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अब खुद को बचाने में जुटे अधिकारी
Updated Fri, 09 Jun 2017 07:23 PM IST
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लखीमपुर खीरी। राजापुर मंडी में आढ़तियों के फड़ पर खुलेआम सरकारी बोरों में पैक किए जा रहे गेहूं की बरामदगी के मामले में अधिकारी अपना पल्ला झाड़ते हुए खुद को बचाने में जुटे हैं। मौके से बरामद 1214 गेहूं किस फर्म या आढ़तिए का है, जिसका पता लगाने के बजाय माल को लावारिस मानते हुए शुक्रवार को जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई। सरकारी बोरे में गेहूं की पैकिंग और उसे सरकारी क्रय केंद्रों पर सप्लाई किए जाने के गंभीर मामले में डीएम आकाशदीप ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि राजापुर मंडी में बिचौलिओं के माध्यम से सस्ते रेट पर खरीदे गेहूं को सरकारी बोरों में भरकर क्रय केंद्रों पर बेचने का गोरखधंधा काफी दिनों से चल रहा था। सरकारी खरीद में प्रदेश सरकार की सख्ती के बावजूद बेखौफ आढ़तिए खुलेआम फड़ (चबूतरे) पर सरकारी बोरों में गेहूं की पैकिंग करा रहे थे, जिसकी शिकायत मिली तो एसडीएम सदर आलोक वर्मा के निर्देश पर डिप्टी आरएमओ कौशल देव और मंडी सचिव राजेश यादव ने गुरुवार की शाम को छापा मारकर 1214 सरकारी बोरों में भरा गया गेहूं बरामद किया था। इस कार्रवाई से पहले करीब पांच नायब तहसीलदार बालकृष्ण और वरिष्ठ विपणन निरीक्षक प्रीती पांडेय की जांच के दौरान करीब दो हजार से अधिक बोरे थे, लेकिन कार्रवाई में देरी से आढ़तिए काफी माल मौके से हटाने में कामयाब रहे। बरामद माल पर किसी आढ़ती या एजेंसी ने अपना दावा प्रस्तुत नहीं किया, जिससे डिप्टी आरएमओ ने 1214 बोरे गेहूं को आढ़तिए अभिजात मिश्रा की फर्म की सुपुर्दगी में दे दिया। इन बोरों में कुछ 60 किलो और 50 किलो गेहूं भरा गया है।
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गोरखधंधे की किसी अधिकारी को नहीं लगी भनक!
खुलेआम आढ़त पर सरकारी बोरों में गेहूं पैकिंग किए जाने के मामले में सबसे पहले मंडी के अधिकारी सवालों के घेरे में हैं। तो वहीं मंडी में संचालित होने वाले सरकारी क्रय केंद्रों पर सवाल उठना लाजिमी है। इसके अलावा अलावा वरिष्ठ खाद्य निरीक्षक का भी दफ्तर मंडी में है। मामले की गंभीरता से जांच हुई तो अधिकारियों के साथ ही गोरखधंधा करने वाले सफेदपोश भी बेनकाब हो जाएंगे, जिसमें सत्तापक्ष के कुछ लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
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सीतापुर से आए गेहूं को कहां खपाया
राजापुर मंडी में कुछ आढ़तिए काफी समय से पड़ोसी जिला सीतापुर की मंडी से गेहूं मंगा रहे थे, जिसकी कुछ इंट्री मंडी गेट पर पाई गई है। इसमें कुछ फर्मों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके द्वारा गेहूं को सरकारी केंद्रों पर खपाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इस मामले में मंडी सचिव राजेश यादव ने जांच करने की बात कही है।
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बरामद गेहूं को जब्त कर एक फर्म की सुपुर्दगी में दिया हैै। एफसीआई और मार्केटिंग के केंद्रों पर जांच में बोरे का स्टाक सही मिला है। अभी तक किसी ने बरामद माल पर अपना दावा प्रस्तुत नहीं किया है। मामले की जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। एफआईआर कराने का आदेश मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
कौशल देव, डिप्टी आरएमओ
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