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तीन चीनी मिलों ने अब भी दबा रखे 67.71 करोड़
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:12 PM IST
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- पलिया, खंभारखेड़ा और ऐरा मिल ने नहीं किया पूर्ण भुगतान
जिले की नौ चीनी मिलों में से तीन मिलों ने अभी भी किसानों का पूर्ण भुगतान नहीं किया है, जबकि मिल बंद होने की तिथि से तीन माह के अंदर पूर्ण भुगतान अनिवार्य तौर पर करना था। सरकार द्वारा निर्धारित समय से एक माह अधिक बीत चुका है। बजाज ग्रुप की दो मिले पलिया और खंभारखेड़ा पर 50 करोड़ से अधिक बकाया है। जबकि एडवांटेज ग्रुप की ऐरा मिल पर 16.94 करोड़ बकाया है।
पेराई सत्र 2015-16 में किसानों ने नौ चीनी मिलों को 810.06 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति की थी, जिसके एवज में गन्ना मूल्य का 22 अरब 65 करोड़ 42 लाख 60 हजार रुपये भुगतान होना था। सरकार ने मिलों को सुविधा देते हुए दो किस्तों में भुगतान करने की छूट दी थी। इस मसौदेे के तहत प्रथम किस्त (230 रुपये प्रति क्विंटल) की दर से 14 दिन के अंदर भुगतान करना था। जबकि शेष गन्ना मूल्य का भुगतान मिल बंद होने की तिथि से 90 दिन में करना था। गन्ना एक्ट और सरकार की गाइड लाइन को धता बताते हुए मिलों ने पहली किस्त का समय से भुगतान नहीं किया, जिसके बाद दूसरी किस्त का भुगतान करने में भी कई मिलें फिसड्डी साबित हुई हैं। शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मिलों ने किसानों को भुगतान के लिए खूब छकाया है। गन्ना विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को अब तक 21 अरब 97 करोड़ 71 लाख 48 हजार रुपये भुगतान दिया जा चुका है। वहीं तीन मिलों पलिया ने 40 करोड़ 85 लाख 31 हजार, खंभारखेड़ा ने नौ करोड़ 91 लाख 17 हजार और ऐरा ने 16 करोड़ 94 लाख 64 हजार रुपये अभी भी दबा रखे हैं। जबकि डीएम आकाश दीप ने सभी मिल मालिकों को 31 अगस्त 2016 तक पूर्ण भुगतान करने के निर्देश दिए थे।
मिलों पर 28.31 करोड़ ब्याज की भी देनदारी
इस पेराई सत्र में गन्ना मूल्य भुगतान नियमानुसार न करने के लिए मिलों पर ब्याज की देनदारी बनी है, जिसे गन्ना एक्ट के मुताबिक किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है। गोला पर आठ करोड़ 80 लाख 15 हजार, पलिया पर सात करोड़ 45 लाख 82 हजार, खंभारखेड़ा पर सात करोड़ 73 लाख 55 हजार, ऐरा पर एक करोड़ 74 लाख पांच हजार, अजबापुर पर 36 लाख 64 हजार, बेलरायां पर एक करोड़ 19 लाख 96 हजार और संपूर्णानगर पर एक करोड़ एक लाख 76 हजार रुपये ब्याज बकाया है।
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छह मिलों ने पूर्ण भुगतान कर दिया है। सिर्फ तीन मिलों पर 67.71 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका जल्द ही किसानों को भुगतान कराया जाएगा। मिलों से लगातार संपर्क कर दबाव बनाया जा रहा है।
- जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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जिले की नौ चीनी मिलों में से तीन मिलों ने अभी भी किसानों का पूर्ण भुगतान नहीं किया है, जबकि मिल बंद होने की तिथि से तीन माह के अंदर पूर्ण भुगतान अनिवार्य तौर पर करना था। सरकार द्वारा निर्धारित समय से एक माह अधिक बीत चुका है। बजाज ग्रुप की दो मिले पलिया और खंभारखेड़ा पर 50 करोड़ से अधिक बकाया है। जबकि एडवांटेज ग्रुप की ऐरा मिल पर 16.94 करोड़ बकाया है।
पेराई सत्र 2015-16 में किसानों ने नौ चीनी मिलों को 810.06 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति की थी, जिसके एवज में गन्ना मूल्य का 22 अरब 65 करोड़ 42 लाख 60 हजार रुपये भुगतान होना था। सरकार ने मिलों को सुविधा देते हुए दो किस्तों में भुगतान करने की छूट दी थी। इस मसौदेे के तहत प्रथम किस्त (230 रुपये प्रति क्विंटल) की दर से 14 दिन के अंदर भुगतान करना था। जबकि शेष गन्ना मूल्य का भुगतान मिल बंद होने की तिथि से 90 दिन में करना था। गन्ना एक्ट और सरकार की गाइड लाइन को धता बताते हुए मिलों ने पहली किस्त का समय से भुगतान नहीं किया, जिसके बाद दूसरी किस्त का भुगतान करने में भी कई मिलें फिसड्डी साबित हुई हैं। शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मिलों ने किसानों को भुगतान के लिए खूब छकाया है। गन्ना विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को अब तक 21 अरब 97 करोड़ 71 लाख 48 हजार रुपये भुगतान दिया जा चुका है। वहीं तीन मिलों पलिया ने 40 करोड़ 85 लाख 31 हजार, खंभारखेड़ा ने नौ करोड़ 91 लाख 17 हजार और ऐरा ने 16 करोड़ 94 लाख 64 हजार रुपये अभी भी दबा रखे हैं। जबकि डीएम आकाश दीप ने सभी मिल मालिकों को 31 अगस्त 2016 तक पूर्ण भुगतान करने के निर्देश दिए थे।
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मिलों पर 28.31 करोड़ ब्याज की भी देनदारी
इस पेराई सत्र में गन्ना मूल्य भुगतान नियमानुसार न करने के लिए मिलों पर ब्याज की देनदारी बनी है, जिसे गन्ना एक्ट के मुताबिक किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है। गोला पर आठ करोड़ 80 लाख 15 हजार, पलिया पर सात करोड़ 45 लाख 82 हजार, खंभारखेड़ा पर सात करोड़ 73 लाख 55 हजार, ऐरा पर एक करोड़ 74 लाख पांच हजार, अजबापुर पर 36 लाख 64 हजार, बेलरायां पर एक करोड़ 19 लाख 96 हजार और संपूर्णानगर पर एक करोड़ एक लाख 76 हजार रुपये ब्याज बकाया है।
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छह मिलों ने पूर्ण भुगतान कर दिया है। सिर्फ तीन मिलों पर 67.71 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका जल्द ही किसानों को भुगतान कराया जाएगा। मिलों से लगातार संपर्क कर दबाव बनाया जा रहा है।
- जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी