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बदमाशों ने दो घरों में डाला डाका
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:28 PM IST
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डाका
- फोटो : अमर उजाला
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बिजुआ। भीरा थाना क्षेत्र के बस्तौली गांव में नकाबपोश बदमाशों ने दो घरों में शस्त्रों के दम पर लूटपाट की। बदमाश पुलिस बताकर घर में घुस आए और लोगों को बंधक बना लिया। बदमाशों ने जेवर, नकदी समेत बच्चों के गुल्लक तक तोड़ डाले और नकदी-जेवर समेत लाखों रुपये का सामान बटोर ले गए। सूचना पर सीओ गोला भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर डकैती की घटना को चोरी में दर्ज कर अपना पल्ला झाड़ लिया।
बिजुआ चौकी क्षेत्र के बस्तौली गांव के मोहम्मद शफीक के घर रात करीब 12 बजे के बाद आठ नकाबपोश बदमाश घुस आए। उस समय शफीक, उनके साढू अरमान निवासी भीरा और मौसी शाहजहां निवासी रकेहटी थाना निघासन जाग रहे थे। खुद को पुलिस वाला बताकर बदमाशों ने घर में घुसते ही सबको तमंचे सटाकर चुप करा दिया और घर की तलाशी लेने लगे। शफीक और अरमान समेत घर की महिलाओं के हाथ बांध दिए। इस दौरान बदमाशों ने बक्से की तलाशी लेकर उसमें रखे 15 हजार नकद, अरमान की जेब में रखे 34 सौ रुपये, हाथ की घड़ी के अलावा घर की औरतों के जेवर और मौसी शाहजहां की पायल व झाले उतरवा लिए। यहां तक कि बच्चों की गुल्लक को तोड़कर उसमें मिले सिक्के तक बदमाशों ने अपने कब्जे में ले लिए। शफीक के घर पर घुुसे आठ बदमाशों में से दो बदमाश तमंचा लगाकर खड़े रहे, बाकी छह की तादात में बदमाश पड़ोसी कमरुद्दीन के घर में घुस गए। कमरुद्दीन और उनकी पत्नी मेहनाज बानो बरामदे में सो रहे थे, बदमाशों ने उन्हें भी पुलिस वाला बताकर जगाया फिर तमंचा लगाकर परिवार के लोगों के हाथ बांध दिए। इस दौरान बदमाशों ने दूसरे कमरों में सो रहे भाई शहाब़ुद्दीन को जगाकर उनके कमरे मे रखे बक्से को खंगाल कर उसमें रखे जेवर निकाल लिए। आहट होने पर जागी बेटियों ने जब शोर मचाने की कोशिश की तो उनके सिर पर तमंचा लगाकर थप्पड़ मारे वहीं, बचाने आई मां को भी मारा-पीटा। बदमाशों ने घर के बल्ब फोड़कर करीब आधे घंटे तक लूटपाट की और आराम से फरार हो गए। लुटे पिटे ग्रामीणों ने जब शोर मचाया तो बदमाश जा चुके थे। रात को ही सीओ गोला के अलावा एसओ भीरा एवं पुलिस चौकी इंचार्ज गांव पहुंचे और वारदात की जानकारी ली। लूट की घटना के बाद अब इलाके में दहशत है। ग्रामीणों ने पुलिस गश्त पर सवाल उठाए हैं।
पड़ा डाका, चोरी में दर्ज हो गई घटना
बस्तौली गांव की वारदात में नकाबपोश बदमाशों की संख्या आठ थी। महिलाओं को गन प्वाइंट पर लेकर घटना केा अंजाम दिया गया। भले ही आईपीसी की धारा में यह डाका जैसे संगीन अपराध में आता हो, लेकिन भीरा पुलिस के लिए यह घटना महज चोरी की लगती है, तभी तो इस वारदात को पुलिस ने धारा 380 आईपीसी के तहत दर्ज कर अपने कर्त्तव्य से इतिश्री कर ली।
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बिजुआ चौकी क्षेत्र के बस्तौली गांव के मोहम्मद शफीक के घर रात करीब 12 बजे के बाद आठ नकाबपोश बदमाश घुस आए। उस समय शफीक, उनके साढू अरमान निवासी भीरा और मौसी शाहजहां निवासी रकेहटी थाना निघासन जाग रहे थे। खुद को पुलिस वाला बताकर बदमाशों ने घर में घुसते ही सबको तमंचे सटाकर चुप करा दिया और घर की तलाशी लेने लगे। शफीक और अरमान समेत घर की महिलाओं के हाथ बांध दिए। इस दौरान बदमाशों ने बक्से की तलाशी लेकर उसमें रखे 15 हजार नकद, अरमान की जेब में रखे 34 सौ रुपये, हाथ की घड़ी के अलावा घर की औरतों के जेवर और मौसी शाहजहां की पायल व झाले उतरवा लिए। यहां तक कि बच्चों की गुल्लक को तोड़कर उसमें मिले सिक्के तक बदमाशों ने अपने कब्जे में ले लिए। शफीक के घर पर घुुसे आठ बदमाशों में से दो बदमाश तमंचा लगाकर खड़े रहे, बाकी छह की तादात में बदमाश पड़ोसी कमरुद्दीन के घर में घुस गए। कमरुद्दीन और उनकी पत्नी मेहनाज बानो बरामदे में सो रहे थे, बदमाशों ने उन्हें भी पुलिस वाला बताकर जगाया फिर तमंचा लगाकर परिवार के लोगों के हाथ बांध दिए। इस दौरान बदमाशों ने दूसरे कमरों में सो रहे भाई शहाब़ुद्दीन को जगाकर उनके कमरे मे रखे बक्से को खंगाल कर उसमें रखे जेवर निकाल लिए। आहट होने पर जागी बेटियों ने जब शोर मचाने की कोशिश की तो उनके सिर पर तमंचा लगाकर थप्पड़ मारे वहीं, बचाने आई मां को भी मारा-पीटा। बदमाशों ने घर के बल्ब फोड़कर करीब आधे घंटे तक लूटपाट की और आराम से फरार हो गए। लुटे पिटे ग्रामीणों ने जब शोर मचाया तो बदमाश जा चुके थे। रात को ही सीओ गोला के अलावा एसओ भीरा एवं पुलिस चौकी इंचार्ज गांव पहुंचे और वारदात की जानकारी ली। लूट की घटना के बाद अब इलाके में दहशत है। ग्रामीणों ने पुलिस गश्त पर सवाल उठाए हैं।
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पड़ा डाका, चोरी में दर्ज हो गई घटना
बस्तौली गांव की वारदात में नकाबपोश बदमाशों की संख्या आठ थी। महिलाओं को गन प्वाइंट पर लेकर घटना केा अंजाम दिया गया। भले ही आईपीसी की धारा में यह डाका जैसे संगीन अपराध में आता हो, लेकिन भीरा पुलिस के लिए यह घटना महज चोरी की लगती है, तभी तो इस वारदात को पुलिस ने धारा 380 आईपीसी के तहत दर्ज कर अपने कर्त्तव्य से इतिश्री कर ली।
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