फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   CHC Bijua neonatal death again

बिजुआ सीएचसी में फिर नवजात शिशु की मौत

Sat, 14 Nov 2015 10:59 PM IST
बिजुआ।
बिजुआ। Updated Sat, 14 Nov 2015 10:59 PM IST
विज्ञापन
CHC Bijua neonatal death again
सीएचसी में महिला डाक्टर न होने से एक और नवजात शिशु की मौत हो गई। प्रसूता के घर वालों को पहले वक्त पर एंबुलेंस नहीं मिली, देर से एंबुलेंस मिलने के बाद जब उसे सीएचसी लाया गया, तो कुछ देर बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया, प्रसव के दौरान बच्चें की क्रिटिकल कंडीशन के चलते बच्चे को सांस लेने में दिक्कत थी। इसी के चलते उसे भीरा के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

रामालक्षना गांव के अंकेश के घर में नए मेहमान के आने की उम्मीद में रोज ढोलक पर बधाई गाने का सिलसिला चल रहा था। पहला प्रसव होने के चलते अंकेश ने पत्नी संगीता का अल्ट्रासाउंड भी कराया था। अल्ट्रासाउंड में जच्चा और बच्चा ठीक होने से पति-पत्नी समेत परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार देर रात प्रसव दर्द बढ़ने पर संगीता को अस्पताल लाने के लिए आशा वर्कर सीनू और परिवार वालों ने एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस समय से न मिल पाने से प्रसूता को सुबह करीब पांच बजे सीएचसी लेकर आ सके। यहां पर स्टाफ नर्सों ने संगीता को प्रसव कराया। बताते हैं कि प्रसव के दौरान बच्चा उल्टा होने से स्टाफ ने किसी महिला डाक्टर की जरूरत बताई, ऐसे में रेफर करने से भी मना कर दिया गया। संगीता ने सीएचसी के डिलीवरी रूम में एक बेटे को जन्म दिया। प्रसव में क्रिटिकल कंडीशन के चलते बच्चे की तबियत बिगड़ गई, उसे भीरा के वनबीट अस्पताल भेजा गया, वहां पर पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। अस्पताल में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन


डॉक्टरों की नियुक्ति बिजुआ में काम लखीमपुर में
बिजुआ। सीएचसी में लेी डाक्टर न होने पर अगर किसी प्रसूता या उसके नवजात की मौत हो जाए तो यह शासन की कमी मानी जा सकती है। बिजुआ का मामला अलग है, यहां पर शासन ने दो महिला डाक्टरों की नियुक्ति की थी, जिले के सीएमओ की मेहरबानी से दोनों महिला डाक्टर तीन सालों से जिला महिला अस्पताल में अपना अटैचमेंट कराया रखा है। जबकि उनकी सेलरी बिजुआ से ही निकाली जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जो महिला प्रसव के लिए आई थी, उसका बच्चा घूमा हुआ था। इसलिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। महिला चिकित्सक के लिए कई बार सीएमओ को पत्र लिखा जा चुका है। - डा. रोहित पाठक, सीएचसी प्रभारी बिजुआ
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed