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कागजी कार्रवाई से बचने के लिए खड़ी रही एएलएस एंबुलेंस
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 26 May 2017 11:24 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गंभीर रूप से जले टैंपो चालक को 108 एंबुलेंस से किया रेफर
जबकि गंभीर मरीजों के लिए ही जिले को मिली दो लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस
जिला और महिला अस्पताल से रेफर होने वाले गंभीर मरीज सकुशल लखनऊ ट्रामा सेंटर पहुंचे, जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों अस्पतालों को एक-एक एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस एएलएस दी हैं। इनमें जीवन रक्षक उपकरण और दवाएं मौजूद हैं, लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टर गंभीर मरीजों को एएलएस के बजाय सामान्य 108 एंबुलेंस से ही रेफर कर रहे हैं। शुक्रवार को आत्मदाह के प्रयास में झुलसे टैंपो चालक आफताब को पुलिस ने जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती करा दिया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टर ने उसका रेफर बना दिया। रेफर बनते ही एसपी की मौजूदगी में अस्पताल कर्मियों ने उसे एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से भेजवाने के बजाय सामान्य 108 से ही लखनऊ भेजकर अपना झाड़ लिया। जबकि ऐसे ही गंभीर मरीजों के लिए ही शासन ने ये एंबुलेंस दी हैं। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि इमरजेंसी में बैठे डॉक्टर मरीज की कंडीशन को ना देखकर सिर्फ कागजी लिखा पढ़ी से बचने के लिए एएलएस से भेजने से बचते हैं।
बेहद गंभीर मरीज सुरक्षित लखनऊ तक पहुंच सके, इसलिए शासन से दो एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस मिली हैं। गंभीर रूप से जले टैंपो चालक को इस एंबुलेंस से भेजना चाहिए था, लेकिन हमारे पास कोई काल ही नहीं आई।
मितेश श्रीवास्तव, प्रोग्राम मैनेजर, एंबुलेंस सेवा
मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा प्रकरण है, तो जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. जावेद अहमद, सीएमओ
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जबकि गंभीर मरीजों के लिए ही जिले को मिली दो लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस
जिला और महिला अस्पताल से रेफर होने वाले गंभीर मरीज सकुशल लखनऊ ट्रामा सेंटर पहुंचे, जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों अस्पतालों को एक-एक एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस एएलएस दी हैं। इनमें जीवन रक्षक उपकरण और दवाएं मौजूद हैं, लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टर गंभीर मरीजों को एएलएस के बजाय सामान्य 108 एंबुलेंस से ही रेफर कर रहे हैं। शुक्रवार को आत्मदाह के प्रयास में झुलसे टैंपो चालक आफताब को पुलिस ने जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती करा दिया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टर ने उसका रेफर बना दिया। रेफर बनते ही एसपी की मौजूदगी में अस्पताल कर्मियों ने उसे एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से भेजवाने के बजाय सामान्य 108 से ही लखनऊ भेजकर अपना झाड़ लिया। जबकि ऐसे ही गंभीर मरीजों के लिए ही शासन ने ये एंबुलेंस दी हैं। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि इमरजेंसी में बैठे डॉक्टर मरीज की कंडीशन को ना देखकर सिर्फ कागजी लिखा पढ़ी से बचने के लिए एएलएस से भेजने से बचते हैं।
बेहद गंभीर मरीज सुरक्षित लखनऊ तक पहुंच सके, इसलिए शासन से दो एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस मिली हैं। गंभीर रूप से जले टैंपो चालक को इस एंबुलेंस से भेजना चाहिए था, लेकिन हमारे पास कोई काल ही नहीं आई।
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मितेश श्रीवास्तव, प्रोग्राम मैनेजर, एंबुलेंस सेवा
मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा प्रकरण है, तो जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. जावेद अहमद, सीएमओ