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बेटे के गम में मां ने की आग लगाने कोशिश, झुलसी
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गोला गोकर्णनाथ। हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव अहमदनगर निवासी 55 वर्षीय शशि मिश्रा ने बेटे के गम में आग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, जिससे वह झुलस गईं। गनीमत रहीं कि परिवार के लोगों ने दिख लिया तो उन्होंने किसी तरह बचा लिया, फिरभी गर्दन के पास और हाथ झुलस गए। शशि के दामाद और बेटी ने उन्हें सीएचसी भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सीएचसी में भर्ती शशि मिश्रा के दामाद रवि कुमार और पुत्री मीनाक्षी देवी निवासी पिपरिया कप्तान ने बताया कि शशि के पुत्र 22 वर्षीय अभिषेक मिश्रा चुन्ना की छह मई को खुटार रोड पर हादसे में मौत हो गई थी। बेटी दामाद ने बताया कि इसी बदकिस्मती ही कहेंगे कि पांच पुत्रों में लकी, विकी, अन्ना, छोटू सहित चार की मौत बचपन में ही हो गई थी। अभी छह माह पूर्व शशि के पति गिरीश मिश्र की भी मौत बीमारी के चलते हो गई थी। इसी तरह शशि ने अपने आप को संभाला और 22 अप्रैल को अपने छोटे बेटे अभिषेक की शादी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। छह मई को खुटार रोड पर उनके बुढ़ापे की अंतिम लाठी अभिषेक की मौत सड़क हादसे में हो गई, जिससे वह टूट गई। बदहवासी में शशि अपने बेटे के पास ही जाने की जिद लगाए है। वह यह भी नहीं जान पाई कि कब उनके बेटे का अंतिम संस्कार हुआ है। बेटी दामाद ने रोते हुए बताया कि आठ मई को शशि ने पहले फांसी लगाने का प्रयास किया, फिर अपने हाथ की नस काटने के और बाद में उन्होंने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन घर में मौजूद लोगों ने उन्हें बचाकर सीएचसी भर्ती कराया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है।
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सीएचसी में भर्ती शशि मिश्रा के दामाद रवि कुमार और पुत्री मीनाक्षी देवी निवासी पिपरिया कप्तान ने बताया कि शशि के पुत्र 22 वर्षीय अभिषेक मिश्रा चुन्ना की छह मई को खुटार रोड पर हादसे में मौत हो गई थी। बेटी दामाद ने बताया कि इसी बदकिस्मती ही कहेंगे कि पांच पुत्रों में लकी, विकी, अन्ना, छोटू सहित चार की मौत बचपन में ही हो गई थी। अभी छह माह पूर्व शशि के पति गिरीश मिश्र की भी मौत बीमारी के चलते हो गई थी। इसी तरह शशि ने अपने आप को संभाला और 22 अप्रैल को अपने छोटे बेटे अभिषेक की शादी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। छह मई को खुटार रोड पर उनके बुढ़ापे की अंतिम लाठी अभिषेक की मौत सड़क हादसे में हो गई, जिससे वह टूट गई। बदहवासी में शशि अपने बेटे के पास ही जाने की जिद लगाए है। वह यह भी नहीं जान पाई कि कब उनके बेटे का अंतिम संस्कार हुआ है। बेटी दामाद ने रोते हुए बताया कि आठ मई को शशि ने पहले फांसी लगाने का प्रयास किया, फिर अपने हाथ की नस काटने के और बाद में उन्होंने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन घर में मौजूद लोगों ने उन्हें बचाकर सीएचसी भर्ती कराया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है।
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