ज कराया गया था। किशोरी ने बताया कि उसे अगवा करने के बाद बंधक रखकर दुराचार किया। बाद में सोनू और उसके साथियों ने पास के गंाव कोठिया के लोगों के हाथ उसे बेच दिया। फिर कोठिया के लोगों ने भी किशोरी को बाराबंकी के एक ठेकेदार के हाथ उसे बेच दिया था। वह उससे चिनहट में मजदूरी करा रहा था। जानकारी मिलने पर खीरी पुलिस ने रविवार को लखनऊ पुलिस के सहयोग से किशोरी को बरामद कर लिया।
विज्ञापन
चूंकि किशोरी ने अपहरण के बाद भी दुराचार की बात कही, इसलिए उसका सोमवार को पहले मेडिकल परीक्षण कराया गया। मंगलवार को उसके कलमबंद बयान होने थे, इसके लिए परिवार वाले उसे लेकर कचहरी पहुंच गए। मदद में जुटा एक सामाजिक कार्यकर्ता सप्लीमेंट्री रिपोर्ट पाने के लिए वहां से चला गया। तभी कोठिया के पांच-छह लोगों ने दोपहर करीब तीन बजे पहुंचकर उसके अपहरण का प्रयास किया। उन लोगों का कहना था कि हमने पैसा लगाया था, इसलिए लड़की हम ही ले जाएंगे। किसी तरह बचाई गई किशोरी को बाद में परिवार वाले अपने साथ घर ले गए। उधर, कोतवाल रंजीत यादव ने बताया कि उन्हें किशोरी को कोर्ट परिसर से अगवा करने की कोई शिकायत या सूचना नहीं मिली है।
मेडिकल रिपोर्ट का है इंतजार
बरामद किशोरी का मेडिकल परीक्षण तो सोमवार को कराया था लेकिन अभी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट न मिल पाने की बात कहते हुए अभी तक किशोरी का मजिस्ट्रेट की अदालत में कलमबंद बयान नहीं कराया है। निघासन पुलिस ने बताया कि उसे मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।
विज्ञापन
निघासन थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी ने मई 2012 में नौगंवा दौलतापुर निवासी सोनू और अखलाक के खिलाफ दुराचार की शिकायत की थी, लेकिन स्थानीय पुलिस मामले को दबाने में लगी रही। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही परिवार वालों को धमकियां मिलनी शुरू हो गईं। जान बचाने के लिए पीड़ित परिवार किशोरी सहित ग्राम मझगई में रहने लगा। बाद में पुलिस ने दर्ज मुकदमे के आधार पर सोनू को तो जेल भेज दिया, लेकिन तफ्तीश के दौरान अखलाक का नाम मुकदमे से निकाल दिया।
विज्ञापन
दो साल पहले पीड़िता के कोर्ट में कलमबंद बयान होने थे तभी पुराने आरोपियों ने अपने साथी मझगई निवासी नाजिम और मुमताज की मदद से किशोरी का एक जुलाई 2013 को घर से जबरन अपहरण कर लिया। इस मामले में अपहरण का मुकदमा निघासन थाने में दर्ज कराया गया था। किशोरी ने बताया कि उसे अगवा करने के बाद बंधक रखकर दुराचार किया। बाद में सोनू और उसके साथियों ने पास के गंाव कोठिया के लोगों के हाथ उसे बेच दिया। फिर कोठिया के लोगों ने भी किशोरी को बाराबंकी के एक ठेकेदार के हाथ उसे बेच दिया था। वह उससे चिनहट में मजदूरी करा रहा था। जानकारी मिलने पर खीरी पुलिस ने रविवार को लखनऊ पुलिस के सहयोग से किशोरी को बरामद कर लिया।
विज्ञापन
चूंकि किशोरी ने अपहरण के बाद भी दुराचार की बात कही, इसलिए उसका सोमवार को पहले मेडिकल परीक्षण कराया गया। मंगलवार को उसके कलमबंद बयान होने थे, इसके लिए परिवार वाले उसे लेकर कचहरी पहुंच गए। मदद में जुटा एक सामाजिक कार्यकर्ता सप्लीमेंट्री रिपोर्ट पाने के लिए वहां से चला गया। तभी कोठिया के पांच-छह लोगों ने दोपहर करीब तीन बजे पहुंचकर उसके अपहरण का प्रयास किया। उन लोगों का कहना था कि हमने पैसा लगाया था, इसलिए लड़की हम ही ले जाएंगे। किसी तरह बचाई गई किशोरी को बाद में परिवार वाले अपने साथ घर ले गए। उधर, कोतवाल रंजीत यादव ने बताया कि उन्हें किशोरी को कोर्ट परिसर से अगवा करने की कोई शिकायत या सूचना नहीं मिली है।
मेडिकल रिपोर्ट का है इंतजार
बरामद किशोरी का मेडिकल परीक्षण तो सोमवार को कराया था लेकिन अभी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट न मिल पाने की बात कहते हुए अभी तक किशोरी का मजिस्ट्रेट की अदालत में कलमबंद बयान नहीं कराया है। निघासन पुलिस ने बताया कि उसे मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।