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काली मंदिर में हुई चोरी को लेकर गंभीर नहीं पुलिस

Sun, 17 Dec 2017 10:34 PM IST
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:34 PM IST
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काली मंदिर में हुई चोरी को लेकर गंभीर नहीं पुलिस
राजमहल - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी।कस्बा सिंगाही स्थित राजघराने का पौराणिक काली मंदिर चोरों के निशाने पर है। शुक्रवार की रात चोरों ने काली मां की अष्टधातु की मूर्ति चुराने की कोशिश की। जाग होने पर चोर देवी प्रतिमा के नीचे लगी करीब एक लाख रुपये की चांदी की पतली चादर चुरा ले गए थे। खास बात यह है कि 15 साल पहले भी दो बार मंदिर में करोड़ों रुपये के सामान की चोरी हो चुकी है, जिसका खुलासा पुलिस अब तक नहीं कर सकी है। इससे लोगों में नाराजगी है।
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राजमहल के सामने स्थित राजघराने के काली मंदिर में भगवान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, शिवशंकर सहित कई मंदिर हैं। मां काली के विशालकाय मंदिर के गेट पर चांदी के सिक्के और प्रतिमा के नीचे बड़ी मात्रा में चांदी की पतली परत लगी हुई है। मंदिर के गुंबद पर विशालकाय 25 किलोग्राम का सोने का त्रिशूल था। वर्ष 2002 में चोर त्रिशूल और मां की मूर्ति के पास रखा एक अष्टधातु का शेर चुरा ले गए थे। पुलिस ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले में इतिश्री कर ली।
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पुलिस के सजग न होने के कारण चोरों ने वर्ष 2000 में एक बार फिर मंदिर पर धावा बोला। इस बार चोर मंदिर कैंपस में स्थित हनुमान जी के मंदिर से अष्टधातु की विशालकाय गदा चुरा ले गए। पुलिस दोनों घटनाओं का न तो खुलासा कर सकी और न ही सुरक्षा के लिए कोई प्लान ही तैयार किया। सिर्फ राजघराने के लोगों की सतर्कता के चलते ही इतने दिन चोर हिम्मत नहीं जुटा सके।
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बीते शुक्रवार की रात चोर मंदिर के सभी सुरक्षा घेरों को तोड़ते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए और मंदिर में स्थापित मां की प्रतिमा को उठाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। गनीमत यह रही कि इसी बीच चौकीदार जगमोहन जाग गया। उसके शोर मचाने पर चोर प्रतिमा के नीचे लगी चांदी की चादर उखाड़कर साथ लेकर भाग निकले। मंदिर कमेटी के लोगों का कहना है कि पुलिस पहले की भांति ही इस बार भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।

15 साल गुजरे, पर नहीं बरामद हुआ कोई सामान
पुरातत्विक महत्व के इस काली मंदिर से अब तक करोड़ों रुपये मूल्य के धार्मिक प्रतीक चोरी जा चुके हैं, लेकिन किसी भी चोरी का खुलासा करने में पुलिस फेल रही है। इससे पुलिस को भी लोग सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।

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पुलिस संजीदा होती तो पकड़े जाते चोर
यदि पुलिस पूर्व में हुई घटनाओं को लेकर संजीदा होती और चोरों को पकड़ने का प्रयास करती तो शायद चोर मंदिर में तीसरी बार घुसकर चोरी करने का साहस नहीं जुटा पाते। पुलिस की लापरवाही के कारण ही चोर बेखौफ हैं। पुलिस इसे गंभीरता से ले और शीघ्र खुलासा करे।
- बबलू गुप्ता पूर्व सभासद, वार्ड संख्या 12


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पुरातत्विक धरोहर की सुरक्षा
के हो पुख्ता इंतजाम
खैरीगढ़ स्टेट से संबंध रखने वाले कुंवर मनुराज सिंह का कहना है कि काली मंदिर में पहले हो चुकी चोरियों का अब तक पुलिस द्वारा खुलासा न कर पाना बेहद शर्मनाक है। इससे चोरों के हौसले बढ़े हैं। पुलिस को चाहिए कि वह मंदिर कैंपस के पास पुलिस पिकेट स्थापित करे, ताकि इस पुरातत्विक धरोहर की सुरक्षा हो सके।

सीओ ने किया मौका मुआयना
सीओ निघासन सविरत्न गौतम ने मंदिर कैंपस का मौका मुआयना किया। उन्होंने मंदिर के चौकीदार और अन्य स्टाफ से भी घटना की जानकारी ली। सीओ ने मंदिर की सुरक्षा में फिलहाल सिपाही तैनात करने का आश्वासन दिया है।


चोरी नहीं हो पाई है। चोरी का प्रयास किया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। मंदिर की सुरक्षा के लिए फिलहाल सिपाही लगाए जाएंगे।
- अजय कुमार मिश्रा, एसओ सिंगाही
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