फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   पत्नी मायके से नहीं आई तो फांसी लगाकर दी जान

पत्नी मायके से नहीं आई तो फांसी लगाकर दी जान

Sun, 11 Jun 2017 05:59 PM IST
Updated Sun, 11 Jun 2017 05:59 PM IST
विज्ञापन
पत्नी मायके से नहीं आई तो फांसी लगाकर दी जान

विज्ञापन

फरधान (लखीमपुर खीरी)। पत्नी के मायके से न आने से नाराज थाना क्षेत्र के गांव बाठा निवासी 27 वर्षीय हरिनाम ने पत्नी की साड़ी का फंदा बनाकर गले में डाल लिया और आम के पेड़ से लटकर जान दे दी। हरिनाम की पत्नी तीन महीनों से मायके में थी। बार-बार कहने पर भी वह नहीं आ रही थी। दो दिन पहले पत्नी को विदा कराने हरिनाम ससुराल गया था, लेकिन ससुराल वालों के विदा नहीं किया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है।

गांव बौठा निवासी श्रीपाल ने बताया कि उन्होंने अपने इकलौते पुत्र हरिनाम उर्फ पतिराखन की शादी चार साल पहले बम्हनपुर कोरारा से की थी। शादी के दो तीन साल बाद से पति-पत्नी के बीच आपसी झगड़ा होने लगा। तीन-चार महीने पहले हरिनाम की पत्नी मायके चली गई थी। तब से वह मायके से वापस आने का नाम नहीं ले रही थी। हरिनाम कई बार संदेशा भी भेजा और खुद भी गया, लेकिन वह नहीं आई। शुक्रवार को हरिनाम पत्नी को विदा कराने ससुराल गया, लेकिन ससुराल वालों ने विदा नहीं किया। रविवार को ससुराल से वापस आकर हरिनाम ने दिनभर शराब पी और घर में अपने मां बाप से झगड़ा किया। उसके बाद वह कमरे में जाकर बिना खाए ही सो गया। रात को किसी समय हरिनाम उर्फ पतिराखन ने पत्नी की साड़ी का फंदा बनाकर गले में डाल लिया और अपने मकान के पिछवाड़े खड़े आम के पेड़ की डाल से लटककर जान दे दी। सुबह पांच बजे उसके पिता श्रीपाल जब मकान के पिछवाड़े गए तो हरिनाम का शव पेड़ से लटकता हुआ देखा। इकलौता पुत्र होने के कारण उनके घर में कोहराम मच गया। मृतक के एक पुत्र और एक पुत्री है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन

00000000000000000000
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed