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सिलेंडर फटने के मामले में दूसरे दिन नहीं बढ़ी जांच
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:27 PM IST
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सिलेंडर
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। शहर की सब्जी मंडी इलाके में एक दुकानदार के मकान की दूसरी मंजिल पर सब्जी-पूड़ी बनाते वक्त गैस सिलेंडर फटने के मामले की जांच दूसरे दिन नहीं बढ़ सकी। खास बात यह रही कि जब शहर कोतवाल अशोक कुमार पांडे से इस बाबत बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले में डीएसओ और फायर बिग्रेड को कार्रवाई करनी है, जबकि डीएसओ और फायर बिग्रेड के अधिकारियों ने बताया अभी जांच हो रही है। वहीं जब इस बाबत एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह से बता की गई तो उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस को कोतवाली में दर्ज होना था। बाकी कार्रवाई डीएसओ स्तर से होनी हैं।
सब्जी मंडी इलाके में 22 दिसंबर की दोपहर दो बजे पंकज शुक्ला के पुराने मकान में सब्जी पूड़ा बनाने के कारखाने में गैस रिसाव से आग लग गई थी, जिससे सिलेंडर फट गए थे। इससे तीव्र धमाके और आग की लपटें होने से दूसरी मंजिल की छत गिर गई थी, जिसमें छह लोग झुलस गए थे। जिला अस्पताल से सभी लोगों को शुक्रवार की शाम को ही छुट्टी दे दी गई थी। उधर मामले की जांच के निर्देश डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह ने दी थी, लेकिन दूसरे दिन जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं पुलिस, डीएसओ, अग्निशमन और एसडीएम एक दूसरे पर कार्रवाई करने की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए। उधर इस बाबत डीएसओ अभिनव सिंह का कहना है कि चूंकि घर में घटना हुई है और घरेलू सिलेंडर का ही उपयोग हो रहा था, इसलिए कमर्शियल मानकर कार्रवाई नहीं हो सकती। पूरे मामले की पड़ताल और जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है, इसलिए मामले की जांच कार्रवाई में समय लगेगा।
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सब्जी मंडी इलाके में 22 दिसंबर की दोपहर दो बजे पंकज शुक्ला के पुराने मकान में सब्जी पूड़ा बनाने के कारखाने में गैस रिसाव से आग लग गई थी, जिससे सिलेंडर फट गए थे। इससे तीव्र धमाके और आग की लपटें होने से दूसरी मंजिल की छत गिर गई थी, जिसमें छह लोग झुलस गए थे। जिला अस्पताल से सभी लोगों को शुक्रवार की शाम को ही छुट्टी दे दी गई थी। उधर मामले की जांच के निर्देश डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह ने दी थी, लेकिन दूसरे दिन जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं पुलिस, डीएसओ, अग्निशमन और एसडीएम एक दूसरे पर कार्रवाई करने की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए। उधर इस बाबत डीएसओ अभिनव सिंह का कहना है कि चूंकि घर में घटना हुई है और घरेलू सिलेंडर का ही उपयोग हो रहा था, इसलिए कमर्शियल मानकर कार्रवाई नहीं हो सकती। पूरे मामले की पड़ताल और जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है, इसलिए मामले की जांच कार्रवाई में समय लगेगा।
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