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सीतापुर के ऑटो लिफ्टर गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार

Thu, 30 May 2019 02:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2019 02:29 AM IST
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सीतापुर के ऑटो लिफ्टर गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार
लखीमपुर खीरी। शहर में धड़ाधड़ बाइक चुराने वाले सीतापुर के ऑटो लिफ्टर गैंग के दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो एक बड़ा खुलासा हुआ। यह गैंग बाइक चुराने के बाद उन्हें कहीं और नहीं, बल्कि एसपी के पुराने बंगले में ही छुपाते थे। पुलिस को खंडहर हो चुके इस बंगले के साथ ही जिला अस्पताल को उन्होंने चोरी का माल छुपाने के लिए अड्डा बना रखा था। दोनों जगह से पांच बाइक मिलीं।
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सिविल लाइंस स्थित एसपी के पुराने बंगले को चोरी की बाइक छुपाने का अड्डा बनाए जाने की बात खुद एसपी पूनम ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताई। एसपी ने बताया कि मंगलवार की रात करीब 8.10 बजे मुखबिर से सूचना मिलने पर संकटा देवी चौकी इंचार्ज अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने राजापुर क्रासिंग के पास बाइक सवार दो लोगों को पकड़ा। इनमें से एक की पहचान सीतापुर जिले के लहरपुर थाना के गांव कटरा निवासी इशहाक और दूसरे की पहचान कोतवाली सदर सीतापुर के गांव देवीपुर निवसी राजेश के तौर पर हुई। गिरफ्तारी के वक्त वे दोनों चोरी की बाइक पर ही सवार थे। बाद में पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने बताया कि वे सहयोगी शफीक निवासी उभरा थाना लहरपुर सीतापुर के साथ मिलकर लखीमपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों से बाइक चोरी करते थे। फिर बाइक की नंबर प्लेट और इंजन व चेचिस नंबर बदलकर बाइक बेच देते थे। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग के पास बने शौचालय के नजदीक से और एसपी के पुराने बंगला के अंदर से पांच बाइक बरामद हुईं हैं। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाली के एसआई शिवप्रकाश पांडेय, सिपाही विजय शर्मा, अफजल परवेज, विष्णु कुमार, अरविंद कुमार, सागर चौधरी, पवन यादव शामिल रहे।
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11 साल से लावारिस पड़ा है बंगला
एसपी के जिस पुराने खंडहर बंगले से चोरी की बाइक मिलीं, वहां 2007 तक एसपी रहते थे। इस बंगले के दोनों तरफ आबादी है और काफी चहल-पहल भी रहती है। वहीं अंदर बंगले में अवैध धंधा चल रहा था। चूंकि पुलिस से जुड़ा मामला था, इसलिए लोगों का ध्यान उधर नहीं जाता था। इसी का फायदा गैंग उठा रहा था। नशेड़ी भी इस खंडहर में मौज करते हैं। कुछ लोग अंदर कंडे भी पाथते हैं, मगर उन्होंने भी कभी इसलिए पुलिस को जानकारी नहीं दी कि कहीं उन्हें भी न रोक दिया जाए। वहीं पुलिस तो लापरवाह बनी ही रही।
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